विमल भाटिया
ईरान से एयरलिफ्ट करके लाए गए जम्मूकश्मीर के रहने वाले 180 भारतीय नागरिकों जिनमें छात्र व तीर्थयात्री हैं को मंगलवार को 25 अप्रैल से शुरू होने वाले पवित्र रमजान महीने के अवसर पर तीन दिन पूर्व कोरोना से एकदम ठीक होकर घर पहुंचने का एक बहुत बड़ा तोहफा मिला हैं. 15, 16, 18 मार्च को ईरान से एयरलिफ्ट करके लाए गए 484 भारतीय नागरिकों में से जम्मूकश्मीर के रहने वाले 180 भारतीय नागरिकों को लेकर भारतीय वायुसेना का विशेष सी 130 हरक्यूलिस विमान मंगलवार सांय करीब 05ः30 बजे जैसलमेर के सिविल एयरपोर्ट से श्रीनगर के लिये रवाना हुवा.
इन सभी 180 भारतीय नागरिकों की सारी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने व उनका क्वारंटाईन टाईम पूरा होने पर भारतीय सेना के प्रयास पर गृहमंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद इन्हें आज अपने राज्य जम्मूकश्मीर के लिये रवाना किया। इनमें 161 भारतीय नागरिक जैसलमेर में ठहरे हुवे थे वहीं जोधपुर से लाकर इनके साथ में श्रीनगर भिजवाया हैं.
इन सभी के चेहरों पर कोरोना से मुक्त व पूरी तरह ठीक होकर घर जाने की अजीब सी खुषी व चमक देखी जा सकती थी। जाते जाते यह कश्मीरी छात्र भारतीय सेना का धन्यवाद करते नहीं थक रहे थे.
असल में ईरान से लाए गए 484 भारतीय नागरिकों में से 161 जैसलमेर से व 19 जोधपुर से भारतीय नागरिकां के लिए मंगलवार का दिन कई खुशियां लेकर आया क्योंकि जब ईरान से इन्हें यहां लाया गया था तब वहां पर कोरोना फैला हुवा था तथा वे वहां फसे हुवे थे ऐसे में भारत की केन्द्र सरकार ने वहां से एयरलिफ्ट करके जैसलमेर के मिलिट्री स्टेषन में बनाए गए वेल्नेस सेन्टर कम आईसोलेशन वार्ड में रखा था. वहां भारतीय सेना के डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ की टीमों की बदौलत आज वे एकदम स्वस्थ होने के साथ कोरोना मुक्त होकर घर वापस लौट रहे है.
मंगलवार दिन में करीब दो बजे मिलिट्री स्टेषन से एयरपोर्ट रवाना होने के लिए जब वे बसों में बैठे थे तब इन कष्मीरी छात्रों की आंखों में खुषी के आंसू थे। उन्होंने वहां पर मौजूद सेना के अधिकारियों, जवानों का शुक्रगुजार करते हुवे कहा कि वे आज भारतीय सेना व केन्द्र सरकार व राजस्थान सरकार की बदौलत स्वस्थ होकर अपने घरों में लौट रहे है. इसके लिए हमारे पास तारीफ के लिए शब्द नहीं हैं.
जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन में वेल्नेस सेन्टर में भारतीय सेना के अधिकारियों, जवानों, मेडिकल टीम ने उनका बहुत अच्छे से ख्याल रखा. जरूरत के मुताबिक हर संभव सारी सुविधाएं हमें मुहैया करवाई. आज वे पवित्र रमजान का महीना शुरू होने से तीन दिन पूर्व ही अपने घर पहुंच रहे हैं रमजान का पूरा महिना व ईद का त्यौहार के मौके पर वे अपने परिवार के साथ होंगे इससे बड़ी खुशी हमारे लिए और क्या हो सकती है.
जानकारी के अनुसार सोमवार सांय ही इन कश्मीरी छात्रों को सेना ने सूचित किया था कि उन्हें मंगलवार को अपने घरों में भेजा जा रहा हैं इसके लिए वायुसेना का विशेष विमान उन्हें श्रीनगर तक पहुंचाएगा आगे के उनके घरों तक की व्यवस्था जम्मूकष्मीर के प्रषासन द्वारा की जाएगी. इस जानकारी पर वे काफी प्रसन्न हुवे तथा एक दूसरे को उन्होंने बधाईयां दी. इतने लंबे टाईम के बाद घर जाने की खुषी का इजहार किया.
कोरोना की सारी रिपोर्टें नेगेटिव आने व क्वारंटाईन टाईम पूरा होने के बाद भारतीय सेना ही इनके पिछले कुछ दिनों से लगातार केन्द्र सरकार के जरिए इन्हें वापस भेजने का प्रयास कर रही थी आखिर सोमवार को गृहमंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद इन्हें भारत सरकार द्वारा इन्हें श्रीनगर के हवाई अड्डे ले जाने के लिये भारतीय वायुसेना का सी 130 हरक्यूलिस विमान का प्रबंध किया.
यह विमान करीब 02ः30 बजे जैसलमेर के वायुसैनिक हवाई अड्डे होते हुवे सिविल एयरपोर्ट पहुंचा जहां पांच बसों के जरिए सेना द्वारा पहुंचाए गए इन जम्मूकष्मीर के 180 भारतीय नागरिकों जिनमें अधिकतर छात्र ही हैं व कुछ वृहद्व व्यक्तियों की हेल्थ स्क्रीनिंग व सामान आदि जांच के बाद इस विमान में बैठाया गया। करीब 05ः30 बजे विमान ने जैसलमेर से श्रीनगर के लिये उड़ान भरी.
सेना के अनुसार बाकी बचे हुवे भारतीय नागरिकों में से जिनकी कोरोना जांच रिपोर्ट आई हैं तथा उनका क्वारंटाईन टाईम भी पूरा हुवा हैं उन्हें अतिषीघ्र वापस अपने घरों में भिजवाने के लिए केन्द्र सरकार से प्रयास किए जाएंगे.
जिला कलेक्टर नमित मेहता ने जैसलमेर से भेजे गए 180 भारतीय नागरिकों के संबंध में पुष्टि करते हुवे बताया कि वायुसेना के विशेष विमान से 180 भारतीय नागरिकों को जिन्हें ईरान से लाया गया था सेना द्वारा वायुसेना के विशेष विमान से भेजा गया हैं इन नागरिकों को यदि सड़क मार्ग से भेजा जाता तो उनमें रोड परमिट के लिए उनकी परमिशन की जरूरत होती. केन्द्र सरकार ही उन्हें लेकर आई थी और सरकार ही उन्हें वापस पहुंचा रही हैं इसमें राज्य सरकार की अनुमति की कोई जरूरत नहीं है.
जैसलमेर स्थित एयरपोर्ट ओथोर्टी के डायरेक्टर बी.एस. मीणा ने बताया कि सिविल एयरपोर्ट से इन 180 भारतीय नागरिकों को भारतीय वायुसेना के विमान से भेजे जाने की सुविधा हमारे द्वारा मुहैया करवाई गई. सिविल एयरपोर्ट पर पूरा एतिहात बरतने के साथ कड़े सुरक्षा इंतजामों के बाद व जांच पड़ताल के बाद सुरक्षित रूप से विमान में इनकी बोर्डिंग कराई गई। इनके सामान को सुरक्षित लोड करवाया गया.
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