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कोरोना से बचाएगी योगी सरकार

कोरोना के कहर में दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा-ठेला चालकों के लिए योगी आदित्यनाथ ने भरण पोषण के लिए नकद रकम देने के साथ ही खाने-पीने के लिए राशन की व्यवस्था भी की है

फोटोः आशीष मिश्र
फोटोः आशीष मिश्र
अपडेटेड 21 मार्च , 2020

लखनऊ के बख्शी का तालाब के रहने वाले किशन कुमार मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं. लेकिन पिछले एक हफ्ते से यह खाली हैं. किशन बताते हैं, "कोरोना के कारण काम धंधा बंद है. सभी मजदूर लौटाए जा चुके है. अब बेरोजगारी में परिवार का पेट भरने के लिए भीख मांगने की नौबत आ गई है"

किशन कुमार अकेले ऐसे मजदूर नहीं हैं. इनके जैसे लाखों लोगों पर कोरोना की महामारी की मार पड़ी है. ऐसे लोगों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक नई योजना लेकर सामने आए हैं.

इसके तहत प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से 35 लाख मजदूरों को भरण-पोषण के लिए 1000 रुपये प्रति व्यक्ति देगी. यह भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे अकाउंट में भेजा जाएगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर कोरोना का प्रभाव पड़ने की पड़ताल के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दिहाड़ी मजदूरों के लिए प्रदेश सरकार ने भरण-भोषण के भत्ते की मंजूरी दी है.

प्रदेश के अंदर श्रम विभाग में 20.37 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं. भरण पोषण के रूप में एक हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा जाएगा. जिन श्रमिकों के खाते नहीं है, उनके खाते यथाशीघ्र खुलवाकर विभाग में लेबर सेस फंड से सभी श्रमिकों को प्रतिमाह 1000 रुपए डीटीबीटी के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाएंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के अंदर घुमन्तू जैसे ठेला, खोमचा, रेहड़ी और रिक्शा चलाने, साप्ताहिक बाजार आदि का कार्य करने वाले की संख्या करीब 15 लाख है. इनके लिए भी सरकार एक हजार रुपए भरण पोषण तत्काल रूप से देगी. इसे भी डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा जाएगा. इनका डेटाबेस नगर विकास द्वारा अगले 15 दिनों में तैयार किया जाएगा. ऐसे सभी श्रमिकों के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपए की धनराशि हस्तान्तरित की जाएगी.

इस पर सरकार का करीब 150 करोड़ रुपए का व्यय भार अऩुमानित है.

मुख्यमंत्री योगी ने मनरेगा के मजदूरों को तत्काल मजदूरी का भुगतान करने के निर्देश देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार से करीब 556 करोड़ रुपए की धनराशि के भुगतान की कार्यवाही तत्काल मार्च 2020 में ही कराई जाएगी.

इसी के साथ उन्होंने अन्त्योदय योजना, मनरेगा और श्रमि विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं दिहाड़ी मजदूरों करीब 1 करोड़ 65 लाख 31 हजार जरूरतमंदों को एक माह का निशुल्क राशन अप्रैल में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं. इस पर करीब 64.50 करोड़ का व्ययभार आएगा. पीडीएस दुकानों के जरिए अनाज दिया जाएगा. इसके लिए नोडल अफसर तैनात किए गए हैं. इन परिवारों को 20 किलो गेहूं, 15 किलो चावल मुफ्त मिलेगा.

इसके बाद भी अगर कोई असहाय व्यक्ति बच जाता है, जिसके पास अपने व अपने परिवार के भरण पोषण की व्यवस्था नहीं है, उसकी भी सरकार पूरी मदद करेगी. इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी की समिति तथा नगरीय क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट व संबंधित नगर निकायों के आयुक्त व अधिशासी अधिकारी की समिति की संस्तुति पर 1000 रुपए प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

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