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कर्नाटक: येद्दियुरप्पा को काले जादू का खौफ

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येद्दियुरप्पा की चिंता ने उन्हें अब मानसिक रूप से परेशान कर दिया है. उनके पारिवारिक पंडित के मुताबिक, आने वाले महीने उनके लिए 'खराब' साबित हो सकते हैं.

येद्दियुरप्पा
येद्दियुरप्पा
अपडेटेड 15 फ़रवरी , 2011

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येद्दियुरप्पा की चिंता ने उन्हें अब मानसिक रूप से परेशान कर दिया है. उनके पारिवारिक पंडित के मुताबिक, आने वाले महीने उनके लिए 'खराब' साबित हो सकते हैं.

अवसादग्रस्त मुख्यमंत्री ये बातें मानते हैं और उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में मैसूर में यह कहा भी कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि विपक्ष ने उनसे छुटकारा पाने के लिए उन पर काला जादू किया. उन्होंने सिद्दगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामीजी की मौजूदगी में कहा, ''वे मुझे खत्म करने पर तुले हुए हैं, इसे लेकर मैं आतंकित हूं. वे मेरी सरकार गिराने में नाकाम हो गए हैं, इसलिए अब उन्होंने काला जादू का सहारा लिया है.'' येद्दियुरप्पा ने देवगौड़ा और कांग्रेस नेता सिद्दारमैया को 'काला जादू करने के विशेषज्ञ' करार दिया.

मुख्यमंत्री के पारिवारिक पंडित भानुप्रकाश शर्मा कहते हैं कि अमावस्या का समय येद्दियुरप्पा के लिए बहुत खराब है. यदि वे कुछ अनुष्ठान नहीं करते हैं तो उन्हें मनदोष का सामना करना पड़ सकता है. राहू और केतू के बुरे प्रभाव को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते श्रीकालहस्ती मंदिर जाकर पूजा की थी. शर्मा ने ही येद्दियुरप्पा को वैष्णो देवी मंदिर जाने की भी सलाह दी थी, जो उनके लिए भाग्यशाली साबित हुई थी क्योंकि उसके कुछ दिन बाद ही वे मुख्यमंत्री बन गए.{mospagebreak}

अब शर्मा ने मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि वे कम-से-कम एक महीने तक राज्य से जितना संभव हो, बाहर न रहें. शर्मा कहते हैं, ''आने वाला महीना चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है, और ग्रहों के बुरे असर को सिर्फ पूजा के जरिए ही खत्म किया जा सकता है.'' वे जोर देकर कह रहे हैं, ''मुख्यमंत्री को अपने विरोधियों को नाकाम करने के लिए मैसूर के चामुंडादेवी मंदिर जाकर मां दुर्गा की पूजा करनी होगी और भगवान गणेश को एक लाख मोदक चढ़ाने होंगे.''

8 फरवरी से 10 फरवरी के बीच उन्हें कुछ और अनुष्ठान करने की सलाह दी गई है जिसमें नदी में किया जाने वाला अनुष्ठान और 12 सूर्य नमस्कार शामिल है. शर्मा कहते हैं, ''इन अनुष्ठानों से उन्हें सारी बुराइयों को दूर करने में मदद मिलेगी क्योंकि उनके सितारे इस साल 10 मार्च तक बुरे दौर से गुजर रहे हैं.''

पिछले दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री कई तीर्थस्थलों की यात्रा कर चुके हैं. पिछले वर्ष वे गुरुपुर वज्रदेशी मठ के साथ ही श्री सत्य देवता मंदिर-जहां के पंडित भविष्य वक्ता के रूप में जाने जाते हैं-और सुंकदकट्टे मंदिर भी गए थे. ये तीनों मंदिर मंगलूर में हैं.

सिद्दारमैया और जद (एस) तथा कांग्रेस के अन्य नेताओं ने येद्दियुरप्पा को मनोचिकित्सक से मिलने की सलाह दी है क्योंकि वे अवसाद और तनाव के दौर से गुजर रहे हैं. सिद्दारमैया कहते हैं, ''मैं काला जादू या अनुष्ठान वगैरह को नहीं मानता. यदि वे अपनी रक्षा खुद नहीं कर सकते तब वे कर्नाटक के लाखों लोगों की रक्षा कैसे करेंगे. मेरा मानना है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हट जाना चाहिए. मैं उन पर मुकदमा करूंगा. मुझ पर काला जादू करने का आरोप लगाकर उन्होंने मेरा चरित्रहनन किया है.''

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