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जापान में गोल्ड और चंडीगढ़ में हार, टीम इंडिया की दो टीमों की कहानी अलग क्यों रही?

3 अक्टूबर को जापान में पाकिस्तान पर जीत के साथ भारत ने गोल्ड जीता, लेकिन चंडीगढ़ में वेस्टइंडीज से हार ने वर्ल्ड कप से पहले टीम की कुछ कमियां सामने ला दीं

एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराने के बाद टीम इंडिया
अपडेटेड 6 अक्टूबर , 2026

अक्टूबर की 3 तारीख को टीम इंडिया ने एक तरफ क्रिकेट में गोल्ड मेडल जीता तो दूसरी तरफ एक ऐसे मैच में हार गई जिसका टूर्नामेंट पर कोई असर नहीं पड़ना था. जापान के निस्शिन में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों वाली टी20 टीम ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का खिताब बरकरार रखा. 

दूसरी तरफ भारत में न्यू चंडीगढ़ में एक अलग भारतीय टीम ने पहले ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना रखी थी. उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 7 विकेट पर 351 रन बनाए फिर भी मैच हार गई.

वेस्टइंडीज ने 10 गेंद बाकी रहते मैच जीत लिया. एक भारतीय टीम जापान में टूर्नामेंट खत्म कर रही थी. दूसरी टीम, जो जसप्रीत बुमराह के बिना खेल रही थी, घरेलू मैदान पर सीखने की कीमत चुका रही थी.

कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला गया एशियाड फाइनल भारत के नियंत्रण में था और काफी समय तक ऐसा ही रहा. श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. पाकिस्तान ने दोनों छोर से स्पिन के साथ गेंदबाजी शुरू की. वैभव सूर्यवंशी ने 9 गेंदों पर 15 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल थे. तीसरे ओवर की पहली गेंद पर टीम के 28 रन के स्कोर पर सैम अयूब की गेंद पर विकेटकीपर उस्मान खान ने उनका कैच लिया.

पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजी करते अभिषेक शर्मा
पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजी करते अभिषेक शर्मा

इसके बाद संजू सैमसन आउट हुए और फिर अभिषेक शर्मा ने मैच का रुख ही बदल दिया.  उन्होंने 28 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और सात छक्के शामिल थे. उन्हें अराफात मिन्हास की गेंद पर उस्मान खान ने स्टंप किया. 7.5 ओवर में भारत का स्कोर 3 विकेट पर 93 रन था. साद मसूद के तीन ओवर में 33 रन बने और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. पावरप्ले में ही पाकिस्तान को अंदाजा हो गया था कि आगे क्या होने वाला है.

मध्य के ओवरों में मुकाबला कुछ हद तक बराबरी का रहा. मिन्हास ने 3 ओवर में 25 रन देकर दो विकेट लिए. उन्होंने ईशान किशन को 20 रन पर बोल्ड किया. अबरार अहमद ने अय्यर का 21 रन पर कैच कराया. 

15वें ओवर की पहली गेंद पर भारत का स्कोर 5 विकेट पर 133 रन था और करीब 170 रन का स्कोर संभव नजर आ रहा था. अभिषेक के क्रीज पर रहते 250 रन का स्कोर भी संभव लग रहा था लेकिन वह नहीं बन सका तो इसकी एक वजह कप्तान अय्यर भी थे. अय्यर ने 24 गेंदों पर 21 रन बनाए, उनका स्ट्राइक रेट 87 रहा. सैमसन ने इससे पहले चार गेंदों पर सिर्फ 2 रन बनाए थे. दोनों ने मिलकर 28 गेंदों पर सिर्फ 23 रन जोड़े.

इसके बाद मैच को संभालने का काम फिनिशिंग जोड़ी ने किया. तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने छठे विकेट के लिए पांच ओवर में 62 रन जोड़े. तिलक 22 गेंदों पर 51 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने तीन चौके और चार छक्के लगाए. 

दुबे ने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे. उन्हें टीम के 6 विकेट पर 195 रन के स्कोर पर अहमद दानियाल ने कैच कराया. दोनों ने आखिरी चार ओवरों में छह छक्के लगाए और इस दौरान पाकिस्तान के स्पिनरों की गेंदबाजी की लेंथ बिगड़ गई.

भारत ने 6 विकेट पर 211 रन बनाए. आंकड़ों के मुताबिक भारत ने कुल 15 छक्के लगाए. इनमें अभिषेक के सात, तिलक के चार, सूर्यवंशी के दो और दुबे के दो छक्के शामिल थे. दानियाल के तीन ओवर में 43 रन बने और उन्हें दो विकेट मिले. अक्षर पटेल 1 रन पर नाबाद रहे. वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई और बुमराह को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला.

