कोरोना से जंग के लिए रामपुर के जिला प्रशासन ने स्थानीय सांसद आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विश्वविद्यालय और मेडिकल कालेज-अस्पताल का अधिग्रहण कर लिया है. जरूरत पड़ने पर कोरोना के संदिग्ध मरीजों को यहां पर क्वारांटाइन में रखा जाएगा.
रामपुर में छह कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने के बाद स्थानीय जिला प्रशासन ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है. प्रशासन ने अब निजी अस्पतालों को भी इलाज के लिए रिजर्व में रख लिया है. इसके लिए उनका अधिग्रहण भी कर दिया है. प्रशासन ने सपा सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी व मेडिकल कालेज को भी अधिग्रहीत करते हुए यहां पर संदिग्धों को क्वारांटाइन में रखने का प्रबंध किया गया है. रामपुर के डीएम आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि जरूरत पड़ने पर जौहर यूनिवर्सिटी को क्वारांटाइन सेंटर में तब्दील किया जाएगा.
जौहर विश्वविद्यालय के अस्पताल में चार सौ बेड में से सौ बेड प्रयोग करने लायक अवस्था में हैं. इसके अलावा अस्पताल में मरीजों के उपचार से लेकर ओपीडी, दवाओं को स्टाक करने, डॉक्टर और अन्य स्टाफ के रहने-खाने की व्यवस्था है.
रामपुर में आजम खान के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाले स्थानीय भाजपा नेता आकाश सक्सेना से जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्रयोग करने का सुझाव दिया था. सक्सेना का सुझाव था कि जौहर विश्वविद्यालय के अस्पताल में कुछ महीने पहले तक ओपीडी संचालित होती थी और चार सौ बेड के इस अस्पताल में सौ बेड की क्षमता के हिसाब से सभी उपकरण और अन्य जरूरी संसाधन हैं. चूंकि जौहर विश्वविद्यालय बंद है. कोरोना का प्रकोप बढ़ने के बाद सारे हॉस्टल खाली हो चुके हैं ऐसे में जौहर विश्विद्यालय को कोरोना के संदिग्ध मरीजों के क्वारंटाइन सेंटर में बदलने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है.
देश भर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू होने के बाद हाइकोर्ट ने भी अग्रिम आदेशों तक सभी जिलों की अदालतों को बंद रखने के आदेश कर दिए थे.
इससे पहले रामपुर के सांसद आजम खां, इनकी पत्नी तजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला अलग-अलग मामलों में सीतापुर की जेल में बंद हैं. सांसद आजम खां के खिलाफ विभिन्न थानों में 80 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. 10 मुकदमे उनके बेटे अब्दुल्ला पर भी हैं, जबकि उनकी पत्नी विधायक डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ भी तीन मुकदमे दर्ज हैं. सभी मुकदमों में जमानत अर्जियां दाखिल की थीं, जिन पर अदालत रोजाना सुनवाई कर रही थी.
करीब 20 मामलों में जमानत अर्जियां मंजूर भी हो गई थीं. इनमें सांसद के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण के करीब दर्जन भर मुकदमे हैं. सांसद आजम खां अपनी पत्नी और बेटे के साथ जिस मुकदमे में जेल में बंद हैं, वह अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र से जुड़ा है. इस मुकदमें मे तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं.
इस मुकदमे में अब सुनवाई होनी थी. यह मुकदमा दर्ज कराने वाले भाजपा नेता आकाश सक्सेना का कहना है कि 28 मार्च को मुकदमे की सुनवाई होनी थी, जिसमें अदालत को आरोप तय करने थे. इसमें सांसद की व्यक्तिगत पेशी भी हो सकती थी, लेकिन कोरोना के चलते लॉकडाउन घोषित होने से अब अदालतें हाईकोर्ट के अग्रिम आदेशों तक बंद होने से पूरी प्रक्रिया ठप हो गई है.
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