पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 5 अगस्त 2023 को गिरफ्तार किए गए थे. उनकी गिरफ्तारी को अब लगभग 27 महीने हो चुके हैं. उनकी बहन नूरीन नियाजी का कहना है कि पिछले एक महीने से ज्यादा समय से वे अपने भाई से मिलने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उन्हें मुलाकात की इजाजत नहीं दी जा रही.
नूरीन नियाजी ने पुलिस पर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया है. इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इमरान खान की जेल में हत्या के दावे कर रहे हैं. अब इमरान खान के बेटे कासिम खान ने भी बयान जारी किया है. ऐसे में इस पूरे मामले को सवाल-जवाब में समझने की कोशिश करते हैं.
इमरान खान के बेटे और बहन ने शहबाज सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
इस मामले में सबसे पहले इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी ने शहबाज सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. नूरीन ने आरोप लगाया कि परिवार को कई हफ्तों से इमरान खान से मिलने नहीं दिया जा रहा है और अधिकारियों की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की जा रही.
नूरीन नियाजी ने कहा, “हमें कुछ नहीं बताया जा रहा. कोई अंदर जाने नहीं दे रहा. पार्टी के लोग मिलने गए थे, लेकिन उन्हें भी रोक दिया गया. हमें पिछले चार हफ्तों से उनसे मिलने की इजाजत नहीं मिली है.” उन्होंने यह भी बताया कि परिवार को सोशल मीडिया और भारत से आई खबरों के जरिए ही यह पता चला कि इमरान खान की हत्या की चर्चाएं फैल रही हैं.
नूरीन का दावा है कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे परिवार को रोकें और उनके साथ जैसा चाहे वैसा सलूक करें. उन्होंने पुलिस व्यवहार को लेकर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी.
इसके बाद 27 नवंबर को लंदन से इमरान खान के छोटे बेटे कासिम खान ने भी इस पूरे मामले पर अपनी राय रखी है. कासिम ने सोशल मीडिया x पर लिखा, "मेरे पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था. पिछले 6 हफ्तों से उन्हें अकेले एक 'डेथ सेल' में रखा गया है. न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज दिया गया."
कासिम का कहना है कि इमरान की बहनों को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा. यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है. सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है. यही वजह है कि इमरान खान के बेटे ने जेल में बंद अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा है.
अपनी अपील में कासिम ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से दखल का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय, वैश्विक मानवाधिकार संगठनों और हर लोकतांत्रिक आवाज से तत्काल इस मामले में दखल देने का आह्वान करता हूं. सब मिलकर पाकिस्तान सरकार से इमरान खान के जिंदा होने का सबूत मांगें, अदालत के आदेश को सही से लागू कराने की कोशिश करें. पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय राजनीतिक नेता की रिहाई की मांग करें, जिन्हें केवल राजनीतिक कारणों से हिरासत में रखा गया है."
इमरान खान की हत्या की अटकलों की शुरुआत कैसे हुई?
इमरान खान की हत्या की अटकलों की शुरुआत इन दो वजहों से हुई है-
1. अफगानिस्तान टाइम्स की खबर: अफवाहों की शुरुआत 26 नवंबर 2025 को हुई, जब अफगानिस्तान टाइम्स नाम के एक मीडिया आउटलेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर विश्वसनीय पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से दावा किया कि इमरान खान की अडियाला जेल में रहस्यमय तरीके से हत्या कर दी गई है और उनका शव जेल से बाहर ले जाया गया है.
2. बलूचिस्तान के अलगाववादी समूहों का सोशल मीडिया पोस्ट: “बलूचिस्तान मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेन अफेयर्स” नाम के एक सोशल मीडिया अकाउंट ने 27 नवंबर 2025 को एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में अलगाववादी समूह ने कहा, “अडियाला जेल से खबरें आ रही हैं कि इमरान खान को प्रताड़ित करके डेथ सेल में मरने के लिए छोड़ दिया गया है. सूत्र बता रहे हैं कि आर्मी चीफ आसिम मुनीर और ISI ने इमरान खान की हत्या कर दी है. अभी सिर्फ आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.”
इसके बाद से इस तरह की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है. अब इमरान खान का परिवार भी शहबाज सरकार से उनके जिंदा होने का सुबूत मांग रहा है.
इमरान खान को लेकर किए जा रहे दावों पर पाकिस्तान सरकार ने क्या कहा है?
इस पूरे मामले पर रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सफाई दी है. रक्षा मंत्री ने इमरान खान की हत्या की खबरों को अफवाह बताया है. उन्होंने कहा, "इमरान के पास जेल में टीवी है, बाहर से खाना आता है और जिम इक्विपमेंट भी है. इतना ही नहीं इमरान के पास डबल बेड और मखमली बिस्तर भी है." उन्होंने दावा किया कि जेल अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल करते हैं.
इसके बाद आसिफ ने अपने जेल में रहने के वक्त को याद कर कहा, "जब वो जेल में बंद थे तो उनके पास सिर्फ दो कंबल होते थे. हम ठंडे फर्श पर सोते थे और जेल में बना खाना ही खाते थे."
इस पूरे मामले में इमरान खान की पार्टी के सांसदों ने क्या कहा है?
इमरान खान की पार्टी PTI का कहना है कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान की मौत तक की खबरें फैलाई जा रही हैं. इतना ही नहीं पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि इमरान खान के साथ अगर कोई अनहोनी हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. PTI ने आधिकारिक प्रतिक्रिया और परिवार से तत्काल संपर्क की मांग की है.
क्या इमरान खान को जेल में परिवार से मिलने की इजाजत है?
हां, अक्टूबर महीने में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान के मामले में सुनवाई के बाद उनके परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात की मंजूरी दी थी. इमरान की बहन का कहना है कि इसके बावजूद उन्हें नहीं मिलने दिया जा रहा है.

