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दुती चंद की नजर ओलिंपिक 2022 पर

अब 2022 ओलंपिक की तैयारी में जुटीं एथलीट दुती चंद.

कृष्णेंदु हलदर
कृष्णेंदु हलदर
अपडेटेड 11 जुलाई , 2018

एथलीट दुती चंद से मोना रमावत की बातचीत, पेश हैं अंशः

आपने दक्षिण अफ्रीकी एथलीट कास्टर सेमेन्या को अपनी लीगल टीम की कानूनी मदद का प्रस्ताव दिया?

मैं उनसे 2016 में रियो ओलंपिक के दौरान मिली थी. मैंने मदद के बारे में उन्हें ई-मेल भेजा, ताकि वे इंटरनेशनल एसोशिएसन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन के नए कायदों को चुनौती दे सकें. मेरी अंग्रेजी ठीक नहीं, पर वे भावुक हो गईं.

ओलंपिक चैनल के फाउल प्ले सीरीज में आपकी तुलना यहूदी हाइ जंपर मार्गरेट लंबर्ट से की गई है जिन्हें 1936 ओलंपिक में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था...

मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं. मेरी तुलना पी.टी. उषा से भी की जाती है. यह बहुत बड़ी प्रेरणा है.

आइएएएफ से 2014 में हाइपरएंड्रोजेनिज्म (महिलाओं में पुरुष हॉर्मोन ज्यादा बनना) के मामले में भी किस बात से प्रेरणा मिलती रही?

भारत के लिए पदक जीतना. स्कूली दिनों से लेकर इस मामले के मुश्किल दौर तक यह हमेशा से मेरा सबसे बड़ा सपना रहा है. अब मैं 2022 ओलंपिक की तैयारी कर रही हूं.

आपके गृह राज्य ओडिशा में लोग आपकी कामयाबी पर क्या कहते हैं?

हर नई उपलब्धि के बाद वे लोग रोमांचित हो उठते हैं. जब मैं घर जाती हूं, पास-पड़ोस के बच्चे मेरे साथ दौडऩे निकलते हैं.

इन दिनों बॉलीवुड बायोपिक बनाने को लेकर बहुत उत्साहित है...

मुझे प्रस्ताव मिल रहे हैं. लेकिन अगले पांच साल तक के लिए मेरा पूरा ध्यान खेल पर है. फिर भी इसे बनने की बात चलती रही, तो मैं चाहूंगी इसका नाम बॉर्न टु रन रहे.

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