आनंद चौधरी
राजस्थान के शेखावाटी इलाके की सरदारशहर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपना जादू बरकरार रखा है. यहां से कांग्रेस प्रत्याशी अनिल शर्मा ने भाजपा के अशोक पिंचा को 26,852 वोटों से शिकस्त दी. यह चुनाव इसलिए भी खास था क्योंकि इसे राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था.
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के लिए सरदारशहर उपचुनाव की हार बड़ा झटका है क्योंकि यहां भाजपा उम्मीदवार के प्रचार की कमान वे और विधानसभा में पार्टी के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ही संभाल रहे थे. स्टार प्रचारकों की सूची में नाम होने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे प्रचार के लिए नहीं आईं.
राजस्थान में अब तक हुए अधिकांश उपचुनावों से वसुंधराराजे ने दूरी बनाए रखकर यह साबित करने की कोशिश की है कि उनके बिना राजस्थान में भाजपा की जीत मुश्किल है. 2018 के बाद पिछले चार साल में राजस्थान में आठ विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए हैं जिनमें से छह विधानसभा क्षेत्रों में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बाजी मारी है.
पिछले दस साल की बात करें तो भी राजस्थान में हुए उपचुनाव कांग्रेस को तसल्ली देने वाले रहे हैं. 2014 से अब तक राजस्थान में 13 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए हैं जिनमें 11 पर कांग्रेस को जीत मिली है. 2013 में राजस्थान में भाजपा की वसुंधराराजे सरकार थी. उस दौरान पांच उपचुनाव हुए जिनमें से चार में कांग्रेस को जीत मिली.
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है, ''उपचुनावों में एक के बाद एक कांग्रेस को मिली जीत से यह साफ है कि राजस्थान की जनता का कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार के विकास में विश्वास कायम है.’’
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया कहते हैं, ''सरदारशहर सीट का इतिहास ऐसा ही रहा है कि 15 चुनावों में से सिर्फ 1 में भाजपा को जीत मिली. कांग्रेस को इस उपचुनाव की जीत से खुशफहमी हो सकती है लेकिन 2023 का चुनाव भाजपा ही जीतेगी.‘’

