उम्र 17 साल, पर जिम्मा है चार भाई-बहनों की परवरिश का और वह भी कर्कट के मकान में.
एथलेटिक्स, भाषण और निबंध प्रतियोगिता में 31 मेडल विजेता बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा की कृति सागर पर अचानक परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा है.
कृति की मां प्रभा कुमारी की पिछले हफ्ते बिमारी के कारण नई दिल्ली स्थित एम्स मौत हो गई. वह गौपालन से अपना घर चला रही थीं, लेकिन उनके इलाज में गाएं बिक गईं और कृति पर करीब 80,000 रु. का कर्ज है. इसके पहले जून, 2006 को कृति के पिता रामानंद सागर की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी.
ऐसी विषम परिस्थिति में बिहार युवा कांग्रेस के प्रेसिडेंट ललन कुमार ने 25,000 की सहायता दी है. महुआ के विधायक रवींद्र राय, जिलाधिकारी वीरेंद्र यादव, एसडीओ मंजूर अली, कव्नरा बैंक और थानाध्यक्ष ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है.
ललन कुमार ने राज्य के सात लाख युवा कार्यकर्ताओं से एक-एक रु. संग्रह कर मदद करने की घोषणा की है.'बिहार का बनता परिवेश' विषय पर भाषण प्रतियोगिता में राज्य में अव्वल रही कीर्ति के 'परिवार का परिवेश कैसे सुधरेगा,' समाज और सरकार के समक्ष चुनौती है.

