देश के 200 से अधिक अकादमिकों, अर्थशास्त्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, नीति विश्लेषकों और नागरिकों ने सरकार से अपील की है कि प्रवासी मजदूरों की सहायता फौरन की जाए. इस संकट की गंभीरता के मद्देजर मजदूरों पर ध्यान देना और उनकी मदद करना बहुत जरूरी है.
तत्कालीन राहत !
प्रवासी कामगारों को तत्काल सहायता के लिए एक तत्काल अपील
यह उन प्रवासी श्रमिकों की तत्काल सहायता के लिए अपील है जो वर्तमान तालाबंदी के कारण घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं—कम से कम निःशुल्क भोजन, चिकित्सा देखभाल और स्वच्छता.
24 मार्च, 2020 को, केवल 4 घंटे का समय देकर, 21 दिवसीय का लॉकडाउन लागू कर दिया गया जिसका भारी असर प्रवासी मज़दूरों पर पड़ रहा है. पर्याप्त तैयारी के बिना, लिए गए निर्णय पर पूर्व से दिशा-निर्देश ना होने के कारण हमारी श्रम शक्ति के 90% पर इस लॉकडाउन का बुरा प्रभाव का आकलन सरकार ने शायद किया ही नहीं.
देश के विभिन्न भागों में लाखों प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा की भयंकर खबरें मिल रही हैं. उनमें से अनेक मज़दूर औद्योगिक पट्टियों में जहां वे कार्य कर रहे, फंसे हुए हैं तथा भूखे हैं, परिवहन के अभाव की वजह से बहुत से लोग भूखे पेट, सैकड़ों किलोमीटर अपने राज्यों के लिए चल पड़े हैं. हताशा में कुछ लोग लॉरियों में भी भीड़ बनाकर बैठ रहे हैं, जिससे वायरस फैलने का और भी खतरा है.
हम केंद्र सरकार को अनुरोध करते है की वह इस स्थिति पर अविलम्ब ध्यान दे.
आंगनवाड़ी, पंचायत भवन, सरकारी विद्यालयों, कॉलेजों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, सामुदायिक हॉल, प्रखंड कार्यालयों, जिला मुख्यालयों आदि के नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए भोजन केंद्रों की स्थापना करें, जहां पर निःशुल्क पकाया हुआ भोजन, चिकित्सा देखभाल और स्वच्छता की व्यवस्था की जाए.
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) और केंद्रीय भंडारण निगम के गोदाम में 585 लाख मीट्रिक टन तक अनाज उपलब्ध है (गेहूं की फसल से पहले भी). इसका कुछ प्रयोग इन केंद्रों में पका हुआ भोजन या घर पर राशन लेने के लिए किया जा सकता है. यह सहायता बिना किसी कागजी प्रक्रिया के, बिना शर्त सभी को उपलब्ध होनी चाहिए.
हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह साफ-स्वच्छ बस और ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था करे, ताकि फंसे प्रवासी मज़दूरों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाया जा सके. शहरों में काम-स्थलों पर फंसे हुए लोगों के लिए सुरक्षित निवास-स्थान, भोजन, साबुन, सैनिटरी पैड्स और चिकित्सा-सुविधाओं की व्यवस्था की जाए.
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