कोरोना संक्रमण के चलते जीवनशैली में व्यापक परिवर्तन आया है. वैवाहिक आयोजनों की रूपरेखा और व्यवस्था पूरी तरह से बदल गई है. 15 जून से शुरू होने वाला सहालग का दौर कोरोना संक्रमण के साये में शादी के रस्मो-रिवाज का साक्षी बनने को तैयार है. शादी के दौरान न तो हल्दी-कुमकुम का टीका और न माला. और गले लगकर मिलने की रस्म भी अलग अंदाज में होगी. वेलकम किट के रूप में एन-95 मॉस्क और सैनिटाइजर की छोटी बोतल मिलेगी तो भारी-भरकम सजावट वाले गेट की जगह सैनिटाइजिंग टनल से निकलना होगा.
जून में लॉकडाउन खुलते ही सगाई या गोदभराई, बेबीशॉवर (बरहा) आदि के आयोजनों की बुकिंग हो चुकी हैं. भले ही सरकार ने 30 की संख्या सीमित कर दी हो लेकिन ज्यादातर वेडिंग प्लानर 50 लोगों के हिसाब से पैकेज लॉन्च कर चुके हैं. इस पैकेज में खाने-पीने, सजावट, दुल्हन की मेहंदी, फोटोग्राफी के अलावा 50 लोगों के लिए 50 मिली बोतल सैनिटाइजर, 50 एन 95 मॉस्क के लिए सैनिटाइजिंग बूथ, टनल और हर मेहमान की थर्मल चेकिंग भी पैकेज का हिस्सा है. हजरतगंज के एक प्रतिष्ठित मैरिज हॉल संचालक अजय सिंह बताते हैं कि उन्होंने 1.99 लाख रु. का पैकेज लॉन्च किया है. इसमें सभी बेसिक चीजे हैं. लखनऊ में जो लोग अपनी शादियों या सगाई आदि की बुकिंग कर रहे हैं तो उनमें वे 30 या 50 के लिए ऐसा हॉल या लॉन ऐसा देख रहे हैं जहां 150 लोग की क्षमता हो ताकि सोशल डिस्टेंसिंग हो सके.
एक वेडिंग प्लानर प्रियंका गुप्ता बताती हैं कि नवंबर-दिसंबर तक की बुकिंग में भी कोविड-19 से बचाव पर ही फोकस है. उस शू कवर डिस्पेंसर की बहुत मांग है जिसमें पैर रख कर दबाने भर से आपके जूते पर कवर चढ़ जाएगा. लखनऊ के कैसरबाग में ऑफसेट प्रिंटिंग का काम करने वाले प्रदीप गुप्ता कहते हैं कि कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है. लॉकडाउन के कारण शादियां नहीं हुईं और लोगों ने शादी के कार्ड ही नहीं छपवाए. अब जून में कुछ सहालग हैं, इसमें भी न तो कार्ड ही छपवाए जा रहे हैं और न ही किसी तरह के विजिटिंग कार्ड या सम्मेलन आदि हो रहे हैं. लोग व्हाट्सऐप पर ही निमंत्रण पत्र एक-दूसरे को भेज रहे हैं.
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