● कुमुद मिश्र और आपकी मुख्य भूमिका वाला आपके ग्रुप डी फॉर ड्रामा का नाटक पुराने चावल खासा पॉपुलर हो चला है. बहुत जल्द इसी सप्ताहांत जयपुर में उसका 60वां शो है. क्या वजह देखते हैं आप इसकी लोकप्रियता की?
अपने जमाने के दो कामयाब ऐक्टर्स की ह्यूमरस कॉमेडी है. वे शुरू में नफरत करते दिखते हैं पर आखिर में उनका जुड़ाव समझ में आता है. दर्शक उनके संवादों पर हंसते भी हैं और रिलेट भी करते हैं. किसी को उनमें अपना भविष्य दिखता है तो किसी को आसपास के नाते-रिश्तेदारों का वर्तमान.
● आपका कौन-सा नया नाटक आने वाला है?
आदित्य बिरला ग्रुप के थिएटर इनिशिएटिव आद्यम के लिए पुराने चावल वाले सुमीत व्यास के ही निर्देशन में कुमुद जी और अन्य के साथ हेनरी लेविस का द प्ले दैट गोज़ राँग अक्तूबर में कर रहे हैं. प्ले विदिन प्ले मर्डर मिस्ट्री. डी फॉर ड्रामा के लिए एक नाटक निर्देशित करने की योजना है:
छोटे शहर से महानगर पहुंचा एक नवविवाहित दंपती. पत्नी एक्स्ट्रोवर्ट, पति ग्राउंडेड. फिर पर्सनालिटी क्लैश और बड़े शहर के यथार्थ से उनका पाला. मूलत: नील साइमन का है. दीवार में एक खिड़की रहती थी की हल्की-सी छाया दिखती है उसमें. अभी पढ़ रहे हैं. हम अपने हिसाब से करेंगे.
● मिर्जापुर वेब सीरीज जिसमें आप कालीन भैया के प्रतिद्वंद्वी डॉन रतिशंकर शुक्ला थे, अब सिनेमा वर्जन में आ रही है...
यह एक्सेप्शनल है. इसमें मेरा रोल छोटा ही था और उसे भी 5-7 साल हो गए पर अब भी लोग मुझे उससे पहचानते हैं. वैसे मेरी एक और अहम सीरीज आ रही है द ब्यूरोक्रैट, सिविल की तैयारी कर रहे एक नाकाम शख्स का किस्सा. इसमें अमोल पराशर के साथ पहली बार काम का मौका मिला.
● अभी आप क्या पढ़ रहे हैं?
थॉमस पिकेटी की कैपिटल इन द ट्वेंटीफर्स्ट सेंचुरी पढ़ने की कोशिश कर रहा हूं. ग्रीस के वित्त मंत्री रहे और कर्ज की शर्तें न मानते हुए इस्तीफा देने वाले यानिस वरोफाकिस की एडल्ट्स इन द रूम दोबारा पढ़ रहा हूं. कमाल की किताब है.
और द कंप्लीट प्रीफेसेज़ ऑफ जॉर्ज बर्नाड शॉ. (सत्यदेव) दुबे जी को यह बहुत पसंद थी. शॉ के नाटकों से पहले लिखे अनुच्छेदों का संकलन है. किसी विषय पर उनका पूरा एक दृष्टिकोण. इसका डिजिटल वर्जन मिला है.