पाकिस्तान की पारी में जुझारूपन भी था और एक ऐसी पारी भी, जिसने भारत की पूरी कहानी बिगाड़ने का खतरा पैदा कर दिया था. हसन नवाज ने 51 गेंदों पर 96 रन बनाए जिसमें पांच चौके और सात छक्के शामिल थे. 

जसप्रीत बुमराह ने पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी ओवर बहुत संभालकर डाला
जसप्रीत बुमराह ने पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी ओवर बहुत संभालकर डाला

मैच की आखिरी गेंद पर दुबे की गेंद पर सैमसन ने उनका कैच लिया. हालांकि जब नवाज 4 रन पर थे तब एक कैच छूट गया था. सूर्यवंशी और बिश्नोई कैच लेने की कोशिश में आपस में टकरा गए थे. सैम अयूब ने 22 गेंदों पर 29 रन बनाए. दोनों ने मिलकर 48 गेंदों पर 87 रन जोड़े. पाकिस्तान का स्कोर सातवें ओवर में 3 विकेट पर 39 रन से बढ़कर 15वें ओवर में 4 विकेट पर 126 रन हो गया.

साहिबजादा फरहान को सुंदर की गेंद पर अक्षर पटेल ने कैच किया था. उन्होंने 10 रन बनाए. उस्मान खान 3 और माज सदाकत 23 रन पर आउट हुए, दोनों का कैच अक्षर ने लिया. सातवां ओवर खत्म होने से पहले ही पाकिस्तान के तीन विकेट गिर चुके थे. चौथा विकेट 126 रन के स्कोर पर गिरा.

पाकिस्तान पर दबाव बनाने का काम मुख्य स्पिनरों ने किया. अक्षर और सुंदर ने चार-चार ओवर में 29-29 रन देकर दो-दो विकेट लिए. दुबे ने 33 रन देकर दो विकेट लिए, जिसमें अयूब का विकेट और नवाज का आखिरी गेंद पर लिया गया विकेट शामिल था. 

बुमराह के चार ओवर में 33 रन बने और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. उनका इकॉनमी रेट 8.25 रहा. आखिरी ओवर में उनकी गेंदबाजी ने फर्क पैदा किया. उन्होंने 12 गेंदों पर पाकिस्तान को 44 रन से 6 गेंदों पर 33 रन की स्थिति में पहुंचा दिया. साद ने एक लो फुल टॉस पर छक्का लगाया लेकिन इसके बाद बुमराह ने पांच गेंदें यॉर्कर और धीमी कटर के साथ कीं.

बाकी गेंदबाजों की कहानी अलग रही. बिश्नोई ने 3 विकेट लेकर 44 रन दिए, अभिषेक ने 2 विकेट लेकर 23 रन दिए और दुबे ने 3 विकेट लेकर 33 रन दिए. इन तीनों के आठ ओवर में कुल 100 रन बने. इससे यह भी पता चला कि अक्षर, सुंदर और बुमराह के बाद भारत के पास गेंदबाजी में विविधता और मजबूती की कमी थी. 

पाकिस्तान ने 10 छक्के लगाए जिनमें सात नवाज के थे. उसने 6 विकेट पर 192 रन बनाए. आखिरकार भारत ने जीत का जश्न मनाया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इससे पहले भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता था.

शुभमन गिल वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए
शुभमन गिल वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए

उसी दोपहर भारत की दूसरी टीम ने यह भी दिखाया कि बेंच स्ट्रेंथ कहां तक काम आती है और कहां उसकी सीमाएं हैं. शुभमन गिल की टीम पहले ही सीरीज जीत चुकी थी. 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज ने 7 विकेट पर 295 रन बनाए थे. भारत ने 41.4 ओवर में 2 विकेट पर 300 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया था. गिल ने 108 गेंदों पर 110 रन बनाए थे, जबकि विराट कोहली 88 गेंदों पर 139 रन बनाकर नाबाद रहे थे.

30 सितंबर को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज ने 7 विकेट पर 405 रन बनाए. भारत ने 43.3 ओवर में 2 विकेट पर 406 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया. यह वनडे क्रिकेट के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज था. गिल ने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन बनाए जो इस सीरीज की सबसे बड़ी पारी थी. 

रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए. गिल ने तीन मैचों में 334 रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया. तीसरे मैच को जीतना जरूरी नहीं था. फिर भी इस मैच ने उन कमियों को सामने ला दिया जिनका गिल ने बाद में जिक्र किया.

न्यू चंडीगढ़ में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 351 रन बनाए. गिल ने जेडन सील्स की गेंद पर शाई होप को कैच थमाया. होप ने बाईं ओर पूरी लंबाई में डाइव लगाकर एक हाथ से कैच पकड़ा. 

