मजबूत ढांचागत सुविधाएं, खेती किसानी, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार, पर्यटन समेत विकास के पैमाने पर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे गोरखपुर को मार्च के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों चिड़ियाघर की सौगात मिलने की पूरी उम्मीद है. चिड़ियाघर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और यहां जानवरों को लाने का क्रम सिलसिलेवार जारी है. चीता, तेंदुआ, दरियाई घोड़ा, हिरण, सियार, अजगर जैसे वन्य जीव आ चुके हैं और रविवार से यहां बब्बर शेर की दहाड़ भी गूंजने लगेगी.
गोरखपुर में अमर शहीद अशफाक उल्ला खां के नाम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनवाया गया प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) पूर्वी देश का सर्वाधिक खूबसूरत चिड़ियाघर है. चिड़ियाघर पूर्वांचल के पर्यटन विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा. इन दिनों इसके लोकार्पण की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं. गत दिनों गोरखपुर की गंगा कही जाने वाली राप्ती नदी के तट पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीन पक्के घाटों के लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च के पहले सप्ताह में चिड़ियाघर के उद्घाटन की बात कही थी जिसके बाद जानवरों को लाने का कार्य और तेज कर दिया गया.
260 करोड़ रुपये की लागत से बने गोरखपुर के चिड़ियाघर में कई खासियतें इसे नायाब दर्जा देने वाली हैं. इसमें रखे जाने वाले जानवरों के अलावा यहां इंडोर बटरफ्लाई पार्क में विविध प्रजाति की तितलियों की बहुरंगी छटा देखने को मिलेगी तो सरपेंटेरियम में दुलर्भ प्रजाति के सांप दिखेंगे. आने वाले दिनों में यहां इज्राएल के जेब्रा भी देखने को मिलेंगे. परिसर में ही 40 सीटर 7 डी थिएटर बनाया गया है और पीपीपी मॉडल पर टॉय ट्रेन चलाने की प्रक्रिया भी गतिमान है. बुजुर्गों के लिए बैटरी चालित गोल्फ कार भी चलाई जाएगी. 30 एकड़ के विशाल वेटलैंड वाला यह पहला चिड़ियाघर है जहां 60 से अधिक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का दीदार किया जा सकेगा. सीएम सिटी में चिड़ियाघर का प्रवेश द्वार लोगों को एक जिला एक उत्पाद यानी ओडीओपी के उत्पादों से भी लुभाएगा. इसके लिए ओडीओपी शोकेस बनाया गया है.
गिर वन्यजीव अभयारण्य गुजरात से लाए गए एवं इटावा स्थित लॉयन सफारी पार्क में पले-बढ़े बब्बर शेर पटौदी और मरियम सीएम सिटी के चिड़ियाघर में रविवार 28 फरवरी तक पहुंचेंगे. शुक्रवार की शाम इन दोनों बब्बर शेर को पिजड़े में ले लिया गया. अब तक इस चिड़ियाघर में 52 वन्य जीव लाए जा चुके हैं. जू के सबसे बड़े आकर्षण गुजरात के बब्बर शेर के जोड़े को रविवार की सुबह तक गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद में प्राणी उद्यान के निदेशक एच राजा मोहन की अगुवाई में कर्मी बाड़ों को तैयार करने में जुटे हैं. उधर इन दोनों बब्बर शेरों को लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच पशु चिकित्सक एवं वालइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. आर.के. सिंह, इटावा सफारी पार्क के डॉक्टर और कीपरो की टीम शनिवार की दोपहर गोरखपुर के लिए निकल पड़ी है.
गोरखपुर अब देश के पर्यटन मानचित्र पर चमकने को तैयार है. चिड़ियाघर की इसमें बड़ी भूमिका होगी. कायाकल्प के बाद निखर उठे रामगढ़ ताल में सी-प्लेन संचालित करने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना है. अंतरराष्ट्रीय वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी निर्मित किया जा रहा है. इन सब के कारण कुशीनगर महात्मा बुद्ध के परिनिर्वाण स्थल के लिए आने वाले पयर्टक गोरखपुर में बिना इन सबको देखे नहीं जाएंगे. ऐसे में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी. होटल, रेस्टोरेंट और बाजार के कारोबार में भी इजाफा होगा.
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