बारिश की मार से किसानों को बचाने के लिए यूपी का राजस्व विभाग कुछ नए प्रयोग करने जा रहा है. विभाग एक ऐसा सिस्टम तैयार करने जा रहा है जिसमें बारिश आने के दो घंटे पहले संबंधित इलाके के प्रधानों के मोबाइल पर इसकी सूचना पहुंच जाएगी. राहत आयुक्त संजय गोयल बताते हैं, “विभाग के पास सारे प्रधानों का डाटाबेस है. इसके लिए मौसम विभाग से बारिश या मौसम के सभी पूर्वानुमान समय से विभाग को मिल जाते हैं. अब एक ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है कि किसी जिले में बारिश होने की सूचना संबंधित क्षेत्र के प्रधानों को दो घंटे पहले मिल जाए.”
इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्व विभाग का एक अन्य मोबाइल ऐप राहत मित्र लॉन्च कर चुके हैं. राहत मित्र ऐप का मकसद अन्य प्रदेशों से उत्तर प्रदेश में आने वाले प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में मदद करना है. इसके लिए ऐप के जरिये इन प्रवासी नागरिकों का डेटा संग्रह होगा. राजस्व विभाग ने यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम के सहयोग से यह ऐप तैयार किया है. सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपस में सूचना का आदान प्रदान कर इन प्रवासी नागरिकों के रोजगार एवं आजीविका के लिए नियोजन एवं कार्यक्रम बनाने में मदद मिलेगी.
इस ऐप के द्वारा, आश्रय केंद्र में रुके हुए व्यक्तियों एवं किसी भी कारणवश अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचने वाले प्रवासी व्यक्तियों का पूरा विवरण लिया जायेगा ताकि उत्तर प्रदेश में आने वाला कोई भी प्रवासी छूट न पाए. ऐप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारी जैसे कि नाम, शैक्षिक योग्यता, अस्थायी और स्थायी पता, बैंक अकाउंट विवरण, कोविड-19 संबंधित स्क्रीनिंग की स्थिति, शैक्षिक योग्यता और अनुभव लिया जाएगा. इसमें 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्र किया जाएगा.
प्रवासी नागरिकों को दी जाने वाली राशन किट के वितरण की स्थिति भी ऐप में दर्ज की जाएगी. इस ऐप में डेटा डुप्लीकेशन न हो, इसके लिये यूनीक मोबाइल नम्बर को आधार बनाया जाएगा. यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम के सलाहकार और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि इसके जरिये कामगारों को उनकी दक्षता के हिसाब से 65 प्रकार के कौशल कार्यक्रम से जोड़ा जा सकता है.
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