कांग्रेस और बीजेपी के बीच भगवा आतंकवाद पर ऐसा घमासान है कि बजट सत्र खटाई में पड़ सकता है. गृह मंत्रालय का आरोप है कि बीजेपी और संघ आतंकवादी शिविर चलाते हैं. सबूत कहां है?
जब भी इलेक्शन आते हैं, बीजेपी धर्म की राजनीति करती है. कुछ ब्लास्ट्स के लिए जिम्मेदार जो भी लोग पकड़े गए, उन सभी के संबंध आरएसएस या बीजेपी से हैं.
धर्म की राजनीति तो सबसे पहले आपके सहयोगी ने शुरू की.
हमने धर्म की राजनीति कभी नहीं की. हमने इंसान और इंसानियत की राजनीति की है. हाल ही में बीजेपी की बैठक हुई जिसमें स्पष्ट रूप से बीजेपी/आरएसएस ने यह कहा है कि मुद्दा राम मंदिर का है.
आरोप है कि संघ और बीजेपी आतंकवादी शिविर चलाते हैं.
सुनील जोशी कौन थे, आरएसएस के थे. आखिर क्यों बीजेपी के नेता धमाके के जिम्मेदार लोगों से मिलने गए?
आप तो शिंदे जी से भी आगे निकले.
आरएसएस एक संगठन है जिसके लोगों ने आतंकवादी गतिविधियों में हिस्सा लिया.
फर्ज कीजिए, कांग्रेस के भी कई नेता मर्डर और रेप केस में इंनवॉल्व हैं पर किसी ने यह नहीं कहा कि कांग्रेस क्रिमिनल्स की पार्टी है.
हमने नहीं बोला कि बीजेपी क्रिमिनल पार्टी है. कुछ लोग पकड़े गए हैं, जिनका संबंध बीजेपी और आरएसएस से है. पर धर्म को लाने की बात कहां से आ गई?
बजट सत्र शुरू होने वाला है. बीजेपी ने साफ कर दिया है कि शिंदे का बहिष्कार हो. ऐेसे में सत्र कैसे चलेगा?
जब भी सत्र शुरू होने वाला होता है, बीजेपी कोई-न-कोई ऐसा मुद्दा ले आती है कि सत्र चल न सके. बीजेपी संसद में चर्चा की बजाए टीवी पर क्यों भाषण करना चाहती है?
कांग्रेस इससे चिंतित है कि मोदी दिल्ली आ रहे हैं. ऐसे में राहुल गांधी का क्या होगा?
हमने कभी धर्म के आधार पर राजनीति नहीं की. यह बीजेपी का खेल रहा है. जब इलेक्शन आते हैं तो बीजेपी बांटने की बात करती है. कांग्रेस एक सोच और मजबूत नेतृत्व के साथ लड़ेगी.
यह बताइए कि सरकार लोकपाल को लगातार कमजोर क्यों कर रही है?
यह गलत बात है. लोकपाल को जितना मजबूत किया जा सकता था, हमने किया है. भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए 16 में से 14 संशोधन हमने मान लिए हैं.
कांग्रेस ने घोटालों में सभी रिकॉर्ड तोड़े हैं.
वे सभी अनुमानित घाटे हैं. लाखों करोड़ की बात करना गलत है. और सीएजी की रिपोर्ट भी अनुमान पर आधारित है.
तो क्या सीएजी सियासी पार्टी की तरह काम कर रही है?
नहीं, पर रिपोर्ट आने से पहले ही चीजें लीक हो रही हैं. इस पर भी नियंत्रण बनाने की जरूरत है.
जस्टिस वर्मा ने रिपोर्ट दी कि किस तरह रेप के कानूनों को सुधारा जाए. लेकिन जो सबसे अहम सुझाव थे, वे आपने माने नहीं.
30 दिन में रिपोर्ट आई और आठ दिन में कांग्रेस ने इसे लाने का काम किया. ये ऐतिहासिक कदम है कि इतनी जल्दी कानून बना है.
सीधी बात कार्यक्रम आजतक चैनल पर हर रविवार रात 8.30 बजे प्रसारित होता है.

