scorecardresearch
डार्क मोड

“अखि‍लेश सरकार के चलते जो सांड़ सड़क पर आए, योगी सरकार उन्हें नंदी मानकर आश्रय देगी”

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में पशुधन और दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्याओं के निबटारे के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू करने जा रहे हैं. इस अभियान के तहत नवंबर से एक भी निराश्रित पशु सड़क पर नहीं दिखेगा. इस अभियान की तैयारियों में व्यस्त धर्मपाल सिंह ने लखनऊ स्थ‍ित विधान भवन में इंडिया टुडे से एक्सक्लूसिव बातचीत कर निराश्रित पशुओं की रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी

पशुधन और दुग्ध विकास विभाग मंत्री धर्मपाल सिंह, उत्तर प्रदेश
पशुधन और दुग्ध विकास विभाग मंत्री धर्मपाल सिंह, उत्तर प्रदेश
अपडेटेड 1 सितंबर , 2023
  • निराश्रित पशुओं की समस्याओं को लेकर लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. बरेली में जानवरों समेत लोगों ने आपका घेराव किया था?

बरेली में पशु पॉलीक्लीनिक का शि‍लान्यास था. वहां मेरे अलावा विभागीय अपर मुख्य सचिव समेत कई अधिकारी मौजूद थे. कुछ असामाजिक तत्वों ने किसानों को भड़का दिया कि अगर वे गायों को सड़क पर खड़ा कर देंगे तो उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा. किसान इन लोगों के झांसे में आ गए और उन्होंने हम लोगों का घेराव किया. ये किसान जिस गांव के थे उसका हमसे भी संपर्क था. गलती पता चलने पर किसान मेरे पास आए. माफी मांगी. मैं भी इन किसानों के गांव गया. सभा हुई. मैंने इन किसानों पर गायों के साथ दुर्व्यव्हार करने के आरोप में जो मुकदमे दर्ज हुए थे, उन्हें वापस लेने का आश्वासन दिया. 

  • सरकार के कई प्रयासों के बावजूद निराश्रित गोवंश की समस्या समाप्त क्यों नहीं हो रही है?

सरकार अपना पूरा बजट भी अगर खर्च कर दे तो भी निराश्रित गोवंश की समस्या तब तक खत्म नहीं होगी जबतक समाज नहीं खड़ा होगा. जब तक लोग गाय छोड़ना बंद नहीं करेंगे. 

  • लेकिन केवल कहने से लोग गोवंश छोड़ना बंद नहीं करेंगे? सरकार क्या कर रही है?

सरकार ने गाय आधारित खेती को बढ़ावा देना शुरू किया है. इसके अच्छे नतीजे भी आने शुरू हुए हैं. 

  • पर जो निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं उनका क्या करेंगे?

सरकार एक बड़ा अभियान चलाने जा रही है जिसमें तहत नवंबर तक सभी निराश्रित गोवंश को हर हाल में आश्रय स्थलों में पहुंचा दिया जाएगा. यह अभियान तीन चरणों में चलेगा. इसके तहत प्रदेश के सभी मंडलों को तीन भागों में बांटा गया है. पहला चरण 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चलेगा. इस दौरान  पश्च‍िम के छह मंडलों में निराश्रित गोवंश पकड़े जाएंगे. इसके बाद अगले 20 दिन दूसरे छह मंडलों में अभियान चलेगा. इस अभियान के बाद अगले 20 दिन बाकी बचे छह मंडलों में निराश्रित गोवंश पकड़े जाएंगे. इस तरह दो महीनों के अभि‍यान में सभी निराश्रित गोवंश को आश्रय स्थलों में पहुंचा दिया जाएगा. इसके लिए जिलाधिकारी समेत सभी विभागीय अधिकारियों को लगाया जाएगा. 

  • पकड़कर रखेंगे कहां, कई जिलों में आश्रय स्थल पहले से ही जानवरों से भरे हुए हैं? 

