इस गर्मी युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं किडनी स्टोन के मामले?
किडनी स्टोन का पहला संकेत आमतौर पर पीठ या कमर के एक तरफ अचानक होने वाला तेज दर्द होता है

अक्सर माना जाता है कि किडनी स्टोन की समस्या उम्रदराज लोगों को होती है. लेकिन इस बार की गर्मी में डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास 20 और 30 की उम्र के अधिक युवा मरीज आ रहे हैं.
ये मरीज किडनी स्टोन की वजह से होने वाले तेज दर्द से परेशान हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में पड़ रही असामान्य गर्मी, शरीर में पानी की कमी और बदलती जीवनशैली इसके बढ़ते मामलों की वजह हो सकती है.
इसकी सबसे बड़ी वजहों में से एक है शरीर में पानी की कमी. जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता तो पेशाब ज्यादा गाढ़ा हो जाता है. इससे कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे खनिज क्रिस्टल का रूप लेकर स्टोन बना सकते हैं. गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर से ज्यादा पानी निकलता है. लेकिन कई लोग इसकी भरपाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते.
डॉक्टरों का कहना है कि यह समस्या खास तौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जा रही है जो लंबे समय तक एयर कंडीशनर वाले दफ्तरों में काम करते हैं. वहां उन्हें प्यास कम लगती है. ऐसे में वे शरीर की जरूरत से काफी कम पानी पीते हैं.
एक और वजह हाई-प्रोटीन डाइट का बढ़ता चलन है. वजन घटाने या मांसपेशियां बनाने की कोशिश कर रहे कई युवा सप्लीमेंट, शेक और प्रोटीन से भरपूर पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के जरिए बहुत ज्यादा प्रोटीन ले रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन जरूरी है. लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन, खासकर पर्याप्त पानी न पीने के साथ, कुछ लोगों में किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा सकता है.
ज्यादा नमक खाना भी चिंता की बात है. कई प्रोसेस्ड फूड, इंस्टेंट मील, स्नैक्स और रेस्तरां के खाने में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है. ज्यादा नमक खाने से किडनी पेशाब के जरिए अधिक कैल्शियम बाहर निकालती है. इससे स्टोन बनने की संभावना बढ़ सकती है.
डॉक्टर जीवनशैली में आए बदलावों को भी इसकी एक वजह मानते हैं. व्यस्त कामकाज के कारण लोग अक्सर प्यास को नजरअंदाज कर देते हैं, देर तक पेशाब नहीं करते या खाना छोड़ देते हैं. इन सभी का असर शरीर में पानी की मात्रा और यूरिन सिस्टम के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. कुछ लोग पानी की जगह कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या मीठे पेय पीते हैं. लेकिन ये हमेशा पानी जितना फायदा नहीं पहुंचाते.
किडनी स्टोन का पहला संकेत आमतौर पर पीठ या कमर के एक तरफ अचानक होने वाला तेज दर्द होता है. यह दर्द पेट के निचले हिस्से तक फैल सकता है. दर्द अक्सर लहरों की तरह आता है. इसके साथ मतली, उल्टी, पेशाब करते समय जलन या पेशाब में खून भी आ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षण दिखने पर घर पर दर्द सहने की कोशिश करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
अच्छी बात यह है कि किडनी स्टोन के कई मामलों को रोका जा सकता है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि इतना पानी पिएं कि पूरे दिन पेशाब का रंग हल्का रहे, खासकर गर्म मौसम में. वे यह भी कहते हैं कि नमक कम खाएं, बिना जरूरत प्रोटीन सप्लीमेंट न लें, फलों और सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार लें और पेशाब की इच्छा को न रोकें.
विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि लोगों को प्रोटीन पूरी तरह छोड़ने या जरूरत से ज्यादा पानी पीने की जरूरत नहीं है. सबसे जरूरी है संतुलन बनाए रखना. खासकर गर्मियों में शरीर में पर्याप्त पानी बनाए रखना किडनी स्टोन के खतरे को कम करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है.
डॉक्टरों का कहना है कि लू की बढ़ती घटनाओं और लगातार बैठे रहने वाली जीवनशैली के कारण किडनी स्टोन अब कभी-कभार होने वाली स्वास्थ्य समस्या नहीं रह गया है. यह तेजी से जीवनशैली से जुड़ी ऐसी समस्या बनता जा रहा है, जिसका खतरा कई शहरी युवा तब तक नहीं समझ पाते, जब तक दर्द असहनीय नहीं हो जाता.