भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की सड़कों पर आज युवाओं की टीम ने भीड़तंत्र के खिलाफ गांधीगिरी की. इस दौरान युवकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर अपने खून से अंगूठे लगाए हैं. इस चिट्ठी में रांची समेत देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा की जा रहीं एक वर्ग विशेष पर हमलों की बात रखकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई.
राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने एक वर्ग विशेष और दलितों पर भीड़ के जरिए किए जा रहे हमलों का मुद्दा उठाया तो राज्यों में भी कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गई. अब इस मुद्दे पर भोपाल के युवाओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम चिट्ठी लिख कर अपना विरोध दर्ज कराया है. चिट्ठी पर युवाओं ने अपने ख़ून से अंगूठा लगाया. मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ ने इस मुहिम की शुरुआत की.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद से भीड़तंत्र की घटनाएं देश में आम हो गई हैं और भाजपा सरकार की ख़ामोशी ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ाती है.
प्रदर्शन की अगुआई कर रहे कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अब्बास हफीज कहते हैं, ''भीड़तंत्र में शामिल लोग भाजपा की विचारधारा के समर्थक होते हैं और वो अल्पसंख्यक एवं दलित समुदाय के खून के प्यासे हैं.''
अब्बास कहते हैं,' इन घटनाओं के पीछे राजनीतिक स्वार्थ है, लेकिन यह हमले नहीं थमें तो देश की गंगा जमुनी तहज़ीब को बड़ा नुकसान होगा।'
भोपाल के युवाओं का कहना है कि वह इस मुहिम को पूरे देश में ले जाएंगे. साथ ही उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस चिट्ठी के बाद प्रधानमंत्री मोदी घटनाओं के आरोपियों के प्रति सख्ती दिखाएंगे.
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता दुर्गेश शर्मा का कहना है कि कांग्रेस सभी तरह की देशविरोधी गतिविधियों का विरोध करती रही है और करती रहेगी. देश में भीड़तंत्र नहीं चलने दिया जाएगा.
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