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सफाई कर्मचारियों को सेनिटाइजर बांटेगी विश्व हिंदू परिषद

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आएसएस) के आनुषांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद –विहिप के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अपने दिल्ली स्थित आवास को कंट्रोल रूम में तब्दील किया है. यहां से वे देश भर के विहिप कार्यालयों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.

फोटोः आशीष मिश्र
फोटोः आशीष मिश्र
अपडेटेड 2 अप्रैल , 2020

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आएसएस) के अनुषांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद –विहिप के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अपना दिल्ली स्थित आवास को कंट्रोल रूम तब्दील किया है. यहां से वे देश भर के विहिप कार्यालयों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.

सुप्रीम कोर्ट में वकील आलोक कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और आरएसएस प्रचारक भी रहे हैं. दिल्ली विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व सहप्रान्त संघचालक आलोक कुमार ने फोन पर “इंडिया टुडे” से खास बातचीत कर कोरोना के निबटने के लिए विहिप की योजनाओं की जानकारी दी.

लॉकडाउन लागू होते ही विश्व हिंदू परिषद ने अपने सभी कार्यकताओं को टारगेट दिया था कि कहीं कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए. इसमें विहिप से जुड़े संगठन सनातन धर्म सभा, अखिल भारतीय संत समिति और कई सारे मंदिरों को शामिल किया गया था.

आलोक कुमार बताते हैं “पहले हमने लोगों को पका हुआ खाना देने की कोशिश की थी. यह दिन में दो बार दिया जाता था लेकिन इसमें सोशल डिस्टेंसिंग को लागू कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था. इसके बाद हमने उन परिवारों को जिनके पास राशन नहीं था उन्हें एक हफ्ते के राशन का किट पहुंचाना शुरू किया.”

इसी दौरान कई राज्यों ने राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन देना शुरू किया. देश भर के 80 करोड़ 50 लाख लोग इस योजना के दायरे में आ गए. इसके बाद विहिप ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और केवल उन्हीं लोगों को राशन देने की योजना बनी है जिनके पास राशन कार्ड नहीं है.

दिल्ली में कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार का योगदान कर रहे लागों के लिए विहिप ने खास योजना बनाई है. आलोक कुमार बताते हैं “दिल्ली में मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को छोड़कर जरूरी सेवाएं देने वाले लोग इनमें मुख्य रूप से नगर निगम के सफाई कर्मचारी के साथ राशन की दुकान, गैस गोदाम पर काम करने वाले ऐसे करीब दस हजार लोगों को चिन्हित किय गया है. इन लोगों को विहिप सेनेटाइजर भेंट करेगी. ताकि वे अपने हाथों की सफाई समय-समय पर करते रहें.” विहिप ने हर राज्य की वेबसाइन पर हेल्पलाइन नंबर भी डाला है ताकि किसी भी प्रकार के पीड़ित की मदद की जा सके. आलोक कुमार बताते हैं “कोरोना पीड़ितों की मदद विहिप पूरी तरह से अपने संसाधनों से कर रही है. यह हर हालत में आगे भी जारी रहेगी.”

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