क्या Gen Z मिलेनियल्स की तुलना में जल्दी बूढ़े हो रहे हैं? क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?

अमेरिका के एक कंटेंट क्रिएटर जॉर्डन हॉवलेट की एक वायरल रील के बाद इस बात की चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि क्या जेंज़ी तेजी से बूढ़े हो रहे हैं

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

जो लोग 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए यानी जेंज़ी (Gen Z), मिलेनियल्स (जिनका जन्म 1981 से 1996 के बीच हुआ हो) की तुलना में तेजी से बूढ़े हो रहे हैं? नई जीवनशैली के चलते क्या समय से पहले ही लोगों के चेहरे परिपक्व दिखने लगे हैं और बचपन छोटा होता जा रहा है? 

इन सवालों की इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है. स्क्रीन टाइम का बढ़ना, युवाओं में शराब-सिगरेट की लत और तनाव से भरी जीवनशैली के बीच उम्र के मुकाबले ज्यादा परिपक्व दिखने की बातें होने लगी है, और ये चर्चाएं शुरू हुईं अमेरिका के एक कंटेंट क्रिएटर जॉर्डन हॉवलेट की एक वायरल रील के बाद. 

इंस्टाग्राम पर जॉर्डन के साढ़े 7 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. उन्होंने रील में उम्र को लेकर अपना एक अनुभव शेयर किया, जिसे 45 मिलियन लोग देख चुके हैं. इस वीडियो में जॉर्डन बताते हैं कि वे जेंज़ी हैं, लेकिन कोई इस बात पर भरोसा नहीं करता. जब वे अपनी मां के साथ बाहर जाते हैं, तो कुछ लोग उन्हें मां का बड़ा भाई समझ लेते हैं.

वो ये भी बताते हैं कि जब वे किसी से परिवार के साथ बाहर जाने की बात करते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति यह सोच लेता है कि वे अपने बच्चों के साथ बाहर जाने की बात कर रहे हैं, जबकि परिवार से उनका मतलब माता-पिता है. 

जॉर्डन ने उसी वीडियो में अमेरिका के मशहूर एक्टर ड्वेन जॉनसन (द रॉक) के साथ मुलाकात का एक किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि मैंने ड्वेन से ऑटोग्राफ मांगते हुए अपना नाम बताया, लेकिन उन्हें लगा कि मैं अपने बेटे का नाम बता रहा हूं. उन्होंने ऑटोग्राफ में लिख दिया, "आपके पिता (हॉवलेट) महान इंसान हैं. वो ऑटोग्राफ के लिए यहां कई घंटे खड़े रहे." 

वीडियो में जॉर्डन कहते हैं कि ड्वेन 52 साल के हैं और मैं सिर्फ 26 साल का हूं, लेकिन लोगों को इसपर भरोसा नहीं होता. देखिए वायरल रील. 

बाद में ड्वेन ने खुद वीडियो में कमेंट करके कहा कि मैं हंसते-हंसते लोटपोट हो गया हूं. 

लेकिन यहां सवाल ये आता है कि उम्र बढ़ने के संकेत क्या हैं? और कोई इंसान कब महसूस करे कि उसकी उम्र बढ़ रही है. होलिस्टिक ट्रॉमा थेरेपिस्ट और आई एम वेलबीइंग की संस्थापक आकांक्षा चंदेले इंडिया टुडे से बातचीत में बताती हैं कि उम्र बढ़ने के शारीरिक संकेतों में हार्मोनल बदलाव, सेंसरी बदलावों में परिवर्तन, हड्डियों और मांसपेशियों की ताकत में कमी, शरीर के किसी हिस्से में समस्या आना या नई मेडिकल परेशानियां खड़ी होना शामिल हैं. 

हालांकि इसे साबित करने के लिए कि जेंज़ी की उम्र तेजी से बढ़ रही है, कोई वैज्ञानिक शोध नहीं हुआ है. हालांकि  त्वचा विशेषज्ञ डॉ. परिणीता मारिया कहती हैं, "कुछ हद तक, यह सच है कि जेंज़ी तेजी से बूढ़ा हो रहा है, और इसके कई कारण हैं."

बहुत ज्यादा प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल

डॉ. मारिया कहती हैं, "जब स्किन केयर की बात आती है तो जेंज़ी इसपर काफी ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने वाले इंफ्लुएंसर भरे पड़े हैं, जेंज़ी स्किन केयर सहित हर चीज के बारे में बहुत जागरूक हैं, लेकिन यहां एक समस्या है: उनकी जानकारी अक्सर आधी-अधूरी होती है, क्योंकि वे सोशल मीडिया से ये जानकारियां लेते हैं. इसलिए, जब आप बहुत सारे ऐसे प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं जिनकी जरूरत भी नहीं है, तो त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, और आप अपनी उम्र से ज्यादा बूढ़े दिख सकते हैं."

