scorecardresearch

भगोड़ा अपराधी क्या जाल में फंसेगा?

दाऊद के करीबी और 1993 के बम विस्फोटों में वांछित मिर्ची का ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कोई आसान नहीं होगामिर्ची मादक दवाओं के धंधे में दाऊद के खास गुर्गे के रूप में कुख्यात है.

इकबाल मिर्ची
इकबाल मिर्ची
अपडेटेड 16 अक्टूबर , 2011

भगोड़े अपराधी और दाऊद इब्राहिम के करीबी साथी इकबाल मिर्ची को ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण संधि के बावजूद लंदन से वापस लाना भारत के लिए आसान नहीं होगा. वजह यह है कि ब्रिटेन के कानून बहुत सख्त हैं. मिर्ची के खिलाफ 1994 से ही इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस लंबित है.

चेहरा पहचानें, जीतें ईनाम. भाग लेने के लिए क्लिक करें

 

 
61 वर्षीय मिर्ची को 11 अक्तूबर को लंदन में मौत की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पर न तो उसकी शिकायत करने वाले और न मामले की परिस्थितियों का खुलासा किया गया है. मुंबई पुलिस को 12 मार्च, 1993 में मुंबई में हुए विस्फोटों के सिलसिले में उसकी तलाश है.
 

5 अक्‍टूबर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे अंक 

28 सितंबर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे अंक

21 सितंबर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे अंक

विदेश मंत्रालय ने इस खूंखार अपराधी के प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू कर दी है. विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना था, ''उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.'' लेकिन अपराध से संबंधित मामलों के मुंबई स्थित वकील माजिद मेमन कहते हैं कि जब तक मिर्ची ब्रिटेन में अपने कथित अपराध की सजा पूरी नहीं कर लेता, ब्रिटिश कानून भारत को उस तक नहीं पहुंचने देगा. मेमन ने ही 1995 में लंदन में मिर्ची के प्रत्यर्पण के मामले में उसकी वकालत की थी. उन्होंने इंडिया टुडे  को बताया, ''मैं नहीं जानता, मिर्ची पर कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं. इसलिए यह बताना मुश्किल है कि उसे सजा होगी या नहीं. लेकिन एक बात पक्की है कि उसे वापस लाना बहुत मुश्किल होगा.''
भारत एक बार पहले भी अप्रैल, 1995 में ब्रिटेन में मिर्ची के प्रत्यर्पण की कोशिश कर चुका है. तब लंदन की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने नशीली दवाएं रखने और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था. लंदन की एक अदालत ने उसे भारत को सौंपने से मना कर दिया था और बाद में अपर्याप्त सबूतों की वजह से उस पर से आरोप हटा लिए गए थे.
दक्षिण मुंबई के नल बाजार में मिर्च की दुकान चलाने की वजह से यह उपनाम पाने वाला मिर्ची अरब देशों के अलावा भारत और पाकिस्तान में फैले दाऊद के मादक दवाओं के धंधे में मुख्य गुर्गे के रूप में कुख्यात है. संयुक्त राष्ट्र की 2005 की एक रिपोर्ट में उसे मादक दवाओं के 50 बड़े धंधेबाजों में रखा गया था. उसकी गिरफ्तारी दाऊद के विदेशी साम्राज्‍य के लिए तगड़ा झ्टका है. मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दाऊद के साथ मतभेद के बाद उसे मादक दवाओं के धंधे से हटा दिया गया था. उनके मुताबिक, ''पर दोनों में रिश्ते बरकरार हैं. अब दाऊद का भाई अनीस इब्राहिम मादक दवाओं का धंधा देखता है. मिर्ची दक्षिण मुंबई की अचल संपत्ति के कारोबार में बेनामी पैसा लगाता है.''
मुंबई पुलिस पत्रकार ज्‍योतिर्मय डे की हत्या के मामले में भी जानकारी हासिल करने के लिए मिर्ची तक पहुंचना चाहती है. बताते हैं कि इस साल अप्रैल में डे लंदन में मिर्ची से मिले थे. आरोप हैं कि अपराधी सरगना छोटा राजन ने 11 जून को डे की हत्या करवाई थी. मादक दवाओं के 15 मामलों और हत्या तथा देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के एक-एक मामले के साथ मिर्ची ब्रिटेन में अपनी सजा पूरी होने तक भारत के लिए दुर्लभ बना रहेगा.

Advertisement
Advertisement