लॉस्ट में मंझे हुए नेता रंजन वर्मन के रोल में ऐसा क्या खास दिखा जिसके चलते आपने उसे किया? क्या ग्रे किरदार आपको अपील करते हैं?
स्क्रिप्ट की वजह से. श्यामल सेनगुप्ता और रितेश शाह ने कमाल का कसा हुआ, बारीक बुनावट वाला थ्रिलर लिखा है. इसको पढ़ते वक्त जैसे मैं खुद को ही भूल जाता था. इस रोल ने मुझे चौंकाया. ऐसा रोल पहले कभी मेरे पास नहीं आया. खतरनाक पर स्टाइलिश विलेन का रोल करने में तो किसी भी ऐक्टर को मजा ही आता है.
शुरुआती फिल्मों में समीक्षकों से सराहना और लोकप्रियता पाने के बावजूद आपने खुद को बुटीक (सीमित) क्यों कर लिया था?
मैं दरअसल अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए बतौर बायो 'बुटीक बॉलीवुड ऐक्टर' इस्तेमाल करता हूं. पता नहीं लोग इसका यह अर्थ कैसे निकाल लेते हैं कि इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए! मैं सुनता आया था कि बुटीक का अर्थ होटल से लेकर छोटी निवेश कंपनी तक होता है. मुझे लगा मेरे लिए भी यह फिट है.
आपका फैशन सेंस कुछ इस तरह का है जैसे कि सामान्य को क्लासिक से जोड़ दिया गया हो. इस सेंस और सलीके ने कैसे आकार लिया?
मैं हमेशा ही सिंपल, क्लासिक कपड़े पसंद करता था. जब मैं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आया तो यहां लोग फैशन और पर्सनल स्टाइल के लिए मेरी तारीफ करने लगे. बचपन में फिल्में, किताबें और फैमिली एल्बम मुझे बहुत प्रभावित करते थे. हमारे यहां कई पुराने लोग बड़े स्टाइलिश रहे हैं. एक प्रौढ़ के रूप में मुझे सिद्धांतवादी स्टाइलिस्ट प्रेरित करते हैं. एक बार डिजाइनर टॉम फोर्ड के साथ मैं एक फ्लाइट में था. उनके अंदाज को देखकर मेरी तो आंखें फटी रह गईं. हिंदुस्तान में दिवंगत जीवी सेठी का पहनावा और गोवा में उनके घर का सलीका मुझे भाया.
हममें से ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर अपनी हंसी-खुशी की बातें साझा करते हैं. आपके बारे में तो धारणा है कि आप सबसे संभ्रांत लोगों में से हैं. पर कभी दुख और निराशा के दिन भी आते हैं?
यह उद्धरण मेरा पसंदीदा है: ''दूसरे आपके बारे में जो भी सोचते हैं उससे आपका लेना-देना ही नहीं.'' सोशल मीडिया से आप किसी की जिंदगी के बारे में क्या ही अंदाज लगा पाते हैं! इसे हाइलाइट ब्रोशर समझिए. मैं नितांत एकांतप्रिय आदमी हूं.
—प्रिया पाथियान

