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महाराष्ट्र के सांगली जिले में 26 में से 24 को कोरोना मुक्त किया गया

मंत्री जयंत पाटील ने बताया, जिले में कोरोना को मात देने के लिए चिकित्सा के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए गए, नागरिकों कों सहयोग के लिए किया गया प्रेरित और सोशल डिस्टेंसिंग को अमल में लाया गया.

खाद्य सामाग्री बांटते हुए मंत्री जयंत पाटील
खाद्य सामाग्री बांटते हुए मंत्री जयंत पाटील
अपडेटेड 10 अप्रैल , 2020

कोरोना वायरस ने अपने प्रकोप से जहां पूरे महाराष्ट्र को भयभीत कर रखा है वहीं महाराष्ट्र का सांगली जिला कोरोना पर लगभग नियंत्रण पाने की अच्छी खबर भी दे रहा है. राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित विलासराव देशमुख ने दावा किया है कि जिले के 26 में से 24 कोरोना संक्रमित रोगियों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है. इन्हें जल्दी ही घर भेजा जाएगा. डॉक्टर पल्लवी सापले ने भी विश्वास जताते हुए कहा कि बाकी दो अन्य संक्रमित रोगी जल्द ही ठीक हो जाएंगे और हमें सांगली को कोरोना मुक्त करने में सफलता मिलेगी.

इन सभी 26 संक्रमित रोगियों का इलाज सांगली जिले के मिराज के सरकारी मेडिकल कालेज अस्पताल में चल रहा है. इनमें से 25 रोगी इस्लामपुर के हैं तो एक रोगी वडगांव का है. जिले के पालक मंत्री जयंत पाटील का कहना है कि जब इस्लामपुर में कोरोना संक्रमित रोगियों की बड़ी संख्या मिली तो शासन के लिए यह चिंता की बात हो गई. इस पर गंभीरता से काम किया गया और मिरज के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए रोगियों को भर्ती कराया गया.

सांगली की परिस्थिति पर नियंत्रण पाने और रोगियों के उपचार के लिए डॉक्टर सापले के नेतृत्व में डॉक्टर विनायक सावर्डेकर और डॉक्टर प्रशांत होवाल की टीम को 28 मार्च को मुंबई से भेजा गया. मिरज के 315 बेड वाले इस सरकारी अस्पताल को रातों-रात कोरोना के इलाज के अस्पताल के रूप में तब्दील कर दिया गया. यहां पर वेंटिलेटर सहित हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं.

मंत्री पाटील का कहना है कि इस जिले में कोरोना को मात देने के लिए तीन सूत्री फार्मूले को अमल में लाया गया. इसमें शासन की ओर से चिकित्सा के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए गए, नागरिकों का सहयोग मिला और सोशल डिस्टेंसिंग को अमल में लाया गया. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से शासन और नागरिकों के लिए परीक्षा का समय था.

लेकिन कोरोना संक्रमण वाले इलाकों को सील किया गया. आशा वर्कर ने घर-घर जाकर जांच का काम किया, डॉक्टरों ने दिन-रात उपचार किए और नागरिकों को जीवनाश्यक चीजें उपलब्ध कराई गई जिससे सोशल डिस्टेंसिंग में ज्यादा परेशानी नहीं आई. पाटील का कहना है कि कोरोना मुक्त जिला होने के बाद भी सांगली में कोरोना के खिलाफ इसी तरह से नागरिकों का सहयोग लेकर जागरूकता बनाए रखनी है.

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