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गेहूं-चावल के कोठे और रजाई बने रिश्‍वतखोरों के लॉकर

खुद को और रिश्वतखोरी की अपनी रकम छिपाने के लिए लूटखोर तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. कइयों के यहां नोट तकिए के खोल में या फिर बिस्तर के नीचे मिले. सोने-चांदी के गहने पानी की टंकियों के नीचे बने लॉकर में पड़े मिले.

अपडेटेड 5 फ़रवरी , 2012

खुद को और रिश्वतखोरी की अपनी रकम छिपाने के लिए लूटखोर तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. कइयों के यहां नोट तकिए के खोल में या फिर बिस्तर के नीचे मिले. सोने-चांदी के गहने पानी की टंकियों के नीचे बने लॉकर में पड़े मिले. गहनों की पोटलियां कुछ जगहों पर तो गेहूं-चावल की कोठियों में भी दबाकर रखी गई थीं. खरगौन के एक बाबू ने बड़ी दिलचस्प युक्ति लगाई. किसी की नजर न पड़े, इस जुगत से उसने दीवार पर महाभारत युद्ध के मैदान में अर्जुन को उपदेश देते कृष्ण की तस्वीर टांग रखी थी. उसे हटाने पर वहां लॉकर मिला, जिसमें लाखों रु. के नोट ठूंसकर रखे गए थे.

8 फरवरी 2012: तस्‍वीरों में इंडिया टुडे

राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के एक निरीक्षक आनंद स्वामी हनुमानगढ़ जिले के खारा गांव के एक पटवारी भजनलाल को पकड़ने का मजेदार वाकया बताते हैं. भजनलाल को पता चल गया था कि जिस शख्स से उसने इंतकाल दर्ज करने के बदले रिश्वत की रकम मांगी है, वह एसीबी से शिकायत कर चुका है. एसीबी को अपने तीन कर्मचारी शिकायतकर्ता के खेत में चार दिन तक मजदूर बनाकर लगाए रखने पड़े. इस शातिर पटवारी को जब भरोसा हो गया कि एसीबी टीम अब शांत पड़ चुकी है, तब वह शिकायत करने वाले के घर पहुंचा और रिश्वत के 15,000 रु. लेने के बाद बोला, ‘तुम्हारा काम हो जाएगा, अब अच्छी-सी चाय पिला दो.’

1 फरवरी 2012: तस्‍वीरों में इंडिया टुडे

एसीबी के लोगों ने उसे तभी दबोच लिया. हनुमानगढ़ जिले में ही हरियाणा सीमा से लगी रतनपुरा परिवहन चौकी पर ट्रकों से हर महीने तीस लाख रु. की अवैध वसूली की शिकायत थी. एसीबी की टीम ने इसी जनवरी में छापा मारा तो महज साढ़े तीन हजार रु. ही ज्‍यादा मिले. पर चौकी के उप-निरीक्षक मोतीलाल कक्कड़ के घर की तलाशी ने जांच दल को चौंका दिया. उसने घर पर रजाई को लॉकर बना रखा था. उसमें 4 लाख रु. से ज्‍यादा बरामद हुए.

25 जनवरी 2012: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे

विशेष अदालत कानून बड़ा औजार: शिवराज सिंह चौहान

राज्‍य में भ्रष्टाचार को लेकर खासे मुखर दिखने की कोशिश कर रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई पहलुओं पर बोले, कुछ पर सीधे और कुछ पर गोलमोल. शुरैह नियाज़ी ने उनसे बातचीत की. कुछ अंश

- छापेमारी में छोटे अफसर-कर्मचारी ही निशाने पर क्यों हैं? बड़े अफसरों के यहां भी छापे मारे गए हैं पर पुख्ता प्रमाण के बगैर यह संभव नहीं.- फंसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी में लंबी देरी क्यों? सरकार सहयोग करती है. किसी मामले में देरी हो रही है तो उसे दूर करेंगे.- प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा कहते हैं कि भ्रष्ट नेताओं के घर पर भी छापे पड़ने चाहिए. क्या कहेंगे? सभी जनता के सेवक हैं. भ्रष्ट जनसेवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.- भ्रष्ट लोगों के खिलाफ ज्‍यादा प्रभावी कार्रवाई के और उपाय? लोक सेवा गारंटी कानून लागू कर 16 विभागों में 52 सेवाएं तय समय सीमा में देने का प्रावधान किया है. भ्रष्ट लोकसेवकों की आय से ज्‍यादा संपत्ति को जब्त करने के लिए विशेष अदालत विधेयक मंजूर कर केंद्र के पास भेजा हुआ है. इसके तहत भ्रष्ट लोकसेवकों के मामले एक साल में निबट सकेंगे. पर केंद्र ने इसे अटका रखा है (खबर है कि गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने इसे मंजूर कर राष्ट्रपति के पास भेज दिया है).
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