ध्यान न केवल तनाव से जूझने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि यह सांस और रक्तचाप को नियंत्रित कर किसी भी व्यक्ति के समग्र भौतिक कल्याण में भी योगदान कर सकता है. हालांकि यह ऐसी प्रक्रिया है, जो अक्सर नए व्यायाम करने वाले लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है.
हमारी रोजमर्रा की लंबी आवाजाही, व्यस्त कार्यक्रम, सोशलाइजिंग और निरंतर संचार शामिल होते हैं, अपने भीतर शांति की तलाश रातोरात नहीं हो सकती है.
बेंगलूरू स्थित सूक्या के संस्थापक और समग्र चिकित्सक डॉ. इसाक मथाई कहते हैं, ''एक बार जब आप तीन से पांच मिनट के ध्यान का फायदा होते देखेंगे, तो आप स्वत: ही ध्यान का समय बढ़ाना शुरू कर देंगे.''
इस समय हम जिस तरह से एक महामारी का सामना कर रहे हैं, अपने विचारों को सुलझाने, अत्यधिक भय को दूर भगाने तथा बेहद गहरे आध्यात्मिक स्तर पर खुद को स्वस्थ रखने के लिहाज से ध्यान महत्वपपूर्ण उपाय हो सकता है.
सांस छोड़ने के लिए प्रतीक्षा करें
-तीन से पांच मिनट के ध्यान से शुरुआत करें
-अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करें, जब यह आपकी नाक और फेफड़ों से गुजरती है.
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