नवंबर माह में देर रात एक औरत पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एक विद्यालय के खेल के मैदान में बनाए गए मंच पर सलमा-सितारों से जड़े तंग कपड़ों में डांस कर रही थी. वह तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त पर बलखाते हुए ठुमके लगा रही थी और दर्शक इन अदाओं पर मदहोश हुए जा रहे थे.
4 जनवरी 2012: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
ये हैं बंगाल की नई जात्रा बऊदी-रवीना टंडन. आजकल यह 37 वर्षीया अभिनेत्री रूपशोगेर रूपोशी (अर्थात् सौंदर्य के सागर की जलपरी) नामक नाटक में अभिनय कर रही हैं. जात्रा 500 वर्ष पुरानी लोकनाट्य कला है. जात्रा का निर्माण करने वाली कोलकाता की 54 मंडलियों में से एक रत्नदीप ओपेरा इस नाटक का मंचन अप्रैल माह तक बंगाल और पड़ोसी राज्यों में करेगा.28 दिसम्बर 2011: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
मुंबई की मीडिया कंपनी 'थिंक टैंक' 1.5 लाख लोगों को रोजगार देने वाले 120 करोड़ रु. के इस उद्योग में अपेक्षाकृत नई है. यह कंपनी ही रवीना टंडन और रत्नदीप ऑपेरा को साथ लाई है. जया प्रदा, जीनत अमान और शक्ति कपूर के प्रदर्शन के प्रत्यक्ष साक्षी इस जात्रा क्षेत्र में प्रवेश करने वाली रवीना बिल्कुल नई अदाकारा हैं.
रवीना कहती हैं, ''हजारों लोगों के सामने प्रदर्शन करना अपने आप में अनूठा अनुभव है और यदि वह उसी भाषा के दर्शकों के सामने हो तो उसकी बात ही कुछ और होती है.''
52 वर्षीय गु्रप मैनेजर हरधन राय इस जात्रा की ओर बॉलीवुड अभिनेताओं की बढ़ती भीड़ के बारे में कहते हैं, ''अभिनेता के रूप में मुंबई में जीवन नीरस और दमघोंटू है. ये अभिनेता जात्रा के माध्यम से एक प्रकार से नया जीवन पाते हैं.''
21 दिसम्बर 2011: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
इस नाटक के लेखक व प्रख्यात नाटककार उत्पल राय की सोच इससे अलग है. उनकी दलील है, ''यह सब पैसे की माया है. इन अभिनेताओं के पास मुंबई में कमाई का साधन नहीं है फिर भी उन्हें अपना जीवन स्तर बनाए रखना है तो इसके लिए बांग्ला जात्रा से बेहतर क्या हो सकता है.''
14 दिसंबर 2011: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
राय की दलील से डी.एम. प्रोडक्शन के धनंजय मुखर्जी सहमत हैं. मुखर्जी की मंडली शिल्पी बंदन मुंबई की एक अन्य अभिनेत्री 31 वर्षीया मोनिका बेदी को चिरादिनेर साथी (जीवनसंगिनी) में मुख्य भूमिका में लाने के लिए तैयार हैं. बेदी जेल में बंद डॉन अबू सलेम की पूर्व संगिनी के नाम से ज्यादा जानी जाती हैं.
50 वर्षीय मुखर्जी के मुताबिक, ''30 वर्ष की आयु में मुंबई में एक हीरोइन के रूप में किसी के पैर जमीन पर नहीं पड़ते. बॉलीवुड में आज जिन सितारों के पास कोई काम नहीं है वे ही वास्तव में किसी जात्रा में काम करने के लिए तत्पर रहते हैं.''
बताया जाता है कि रवीना ने प्रत्येक शो के लिए 3 लाख रु. का सौदा किया है. उनके रहने और निजी मेकअप टीम का खर्च अलग है. रत्नदीप ओपेरा इस अवधि में बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिसा तथा असम में लगभग 80 शो आयोजित कर रहा है और इनमें से कम से कम आधे में रवीना दिखाई देंगी. इस प्रकार उनकी पूरी कमाई 1 करोड़ रु. से अधिक होगी.
रूपशोगेर रूपोशी में रवीना एक जमींदार की बेटी की भूमिका निभा रही हैं जिसके परिवार के सदस्य जागीर के मैनेजर के हाथों मारे जा चुके हैं. रवीना को संवाद रोमन लिपि में लिखकर दिए गए थे.
हालांकि रवीना के लिए भाषा कोई समस्या नहीं है क्योंकि बांग्ला हिंदी से मिलती-जुलती ही है. रवीना ने बताया कि उन्होंने इस मीठी जुबान में लैबोरेट्री नाम की एक फिल्म और 'डांस पे चांस' नामक रियलिटी शो किया है.
इस नाटक में उन्हें संवाद कम बोलने हैं और नृत्य अधिक करना है, इससे दर्शकों को भी कोई शिकायत नहीं होगी. आखिर जब वे मस्त-मस्त गर्ल को अपने सामने नाचते देखेंगे तो उनका पूरा पैसा वसूल हो जाएगा.

