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महिलाओं से ज्यादा पुरुषों को अपनी जान की परवाह !

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए महिलाओं से काफी ज्यादा संख्या में पुरुषों ने कोविड टीकाकरण करवाया है. देश में 18+ कैटगरी में सबसे ज्यादा कोविड टीकाकरण अबतक यूपी में ही हुआ है.

प्रतीकात्मक फोटो (पीटीआइ)
प्रतीकात्मक फोटो (पीटीआइ)
अपडेटेड 26 मई , 2021

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बचाव और टीकाकरण मुख्य हथियार है. उत्तर प्रदेश में चलाए जा रहे फ्री कोविड टीकाकरण महाअभियान में महिलाओं से आगे पुरुष निकल गए हैं. प्रदेश में कुल 77,54,988 डोज पुरुषों को दी गई है, तो महिलाओं को 58,92,083 डोज लगी है. देश में 18+ कैटगरी में सबसे ज्यादा टीका उत्तर प्रदेश में लगा है और यह सिलसिला रोजाना बढ़ता ही जा रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में टीकाकरण के लिए सबसे पहले मुहिम छेड़ी थी और निशुल्क टीकाकरण की घोषणा की थी. इसके बाद उन्होंने एक मई से तय समय पर 18+ कैटगरी के टीकाकरण की घोषणा की थी. चरणवार शुरू हुए टीकाकरण में देश में सबसे ज्यादा युवाओं ने प्रदेश में टीका लगवाया है, जबकि कई प्रदेशों में 18+ कैटगरी में टीकाकरण सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है. इसके अलावा प्रदेश में हो रहे टीकाकरण को और तीव्र गति से चलाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. प्रदेश में 5,631 सेंटरों पर वैक्सिनेशन किया जा रहा है, इसमें 163 निजी संस्थान भी हैं. इन सेंटरों से कुल 1,70,41,061 डोज टीके के लोगों को दिए गए हैं. इसमें कोविशिल्ड 1,50,67,355 और कोवैक्सिन 19,73,708 की कुल डोज दी गई है. इसमें 60 साल से ऊपर आयु वर्ग को 48,47,480 तो 45 से 60 आयु वर्ग तक 59,96,672 और 18 से 44 आयु वर्ग तक 28,00,610 डोज टीके की दी गई है.

सीएम योगी ने एक जून से सभी 75 जिलों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के कोविड टीकाकरण का कार्यक्रम प्रारम्भ करने का निर्देश दिया है. न्यायिक सेवा के लोगों, मीडिया प्रतिनिधियों के अलावा शिक्षकों और कर्मचारियों के टीकाकरण के लिए 02-02 केंद्र सभी जिलों में बनाए जाने का निर्देश है. शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, बैंक कर्मी आदि का टीकाकरण शीघ्रता से कराया जाना चाहिए. सीएम योगी ने कहा है कि जिन अभिभावकों के बच्चे 12 वर्ष से कम आयु के हैं, उनका टीकाकरण प्राथमिकता के साथ किया जाए और इस संबंध में विधिवत कार्य योजना बनाएं. हर जिले में 'अभिभावक स्पेशल' बूथ बनाए जाएंगे. अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें टीकाकरण के लिए आमंत्रित करें. यह अभिभावक के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा के लिए उपयोगी होगा. इसे अभियान के रूप में संचालित किया जाए.

कोविड टीकाकरण पूर्णतः निःशुल्क है, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सभी नागरिकों को निःशुल्क टीका-कवर उपलब्ध कराया जा रहा है. कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, निर्बाध और प्रभावी ढंग से संचालित की जाए. जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर पूरी कार्य योजना के साथ वैक्सीनेशन की कार्यवाही का प्रभावी प्रबन्धन किया जाए. वैक्सीनेशन का कार्य सुचारु ढंग से सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर चलता रहे, इसके लिए एक माह की प्लानिंग पहले से होनी चाहिए. वैक्सीनेशन सेंटर पर वेटिंग एरिया के साथ ही ऑब्जर्वेशन एरिया की व्यवस्था भी होनी चाहिए. वैक्सीनेशन सेंटर पर भीड़-भाड़ न हो, इसके लिए प्लानिंग के साथ जिनका वैक्सीनेशन होना है, उन्हें ही सेंटर पर बुलाया जाए.

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