अभियान शुरू होने से पहले गोशालाओं का विस्तारीकरण भी किया जाएगा. पशुओं के खाने का प्रबंध भी किया जाएगा. 

  • इस बात की क्या गारंटी कि जो पशु आश्रय स्थल पहुंचेगा वहां सुरक्षि‍त रहेगा?

इसके लिए सरकार 15 दिसंबर तक एक अभि‍यान और चलाकर निराश्रित पशुओं की इयर टैगिंग भी कराएगी. इससे यह पता चल जाएगा कि निराश्रित गोवंश को किसने छोड़ा है. इस गोवंश से हुए नुकसान की भरपाई उस किसान से की जाएगी जिसने इसे निराश्रित छोड़ा है. आवश्यक हुआ तो पशु क्रूरता अधि‍नियम में कार्रवाई भी की जाएगी. 

  • सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव लगातर सड़कों पर आवारा घूमते सांड़ को लेकर आपकी सरकार पर तंज कस रहे हैं? 

सड़कों पर सांड़ अखि‍लेश सरकार की गलत नीतियों की ही देन है. एक दो साल में तो पैदा नहीं हो गए हैं. हम तो अखि‍लेश सरकार का पाप ढो रहे हैं. अखिलेश सरकार के कारण जो सांड़ सड़कों पर आए योगी सरकार उन्हें नंदी मानकर आश्रय दे रही है. इनके लिए नंदी शालाएं बनाई जा रही हैं. 

  • योगी सरकार ने पहले भी ‘काऊ सफारी’बनाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक यह हकीकत में नहीं उतरी है?

काऊ सफारी बनाने की बात चली तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सलाह दी कि गाय कोई जंगली जानवर तो है कि उसके लिए सफारी या अभ्यारण्य बनाया जाए.मुख्यमंत्री ने कान्हा उपवन बनाने की सलाह दी. सभी जिलों में कान्हा उपवन बनाई जा रही हैं. 

  • लोग यह भी कहते हैं कि योगी सरकार में अवैध स्लॉटर हाउस बंद होने से निराश्रित पशुओं की समस्या बढ़ी है? 

इसका कारण कुछ भी हो सकता है. पहले गाय कसाई को देखकर कांपती थी अब कसाई गाय को देखकर कांपता है. योगी सरकार की इतनी हनक तो है. पूर्व की सरकारों की प्राथमिकता कसाई था, हमारी सरकार की प्राथमिकता किसान है. 

  • जिलों में जिला पंचायत, नगरीय निकाय, जिला प्रशासन, गो सेवा आयोग अलग-अलग गोशालाओं का संचालन कर रहा है. इससे आपस में सांमजस्य स्थापित करने में दिक्कतें हैं?

हम सभी प्रकार की गोशालाओं में सामंजस्य बिठा रहे हैं. जिलाधिकारी, सीडीओ और शासन से भेजे गए नोडल अधिकारी सभी गोशालाओं की निगरानी करते हैं. 

  • पिछले दिनों भूसे, चारे का दाम काफी बढ़ जाने से पशुओं के भोजन का संकट हो गया था. ऐसी स्थ‍ितियां फिर आई तो क्या होगा? 

 

सरकार ने बड़े पैमाने पर चारागाहों को अतिक्रमण मुक्त कराया है. इन पर नेपियर घास उगाई जा रही है. अब चारे की कोई समस्या नहीं होगी. हर जिले में भूसा बैंक भी बनाया गया है. 

  • आवारा सांड़ को पकड़ने के दौरान या इन सांड़ के चलते कोई घायल हो जाए या मृत्यु हो जाए तो सरकार के पास सहायता राशि‍ देने की कोई योजना नहीं है?

इसके लिए किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत  मृतक के आश्रित को पांच लाख रुपए सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है. 

  • चेयरमैन न होने से गो सेवा आयोग भी निर्जीव पड़ा है?

जल्द ही गो सेवा आयोग में चेयरमैन नियुक्त कर दिया जाएगा. 

ADVERTISEMENT
Advertisement