राज्यभर में सनसनी फैला देने वाले उमरिया जिले के पत्रकार चंद्रिका राय हत्याकांड का एसटीएफ ने पर्दाफाश कर दिया है. हत्यारा राय का पड़ोसी निकला. कई अखबारों के लिए काम करते आ रहे स्वतंत्र पत्रकार 42 वर्षीय चंद्रिका राय, उनकी पत्नी दुर्गा (39), बेटे जलज (20) और बेटी निशा (17) की 17-18 फरवरी की दरम्यानी रात एसबीआइ कॉलोनी स्थित उनके घर पर हत्या कर दी गई थी.
हत्याकांड में कोयला माफिया का हाथ होने का अंदेशा जताया गया था. डीजीपी एस.के. राउत ने मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी. उन्होंने माफिया की भूमिका से तो इनकार किया था लेकिन 16 फरवरी को पीडब्ल्यूडी के एसडीओ हेमंत झरिया के आठ वर्षीय बेटे अनंत के अपहरण के मामले से हत्याकांड के तार जुड़े होने का अंदेशा जताया था.
एसटीएफ ने उनके पड़ोस में रहने वाले एक होमगार्ड को गिरफ्तार किया है. यही पड़ोसी झरिया के बेटे के अपहरण की साजिश में भी शामिल बताया गया. आरोप है कि उसी ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर अनंत का अपहरण किया था और बदले में 50 लाख रु. मांगे थे. लेकिन पुलिस की घेराबंदी कड़ी होने के कारण अपहरणकर्ता लड़के को शहडोल जिले के ब्यौहारी में छोड़कर भाग निकले थे. जब फिरौती हाथ नहीं आई तो इस होमगार्ड ने राय को लूटने की योजना बनाई. वह रात के समय राय के घर पहुंचा और परिचित होने के नाते दरवाजा खुलवाने में परेशानी नहीं हुई.
घर में घुसते ही उसने अपने साथियों के साथ मिलकर राय पर हमला कर दिया. शोर सुन बाहर आई दुर्गा राय को भी हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद दोनों बच्चों को भी आरोपियों ने मार डाला ताकि उनकी पहचान जाहिर करने वाला कोई न बचे. हत्याकांड के बाद से आलोचना झेल रही प्रदेश सरकार ने मामले का खुलासा होने के बाद अब जाकर राहत की सांस ली है.