गिल ने 6 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 1 रन बनाया. अगली ही गेंद पर कोहली बोल्ड हो गए और खाता भी नहीं खोल सके. रोहित ने 85 गेंदों पर 92 रन बनाए जिसमें 10 चौके और तीन छक्के शामिल थे. रितुराज गायकवाड़ ने 69 गेंदों पर 57 रन बनाए.

केएल राहुल ने 87 गेंदों पर नाबाद 129 रन बनाकर भारत का स्कोर 350 के पार पहुंचाया. उन्होंने 10 चौके और छह छक्के लगाए. लेकिन यह स्कोर भी काफी नहीं था. विकेटकीपिंग करने के साथ पारी की शुरुआत करने वाले होप ने नाबाद 162 रन बनाए. उन्होंने 17 चौके और तीन छक्के लगाए. 

वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में 5 विकेट पर 352 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया. उसके पास 10 गेंद बाकी थीं. यह वनडे में उसका सबसे बड़ा सफल रन चेज था और 2023 के बाद भारत के खिलाफ उसकी पहली वनडे जीत भी थी.

गिल सीरीज के प्रदर्शन से संतुष्ट थे लेकिन छोटी-छोटी कमियों से नाराज. उन्होंने कहा कि भारत ने तीनों मैचों में छह या सात कैच छोड़े और आखिरी ओवरों में टीम यह तय नहीं कर पा रही थी कि उसे आक्रामक रुख अपनाना है या बचाव करना है. 

न्यू चंडीगढ़ में इस उलझन का असर सीधे स्कोर पर पड़ा. भारत ओवर रेट में पीछे था और गिल के मुताबिक उसे आखिरी गेंदें पांच की जगह चार फील्डरों को बाउंड्री पर रखकर करनी पड़ीं. उन्होंने कुलदीप यादव के आखिरी ओवर भी रोककर रखे क्योंकि गुरनूर बराड़ को क्रैंप हो गया था.

कुछ कमियां खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से समझी जा सकती हैं लेकिन पूरी कहानी इससे नहीं समझाई जा सकती. बुमराह जापान में थे. हार्दिक पंड्या चोटिल थे. मोहम्मद सिराज ने तीसरे वनडे में खेलते हुए 8 ओवर में 52 रन देकर एक विकेट लिया. उन्होंने जॉन कैंपबेल को आउट किया. 

बाकी गेंदबाजी आक्रमण में अंशुल कंबोज ने 9 ओवर में 82 रन देकर कोई विकेट नहीं लिया, बराड़ ने 9.1 ओवर में 64 रन देकर एक विकेट लिया, कुलदीप ने 10 ओवर में 62 रन देकर एक विकेट लिया, नितीश कुमार रेड्डी ने 6.5 ओवर में 50 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया, जबकि नमन धीर ने 5.2 ओवर में 33 रन देकर एक विकेट लिया. 

यह सीरीज इसलिए उपयोगी रही क्योंकि इन गेंदबाजों को तब गेंदबाजी करने का मौका मिला, जब स्कोर असाधारण रूप से बड़े थे. लेकिन इसने यह भी याद दिलाया कि निस्शिन में बुमराह ने जिस तरह आखिरी ओवर में गेंदबाजी की उसे सिर्फ टीम में किसी दूसरे गेंदबाज का नाम डालकर हासिल नहीं किया जा सकता.

बेंच स्ट्रेंथ को लेकर तस्वीर फिर भी पूरी तरह निराशाजनक नहीं है. भारत एशियन गेम्स में खिताब जीतने वाली टी20 टीम भेज सकता है और साथ ही अपने सबसे अच्छे तेज गेंदबाज के बिना घर में वनडे सीरीज भी जीत सकता है. 

गिल के 334 रन, राहुल के नाबाद 129 रन, गुवाहाटी में रोहित के 100 रन, कोहली के 15,000 रन और 406 रन का सफल रन चेज किसी कमजोर टीम की तस्वीर पेश नहीं करते.

फिर भी एक बात ध्यान देने वाली है. वेस्टइंडीज के खिलाफ छह या सात कैच छोड़ने वाली टीम को वर्ल्ड कप से पहले कुछ कमियों पर काम करना होगा. आखिरी ओवरों में आक्रामक रुख अपनाना है या बचाव करना है, यह तय नहीं कर पाने वाली गेंदबाजी किसी होप जैसी पारी के सामने टिक नहीं पाएगी. 3 अक्टूबर ने जापान में टीम इंडिया का जज्बा दिखाया. साथ ही यह भी बताया कि उसकी दूसरी टीम को मैच खत्म करना अभी सीखना है.

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