वो आगे कहती हैं, "मेरे पास एक ग्राहक आया, जो सिर्फ 11-12 साल का था और अपनी मां की एंटी-एजिंग क्रीम का उपयोग करता था, इसके भयानक परिणाम थे. मैंने बच्चों को नायका से ऐसे प्रोडक्ट ऑर्डर करते देखा है जिनकी उन्हें जरूरत नहीं है. उन्हें बस एक अच्छे मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन की जरूरत है."

गुड़गांव में सीके बिड़ला हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. तुषार तायल कहते हैं कि जेंज़ी वर्कआउट कर रहे हैं और पूरी तरह से बॉडी-बिल्डिंग पर ध्यान दे रहे हैं, जिसके स्वास्थ्य लाभ भी हैं, लेकिन खराब मार्गदर्शन के चलते वे स्टेरॉयड और हार्मोन का सेवन करने लगते हैं, जिसका बाद में स्वास्थ्य पर बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है

'शराब, वेप्स, सिगरेट'

डॉ. तुषार तायल बताते हैं कि जेंज़ी में 8-9 साल की उम्र में ही असामयिक यौवन दिखने लगा है. वे कहते हैं, "आजकल बच्चे कम उम्र में ही धूम्रपान और वेपिंग कर रहे हैं, ड्रग्स भी ले रहे हैं. जंक फूड खाने के साथ-साथ शराब पीने का चलन भी बढ़ रहा है. यह सब मोटापे और मेटाबॉलिक सिंड्रोम को जन्म देता है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं और जल्दी बुढ़ापा आने लगता है."

डॉ. मारिया इसके लिए जेंज़ी की खराब जीवनशैली को भी दोषी मानती हैं. वो कहती हैं कि बहुत सी युवा लड़कियों में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम है (हार्मोनल असंतुलन से होने वाली परेशानी) हार्मोनल असंतुलन (जल्दी उम्र बढ़ने का एक और संकेत) को दर्शाती है. डॉ. तायल कहते हैं कि खराब जीवनशैली का असर व्यक्ति के चेहरे पर भी दिखता है, जैसे झुर्रियां और बालों का झड़ना.

प्रतिकात्मक तस्वीर


'प्रोसेस्ड फूड'

जेंज़ी को प्रोसेस्ड फूड का बड़ा कंज्यूमर माना जाता है, लेकिन यही खाना उनके लिए मुसीबत भी बन रहा है. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया की बदौलत रैट-स्नैकिंग (चूहे की तरह इंसान में भी बार-बार और अलग-अलग चीजें खाने की आदत) जैसे चलन भी खान-पान की खराब आदतों को बढ़ावा दे रहे हैं. डॉ. मारिया कहती हैं, "पहले के लोगों की तुलना में, जेंज़ी बाहर से ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खा रहे हैं."

वो बताती हैं कि स्विगी और जोमैटो जैसे ऐप, जो घर पर आसानी से खाना पहुंचाते हैं, लोगों को जंक और प्रोसेस्ड फूड खाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. 

'ज्यादा तनाव'

अमेरिकन मनोवैज्ञानिक संगठन (APA) के 2020 के तनाव सर्वे के अनुसार, जेंज़ी सबसे अधिक तनावग्रस्त पीढ़ी है. इसमें 1-10 के पैमाने पर औसत तनाव स्तर 6.1 आया था. तनाव का यह स्तर उम्र बढ़ने के साथ उनपर असर दिखा सकता है.

लोगों के मेंटल हेल्थ पर सोशल मीडिया का प्रभाव, प्रतिकात्मक तस्वीर

आकांक्षा चंदेले ने इंडिया टुडे को बताया कि तनाव के चलते जल्दी बुढ़ापा आ सकता है और शारीरिक बीमारियों की भी संभावना बढ़ जाती है. वो कहती हैं, "अगर कोई मदद करने वाला सिस्टम नहीं है, तो तनाव का प्रभाव तेज हो जाता है, और व्यक्ति तनाव से निपटने के तरीकों की तलाश करता है. हालांकि किसी को भी पहले उपाय के रूप में सोशल मीडिया से दूरी बनानी चाहिए."

Read more!