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नोट कांड: गिरफ्तारी के लिए तैयार अमर सिंह

अमर सिंह और जिन दूसरे लोगों के नाम आरोप पत्र में हैं, उनके पास बताने के लिए बहुत कुछ है.अमर सिंह नोट के बदले वोट मामले में कई विकल्प तलाश रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अमर सिंह के खिलाफ  आरोपपत्र दाखिल किया है.

अमर सिंह
अमर सिंह
अपडेटेड 31 अगस्त , 2011

अमर सिंह और जिन दूसरे लोगों के नाम आरोप पत्र में हैं, उनके पास बताने के लिए बहुत कुछ है.

अमर सिंह नोट के बदले वोट मामले में कई विकल्प तलाश रहे हैं.

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अमर सिंह के खिलाफ  आरोपपत्र दाखिल किया है. वे अपनी गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं और यहां तक कि अपने वकीलों को संकव्त दे चुके हैं कि दिल्ली की एक अदालत में विशेष न्यायाधीश के सामने सुनवाई के दौरान वे उनके साथ मिलकर जिरह में भाग लेना चाहेंगे.

वे कांग्रेस के नेताओं के साथ संपर्क में भी हैं जिनके बारे में उन्हें भरोसा है कि वे उन्हें इस मुसीबत से निकाल लेंगे. उन्होंने तिरुपति से फोन पर संक्षिप्त बातचीत में इंडिया टुडे को बताया, ''अगर दिल्ली पुलिस मुझे गिरफ्तार करना चाहती है, तो करे. इससे सरकार को एक और फायदा मिलेगा. लोगों का ध्यान अण्णा हजारे से हट जाएगा.'' अमर सिंह इस हफ्ते तीर्थयात्रा पर तिरुपति में हैं.

अगर वे नोट के बदले वोट कांड में कथित तौर पर शामिल कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हैं, तो वे घोटालों से भरी सरकार के लिए एक और विवाद खड़ा कर देंगे. 22 जुलाई, 2008 को भाजपा के तीन सांसदों ने विश्वासमत से पहले लोकसभा में नोट की गड्डी लहराते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें यूपीए सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए यह धन दिया गया.

अमर सिंह पिछले कुछ समय से अपना राजनैतिक कॅरियर नए सिरे से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की दुर्दशा उजागर करने के लिए गाजियाबाद से गाजीपुर (वाराणसी के नजदीक) तक रथयात्रा निकालने की योजना बनाई थी.

उन्हें भरोसा है कि उनके इस कदम से राष्ट्रीय लोक मंच पार्टी को राज्‍य में राजनैतिक फायदा मिलेगा जहां 20 प्रतिशत मुसलमान हैं. उन्होंने कांग्रेस पार्टी से कहा भी है 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह पार्टी के साथ गठबंधन करे.

पर अमर सिंह को पकड़ा गया तो सब कुछ हिल जाएगा. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना कि अमर सिंह के खिलाफ आरोपपत्र तीन सबूतों पर आधारित हैः दो आरोपियों-संजीव सक्सेना और सुहेल हिंदुस्तानी-के बयान तथा पत्रकार सिद्धार्थ गौतम, अमर सिंह की बातचीत के रिकॉर्ड और परिस्थितिजन्य साक्ष्य. सक्सेना का परिचय अर्गल, कुलस्ते और भगोरा से अमर सिंह के सचिव के रूप में कराया गया. उन्हें सांसदों को रिश्वत देते हुए कैमरे में पकड़ा गया. अमर सिंह पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के अंतर्गत मामला दर्ज हो सकता है.

अमर सिंह, सक्सेना और हिंदुस्तानी के साथ दिल्ली पुलिस ने सांसदों को रिश्वत देने की साजिश करने के आरोप में अशोक अर्गल, महावीर भगोरा, फग्गन सिंह कुलस्ते और भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के सहायक सुधींद्र कुलकर्णी के खिलाफ  भी आरोपपत्र दायर किया है.

80 पन्नों के आरोपपत्र में उन्हें इस घोटाले का ''प्रमुख षड्यंत्रकर्ता'' बताया गया है क्योंकि वे कथित रूप से सभी षड्यंत्रकर्ताओं के संपर्क में थे और उस समय भी उपस्थित थे जब सांसदों को ''गैर-कानूनी तरीके'' से धन वितरित किया जा रहा था.

पुलिस 2 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर करेगी, पुलिस ने अर्गल के खिलाफ आरोपपत्र दायर करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से मंजूरी मांगी है क्योंकि वे भाजपा के वर्तमान सांसद हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ''सबूत बताते हैं कि अमर सिंह ने सक्सेना को धन दिया था, जिन्होंने इसे भाजपा के तीन सांसदों को दिया ताकि वे जुलाई, 2008 में यूपीए के पक्ष में मतदान करें.''

उन्होंने बताया कि अमर सिंह ने पूछताछ के दौरान रिश्वत के धन से किसी तरह का संपर्क होने से इनकार किया. लेकिन इस महीने के शुरू में पुलिस ने उन बैंकों और खातों का पता लगाया जहां से पैसा निकाला गया. अमर सिंह और जिन दूसरे लोगों के नाम आरोपपत्र में हैं, उनके पास बताने के लिए बहुत कुछ है.

घोटाले की जांच कर रही संसदीय समिति की सिफारिश पर 2009 में यह मामला दर्ज किया गया था. भारत-अमेरिका के बीच परमाणु समझैते से नाराज वाम दलों के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद सरकार को संसद में विश्वास मत हासिल करना पड़ा था.

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