चुनाव से पहले सरकार ने 6 करोड़ नौकरीपेशा लोगों को सौगात देते हुए प्रोविडेंट फंड (पीएफ) पर मिलने वाले ब्याज की दर को बढ़ा दिया है. पीएफ पर अब 8.65 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा, जो पहले 8.55 फीसदी की थी. यह फैसला श्रम मंत्रालय में गुरुवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में यह फैसला लिया गया है.
ब्याज दर अभी भी 2015-16 से कम
पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों का अध्यन करें तो पता चलता है कि पीएफ पर मिलने वाले ब्याज की दर अभी भी 2015-16 के 8.80 फीसदी मुकाबले कम है.
वित्त वर्ष ब्याज दर
2014-15 8.75%
2015-16 8.80%
2016-17 8.65%
2017-18 8.55%
2018-19 8.65%
क्या होता है ईपीएफ खाता
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए संचित निधि की एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का बराबर धन राशि का योगदान होता है। संचित निधि में प्रति माह कर्मचारी के वेतन से एक निश्चित धन राशि का अंशदान किया जाता है. उतनी ही धन राशि का अंशदान नियोक्ता की ओर से भी किया जाता है.
(जवाहर लाल नेहरू आइटीएमआइ के छात्र हैं और इंडिया टुडे में प्रशिक्षु हैं)
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