इस बार देश के बेस्ट कॉलेजों के अपने 16वें सालाना सर्वेक्षण में इंडिया टुडे ने नीलसन कंपनी के साथ मिलकर अध्ययन को 11 विषयों तक विस्तारित कर लिया-आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, बीबीए, बीसीए, जनसंचार और पत्रकारिता, फैशन और फाइन आर्ट्स.
आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के लिए 13 प्रमुख शहरों (अहमदाबाद, बंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नै, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कोच्चि, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और पुणे) के कॉलेजों को चुना गया. इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, बीबीए, बीसीए, मास कम्युनिकेशन और पत्रकारिता, फैशन और फाइन आर्ट्स के लिए समूचे भारत के कॉलेजों का सर्वेक्षण किया गया.
सर्वेक्षण की यह प्रक्रिया इसी साल मार्च में शुरू हुई जब कॉलेजों की सूची जुटाने के लिए इंटरनेट, प्रकाशित रिपोर्टों और एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज हैंडबुक का सहारा लिया गया. इस तरह 1,500 से ज्यादा कॉलेजों की एक समग्र सूची तैयार कर ली गई. इसे सर्वेक्षण के चरण-1 का नाम दिया गया.
प्रत्येक विषय में लिस्ट बना लेने के बाद प्रत्येक शहर के विशेषज्ञों को प्रश्नावली भेजी गई. इन्हें 100 अंकों को पांच पैमानों पर बांटने को कहा गया-कॉलेज की साख, अकादमिक संसाधनों की गुणवत्ता, छात्रों की देखभाल, बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के अवसर. विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाओं को मिला कर प्रत्येक पैमाने का भार निकाला गया.
इसके बाद विशेषज्ञों से उनके शहर में आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के कॉलेजों तथा प्रत्येक क्षेत्र (उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी) के इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, बीबीए, बीसीए, मास कम्युनिकेशन और पत्रकारिता, फैशन व फाइन आर्ट्स कॉलेजों की रेटिंग करने को कहा गया. पक्षपात से बचने के लिए उनसे अपने कॉलेज की रेटिंग नहीं कराई गई. किसी कॉलेज का कुल स्कोर पता करने के लिए महत्व के अधिभार के हिसाब से इनके द्वारा दी गई रेटिंग के आधार पर गणना की गई. यह चरण-2 था.
चरण-2 के निष्कर्ष के आधार पर उन कॉलेजों का पता चल गया जिनका मूल्यांकन राष्ट्रीय स्तर पर किया जाना था. इस बार राष्ट्रीय नजरिए से विशेषज्ञों के एक अलग पैनल से उनकी विशेषज्ञता के विषयों में कॉलेजों की रेटिंग करने को कहा गया. यह सर्वेक्षण का तीसरा चरण था जिसके अंत में 11 स्ट्रीम में कॉलेजों का राष्ट्रीय स्तर पर स्कोर पता किया गया.
कुल रैंकिंग पता करने के लिए आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के टॉप 50 कॉलेजों और इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ के टॉप 25 कॉलेजों तथा बीबीए, बीसीए, मास कम्युनिकेशन और पत्रकारिता, फैशन और फाइन आर्ट्स के टॉप 10 कॉलेजों से तथ्यात्मक आंकड़ों के लिए संपर्क साधा गया. जिन कॉलेजों ने सामग्री मुहैया नहीं कराई, उन्हें रैंकिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया. डीम्ड यूनिवर्सिटी की स्थिति वाले एकल कॉलेजों को इसमें शामिल रखा गया. यह चरण-4 था.
नौ अलग-अलग स्ट्रीम में फाइनल रैंकिंग पता करने के लिए चरण-3 के धारणात्मक और चरण-4 के तथ्यात्मक स्कोर को मिलाया गया. दोनों को आधे-आधे का अधिभार देकर 100 अंक के आधार पर गणना की गई और तालिका बना कर फाइनल रैंकिंग निकाली गई. फैशन और फाइन आर्ट्स के लिए सिर्फ धारणात्मक स्कोर को ही गिना गया.
प्रिंसिपल, विभागाध्यक्ष और डीन स्तर के करीब 1,000 विशेषज्ञों की राय को मार्च, अप्रैल, मई और जून में अध्ययन के विभिन्न चरणों में इकट्ठा किया गया.
नीलसन टीम में थे सौम्य मोहंती, नितिन ग्रोवर और सुशील कुमार.

