scorecardresearch

एशिया में दिखेगी 60 साल की पहली मंदी, जानिए भारत पर एडीबी का अनुमान

एडीबी ने कहा कि 60 साल में यह पहला मौका होगा जब विकासशील एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट आएगी. वहीं, चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में नौ फीसद की गिरावट आएगी.

मंदी की मार (प्रतीकात्मक फोटो)
मंदी की मार (प्रतीकात्मक फोटो)
अपडेटेड 15 सितंबर , 2020

वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर के नकारात्मक रहने के अनुमान लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा अनुमान एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की ओर से जारी किया गया है. एडीबी का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में नौ फीसद की गिरावट आएगी. इस गिरावट का कारण कोविड-19 महामारी का संक्रमण लंबे समय तक जारी रहने से आर्थिक विकास की संभावनाओं का मंद पड़ना है. देश में आर्थिक विकास दर के आंकड़े जारी होने से अब तक बीते चार दशकों में यह पहला मौका होगा जब भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट आएगी.    

क्या है रिपोर्ट में?

एडीबी की ओर से मंगलवार को जारी एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) 2020 अपडेट के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस की वजह से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में नौ प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है. हालांकि, एडीबी का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आएगा. एडीबी ने कहा कि आवाजाही तथा कारोबारी गतिविधियां खुलने से अगले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहेगी.

एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री यासुयुकी सवादा कहते हैं, ‘‘भारत ने महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सख्त लॉकडाउन लगाया. इससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं.’’ वे आगे कहते हैं, ‘‘अगले वित्त वर्ष और उससे आगे अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए महामारी पर अंकुश के उपाय, जांच, निगरानी और इलाज की क्षमता का विस्तार महत्वपूर्ण है. इन उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत है, तभी अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा.’’

60 साल में पहली बार मंदी

एडीबी ने अपने अनुमान में यह भी कहा कि 60 साल में यह पहला मौका होगा जब विकासशील एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट आएगी. इस साल यानी 2020 में क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आएगी. हालांकि, 2021 में यह क्षेत्र 6.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करेगा. एडीबी ने कहा कि यदि कोरोना वायरस की स्थिति और खराब होती है, तो क्षेत्र की अर्थव्यस्था की गिरावट भी बड़ी रह सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक चीन से इस महामारी की शुरुआत हुई थी, लेकिन वह इससे उबर चुका है. एडीबी का अनुमान है कि इस साल चीन की अर्थव्यवस्था 1.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगा. वहीं 2021 में चीन की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रहेगी.

एसऐंडपी को भी नौ फीसद गिरावट की आशंका

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भी चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में नौ प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है. एसऐंडपी ने इसी हफ्ते 2020-21 के लिए भारत के वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर नकारात्मक नौ प्रतिशत कर दिया. पहले उसने भारतीय अर्थव्यवस्था में पांच प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया था. अमेरिकी रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, ‘‘कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से भारत में निजी खर्च और निवेश लंबे समय तक निचले स्तर पर रहेगा. एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का अनुमान है कि 31 मार्च, 2021 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 9 प्रतिशत की गिरावट आएगी.’’ 

***

Advertisement
Advertisement