देश के परमाणु परीक्षणों के गवाह रहे पोकरण में पिछले 3 दिनों से कोरोना के धमाके हो रहे हैं. पूरी दुनिया में शक्ति स्थल के रूप में प्रसिद्ध पोकरण कस्बा अब प्रदेश में कोरोना का नया हॉटस्पॉट बनने जा रहा है. गुरुवार को पोकरण में कुल 13 कोरोना के नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, इसको मिलाकर अब तक पिछले 3 दिन में ही सरहदी जैसलमेर जिले के इस कस्बे में 27 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके है.
इसके बाद प्रशासन ने आसपास के कई गांवों को पूरी तरह सील कर दिया है.
जिला कलेक्टर नमित मेहता के मुताबिक, पोकरण क्षेत्र में गुरुवार को 13 नए कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आने के बाद कर्फ्यू में और शक्ति बढ़ा दी गई हैं. जो 13 पॉजिटिव नए मामले आए हैं उनसे संबंधित बड़ली, संग्राम सिंह की ढांणी, उदला, गोमट आदि को पूरी तरह सील कर दिया गया हैं सभी मार्गों की आवाजाही बंद कर दी गई हैं.
कर्फ्यू जैसे हालात के बीच लोगों को जरूरत की सामग्री और खाने-पीने का सामान घरों और मोहल्लों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न मोबाइल दुकानों का संचालन किया जा रहा है. खासकर कोरोना पॉजिटिव के ज्यादा मामले मिलने वाले पोकरण शहर के वार्ड नम्बर एक में विशेष सख्ती और सतर्कता बरती जा रही है और वहां रोजमर्रा का सामान मुहैया कराने की विशेष व्यवस्था की गई है.
उन्होंने बताया कि जो नए मामले आए हैं उनसे संबंधित लोगों का ट्रेक चार्ट बनाया जा रहा हैं किन किन लोगों से यह लोग सम्पर्क में आए थे उन सभी को ढूंढ़ ढूंढ़ कर उनके सैम्पल लिये जा रहे हैं व उन्हें आईसोलेशन में रखा जा रहा है. अब तक करीब 150 से ज्यादा सैम्पल 24 घंटे में लिये गए हैं और उन्हें आईसोलेशन में बनाए गए स्थानों में भेजा जा रहा है.
जिला कलेक्टर ने बताया कि पोकरण में अब तक करीब 300 से ज्यादा लोगों को क्वारंटाईन में रखा गया हैं क्योंकि बड़ी संख्या में पोकरण में तब्लीग जमात के सदस्य लोगों के सम्पर्क में आए थे तथा पोकरण क्षेत्र के कई गांवों, मदरसों व मस्जिदों में लोगों ने इनक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। ऐसे में इन सबका ट्रेकिंग चार्ट बनवाया जा रहा हैं तथा लोगों से अपील की हैं कि वे तब्लीग जमात के सम्पर्क में आए हैं तो स्वेच्छा से आकर अपनी जांच कराए। इसके अलावा नाचना क्षेत्र में एक सरकारी अध्यापक जो कोरोना के सर्वे टीम में शामिल था के पॉजिटिव होने के बाद नाचना में भी बड़ी संख्या में उसके सम्पर्क में आए लोगों की ट्रेकिंग की जा रही हैं व उन्हें आईसोलेशन में रखा जा रहा है।
असल में , पोकरण में भी यह मामला तब्लीगी जमात की वजह से हुआ है. यहां दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज में हिस्सा लेकर आए तबलीगी जमात के कारण संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और इस वजह से जिला प्रशासन को कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ा है. अब इलाके के कई मदरसों, मस्जिदों और अन्य क्षेत्रों में तब्लीग जमात के सम्पर्क में आए व्यक्तियों की ट्रेकिंग कर और उनके सैम्पल लेकर उन्हें आईसोलेशन में भिजवाया जा रहा है.
इसी संदर्भ में पुलिस ने पोकरण क्षेत्र के बड़ली गांव स्थित एक बड़ी मस्जिद के मौलवी अब्दुल हुई के खिलाफ पोकरण थाने में मुकदमा भी दर्ज किया है. अब्दुल हुई तब्लीगी जमात का पश्चिमी राजस्थान का मुख्य पदाधिकारी है और उसके गुरुवार को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है.
यह मौलवी मार्च में सहारनपुर के देवबंद मदरसे में गया था और वहां से आकर राजस्थान के चुरू और टोंक जैसे कई जिलों में तब्लीग जमात के साथ घूमा था. नई दिल्ली से जो तब्लीग पोकरण आई थी वो भी 23 से 26 मार्च तक इस मदरसे में मौलवी के पास रुकी थी. वहां कई दावतें और जलसे लॉकडाउन के बाद भी आयोजित किए गए थे, पोकरण शहर में में लॉकडाउन के दौरान कई जलसे हुए थे जिसके कारण पोकरण और उसके आसपास के क्षेत्रों में लोग संक्रमित ज्यादा हो रहे हैं.
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक किरन कंग कहते हैं, "मौलवी अब्दुल के पास पुलिस प्रशासन की टीम दो बार इस संबंध में जानकारी लेने के लिए गई थी, लेकिन दोनों बार उसने इंकार करते हुए न कोई जानकारी दी न कोई पुलिस प्रशासन का सहयोग किया."
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले राज्य से बाहर जाकर आने और तब्लीगी जमात के निकट सम्पर्क में होने और लॉकडाउन के बाद में जनसामान्य के सम्पर्क में आने की बात छिपाई जिसके कारण कोरोना वायरस के प्रसार का खतरा बढ़ा.
इसी तरह पुलिस ने एक अन्य मामले में तब्लीगी जमात से जुड़े एक और व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिसने 23 मार्च और 31 मार्च को निजी एम्बुलेन्स का बेजा इस्तेमाल कर तब्लीग जमात के सदस्यों को अवैध रूप से जोधपुर के पीपाड़ और बीकानेर छोड़ा था.
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