मार्च की 4 तारीख को पुणे में साई-फाई प्रोजेक्ट ‘दोबारा’ की शूटिंग कर रही अभिनेत्री तापसी पन्नू और निदेशक अनुराग कश्यप के पास चौंकाने वाले (अवांछित) मेहमान आ धमके, जो आयकर विभाग के अधिकारी थे. ये अधिकारी फैंटम फिल्म्स के खिलाफ कर चोरी के मामले की जांच का हिस्सा हैं. पन्नू ने अब बंद हो चुके फैंटम फिल्म्स के बैनर तले कभी काम नहीं किया. इसकी स्थापना कश्यप, फिल्मकार विकास बहल और विक्रमादित्य मोटवाने तथा निदेशक मधु मंटेना न की थी. इस प्रोडक्शन हाउस में 2018 से काम बंद है.
कई लोगों का मानना है कि पन्नू शायद इस वजह से जांच की जद में आ गईं क्योंकि सामाजिक-राजनीतिक मसलों पर राय जाहिर करना उनकी आदत है. 2019 में सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शनों से लेकर हाल ही में गिरफ्तार की गईं जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि तक के मामले में पन्नू अपनी राय जाहिर करने से तनिक भयभीत नहीं हुईं और वे सरकार की आलोचना करती रहीं. पन्नू का सबसे ज्यादा खलबली मचाने वाला ट्वीट वह था जो उन्होंने रवि और कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी की गिरफ्तारी के बाद किया था. उन्होंने लिखा, “अगर एक ट्वीट आपकी एकता को झकझोर देता है, एक जोक आपकी आस्था को हिला देता है या एक शो आपके धार्मिक विश्वास को हिला देता है तो आपको अपने मूल्यों की प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत है न कि अपने विचार दूसरों पर थोपने वाला शिक्षक बनने की.”
पन्नू को कामयाबी के लिए लंबा और संघर्षवाला रास्ता तय करना पड़ा है. वेट्रिमारन की राष्ट्रीय अवार्ड विजेता ‘आदुकालम’ (2011) से शुरुआत करने के बाद उन्होंने ‘जुड़वा 2’ और ‘मिशन मंगल’ जैसी बड़ी फिल्मों के जरिये बॉलीवुड में कदम रखा. पन्नू अभिनय में माहिर हैं जो अर्थपूर्ण किरदार देखती हैं न कि हीरो के कंधों पर निर्भर हीरोइन. उनके खाते में अनुभव सिन्हा की ‘थप्पड़' और सुजय घोष निर्देशित 'बदला' जैसी उल्लेखनीय फिल्में हैं. उनकी आने वाली फिल्मों की फेहरिस्त में थ्रिलर ‘हसीन दिलबरा’, ‘सुभाष मिठू’ (क्रिकेटर मिथाली राज की बायोपिक), ‘लूप लपेटा’ (जर्मन फिल्म रन लोला रन का रिमेक), ‘रश्मि रॉकेट’ (गुजरात के धावक की कहानी) और दक्षिण के स्टार विजय सेतुपति के साथ भी एक फिल्म शामिल है. पिछले साल उनके मालदीव की छुट्टियों के शानदार वीडियो ने इंटरनेट पर सनसनी मचा दी. यूट्यूबर यशराज मुखाटे का यह “बिग्गिनी शूट” वायरल हो गया था. पन्नू का कारवां बढ़ता चला जा रहा है.
हालांकि, किसी आलोचक पर लगाम लगाने का एक तरीका यह है कि उसके पीछे सरकारी एजेंसी लगा दो. इससे आगे आपको कर चोर ठहराकर आपकी सत्यनिष्ठा और प्रतिष्ठा पर सवाल उठा दिए जाएं. आयकर अधिकारियों का दावा है कि पड़ताल के दौरान उन्हें अभिनेत्री के 5 करोड़ रु. नकद लेने के प्रमाण हाथ लगे हैं. ये तो बाद में पता चलेगा कि आम इंसान और उनके फैन पन्नू को वित्तीय अनियमितता का दोषी मानेंगे या नहीं. लेकिन एक बात तो स्पष्ट है कि पन्नू ने सत्ता का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. यह एक ऐसी शख्स की यात्रा है जिसे कभी कंगना रनौत की “सस्ती कॉपी” कहकर खुद रनौत की बहन और मैनेजर रंगोली ने खारिज कर दिया था. पन्नू की मौजूदा हालत से लगता है कि उनके विचार शायद उनकी कल्पना से कहीं ज्यादा वजनदार हैं.
अनुवादः मनीष दीक्षित
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