प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जल्दी ही इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ बॉम्बे हाइकोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज कराएगा और उनके प्रत्यर्पण में लंदन पुलिस की सहायता लेगा.
4 जनवरी 2012: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
ईडी और आयकर अधिकारियों की ओर से दर्ज वित्तीय गड़बड़ियों, फ्रेंचाइजी नीलामी में धांधली और प्रसारण सौदों में रिश्वत लेने जैसे आइपीएल से जुड़े 22 मामलों में मोदी वांटेड हैं.
28 दिसम्बर 2011: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
मोदी अप्रैल 2009 में लंदन जाने के बाद सिर्फ एक बार अप्रैल 2010 में अपने वकीलों से मिलने भारत आए थे. आइपीएल फ्रेंचाइजी के चयन में धांधली के आरोप लगने पर मई 2010 में उन्हें आइपीएल के कमिश्नर पद और बीसीसीआइ की गवर्निंग बॉडी से हटा दिया गया था. जनवरी 2011 में सरकार ने उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया था.
21 दिसम्बर 2011: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
मोदी ने वित्तीय गड़बड़ी के मामले में बीसीसीआइ की ओर से दाखिल अर्जी पर चेन्नई पुलिस की ओर से जारी आपराधिक साजिश की नोटिस का जवाब दिया लेकिन ईडी के चार कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया.
14 दिसंबर 2011: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
उनके वकील महमूद आबिदी कहते हैं कि मोदी ईडी के कारण बताओ नोटिस का ''जल्द ही जवाब देंगे. कुछ निहित स्वार्थ के लोग उनके पीछे हाथ धोकर पड़े हैं. मेरे मुवक्किल ने बार-बार कहा है कि उन्हें मुंबई अंडरवर्ल्ड से जान का खतरा है इसलिए वे भारत नहीं आ सकते हैं.''
07 दिसंबर 2011: तस्वीरों में देखें इंडिया टुडे
अक्तूबर 2011 में मोदी ने ईडी को कहा कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सवालों के जवाब देने को तैयार हैं और ईडी के अधिकारी चाहें तो लंदन में उनसे पूछताछ कर सकते हैं. जांच एजेंसी ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया.
बीसीसीआइ पर भी दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि ईडी का दावा है कि बोर्ड ने 2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुए आइपीएल के दूसरे एडिशन के दौरान 16,500 करोड़ रु. का सौदा किया, जबकि हिसाब सिर्फ 250 करोड़ रु. का ही दिया, जो भारत के विदेशी मुद्रा विनिमय नियमों का उल्लंघन है.
ईडी, बोर्ड को 12 और कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है. विदेश से पैसा पाने वाले आइपीएल के सभी फ्रेंचाइजी धारकों को भी नोटिस जारी होने को हैं. ईडी उन टीम मालिकों के खिलाफ अपनी जांच जारी रखेगा जिनके बारे में उसका मानना है कि वे विदेशी मुद्रा विनिमय कानून, 2000 के उल्लंघन में शामिल हैं.
बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर ने अगस्त 2011 में ईडी के अधिकारियों से पूछताछ में कहा था कि आइपीएल से जुड़े सभी फैसले मोदी ने किए थे जिनकी सूचना ''बीसीसीआइ के दूसरे अधिकारियों को नहीं दी गई थी.''
एजेंसी ने कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान से आइपीएल में उनके निवेश और जनवरी 2008 में 750.9 लाख डॉलर में 10 साल के लिए खरीदी गई फ्रेंचाइजी के बारे में पूछताछ की है.
मोदी के जमाने में आइपीएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य रहे रवि शास्त्री से भी पूछा गया है कि क्या वे लीग के वित्तीय सौदों में शामिल थे?
बीसीसीआइ के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख पी.आर. रमन ने इंडिया टुडे को बताया, ''हमारे पास वित्तीय लेन-देन का पूरा हिसाब है और हम ईडी को बता चुके हैं कि बीसीसीआइ किसी भी तरह के हवाला लेन-देन में शामिल नहीं रहा है. हमें ईडी के चार नोटिस मिल चुके हैं और बताया गया है कि कुछ और नोटिस मिल सकते हैं.''
उनके मुताबिक, बोर्ड के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन जल्द ही एजेंसी के सामने अपना बयान देंगे.

