बेबी पाउडर बनाने वाली कंपनी 'जॉनसन एंड जॉनसन' से जुड़ा ताजा विवाद क्या है?
जॉनसन एंड जॉनसन ने अमेरिका में दायर हजारों मुकदमों को निपटाने के लिए 5.5 अरब डॉलर यानी 4.14 अरब पाउंड तक देने की पेशकश की है

जॉनसन एंड जॉनसन ने अमेरिका में दायर हजारों मुकदमों को निपटाने के लिए 5.5 अरब डॉलर (4.14 अरब पाउंड) तक देने की पेशकश की है. इन मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के टैल्क आधारित बेबी पाउडर और अन्य उत्पादों के इस्तेमाल से ओवेरियन यानी अंडाशय का कैंसर हो सकता है.
कंपनी का यह प्रस्ताव कई वर्षों से चल रही लंबी कानूनी लड़ाई को खत्म करने की कोशिश है. हालांकि कंपनी ने इस बात से इनकार किया है कि उसके बेबी पाउडर या टैल्क बेस्ड प्रोडक्ट्स से कैंसर होता है. विवाद शुरू होने के बाद कंपनी अपने लोकप्रिय बेबी पाउडर बनाने का फॉर्मूला भी बदल चुकी है.
टैल्क या टैल्कम एक प्राकृतिक खनिज है जो मैग्मीशियम, सिलिकॉन, ऑक्सीजन आदि से मिलकर बना होता है. चूंकि यह बहुत मुलायम होता है और नमी सोखने की गुण रखता है इसलिए इसका इस्तेमाल पाउडर समेत कई प्रोडक्ट्स में किया जाता है.
टैल्कम जमीन से निकाला जाता है और यह अक्सर एस्बेस्टस वाली परतों के पास पाया जाता है. माना जाता है कि एस्बेस्टस से कैंसर हो सकता है. इसीलिए कई उपभोक्ता मानते हैं कि इस बेबी पाउडर से कैंसर जैसी घातक बीमारी फैल रही है. हालांकि जॉनसन एंड जॉनसन ने बार-बार इन आरोपों से इनकार किया है.
बीबीसी के मुताबिक, अपने ताजा बयान में कंपनी ने कहा, "रिसर्च से पता चलता है कि टैल्क सुरक्षित है, इसमें एस्बेस्टस नहीं होता और इससे कैंसर नहीं होता है." कंपनी में मुकदमों से जुड़े मामलों के उपाध्यक्ष एरिक हास ने 27 जुलाई 2026 को कहा कि ये आरोप निराधार हैं.
उन्होंने कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन इस मामले को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए समझौता करने को तैयार है. यह समझौता करीब 76,000 मामलों को कवर करेगा जो टैल्कम बेस्ड बेबी पाउडर से जुड़े बचे हुए अधिकांश दावों का हिस्सा हैं.
कंपनी ने कहा कि वह अगले साल 3 अरब डॉलर तक का भुगतान करेगी और शेष 2.5 अरब डॉलर का भुगतान 2028 में होगा. इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले राज्य और संघीय अदालतों में ओवेरियन कैंसर से जुड़े 95 फीसदी दावों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्मों की मंजूरी जरूरी होगी.
एरिक हास ने एक बयान में कहा कि कंपनी को भरोसा है कि अगर ये मुकदमे आगे भी चलते तो भी जीत कंपनी की ही होती. जैसा कि अब तक उनकी कंपनी के खिलाफ अदालतों में सुने गए अधिकांश मामलों में हुआ है.
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते से कंपनी इस मामले को पीछे छोड़कर आगे बढ़ सकेगी. साथ ही अपनी उस जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी, जिसके तहत वह लोगों की जान बचाने वाली दवाइयां और मेडिकल उपकरण तैयार करती है.
जॉनसन एंड जॉनसन की पूर्व कंज्यूमर हेल्थ कंपनी केनव्यू के पास उत्तरी अमेरिका के बाहर जॉनसन बेबी पाउडर बनाने से जुड़े कई दायित्व हैं. बैंड-एड, लिस्टरिन और कैलपोल जैसे प्रसिद्ध ब्रांडों की मालिक केनव्यू को 2022 में जॉनसन एंड जॉनसन से अलग कर दिया गया था. जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ टैल्क बेस्ड बेबी पाउडर को लेकर मुकदमे 2009 से ही शुरू हो गए थे.
इस साल जुलाई की शुरुआत में एक संघीय अदालत ने कंपनी के पक्ष में फैसला देते हुए कहा था कि मुकदमा दर्ज कराने वाला व्यक्ति यह साबित करने में सक्षम नहीं हैं कि उनके ओवेरियन कैंसर का सीधा कारण इस कंपनी का टैल्कम पाउडर या बेबी पाउडर ही था. .
2022 में जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा था कि वह दुनिया भर में टैल्क बेस्ड बेबी पाउडर का निर्माण और बिक्री बंद कर देगी. यह घोषणा अमेरिका में इस प्रोडक्ट की बिक्री बंद करने के दो साल से अधिक समय बाद की गई थी. उस समय कंपनी ने कहा था, "दुनिया भर में अपने उत्पादों की समीक्षा के तहत हमने व्यावसायिक फैसला लिया है कि अब हम पूरी तरह मकई के स्टार्च से बेबी पाउडर बनाएंगे."