पावर लिस्ट 2014: राजस्थान के रसूखदार
अपडेटेड 18 नवंबर , 2014

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शिखर अग्रवाल, 44 वर्ष, आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण
शिखर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के आयुक्त हैं. कई वर्ष बाद राज्य सरकार के सबसे अहम अंग जेडीए को एक ऐसा सक्रिय अधिकारी मिला जो दफ्तर और फील्ड, दोनों जगह अच्छा काम करता है.वे 44 किलोमीटर लंबी रिंगरोड और चार लाख की आबादी वाले पृथ्वीराज नगर को बुनियादी सुविधाओं के साथ विकसित कर रहे हैं.
शिखर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के आयुक्त हैं. कई वर्ष बाद राज्य सरकार के सबसे अहम अंग जेडीए को एक ऐसा सक्रिय अधिकारी मिला जो दफ्तर और फील्ड, दोनों जगह अच्छा काम करता है.वे 44 किलोमीटर लंबी रिंगरोड और चार लाख की आबादी वाले पृथ्वीराज नगर को बुनियादी सुविधाओं के साथ विकसित कर रहे हैं.

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सी.एस. राजन, 58 वर्ष, मुख्य सचिव,
वे इसी माह मुख्य सचिव बने हैं. सामाजिक रूप से लो-प्रोफाइल मेंटेन करने के बावजूद वे नौकरशाहों के बीच लोकप्रिय लीडर हैं. अपने बैचमेट और दोस्त राजीव महर्षि के जाने के बाद वे इस कार्यालय का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्हें विनम्र लेकिन प्रभावी मुख्य सचिव माना जाता है.उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में पीपीपी मोड के तहत हाइ क्वालिटी की सड़कें बनवाई थीं.
वे इसी माह मुख्य सचिव बने हैं. सामाजिक रूप से लो-प्रोफाइल मेंटेन करने के बावजूद वे नौकरशाहों के बीच लोकप्रिय लीडर हैं. अपने बैचमेट और दोस्त राजीव महर्षि के जाने के बाद वे इस कार्यालय का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्हें विनम्र लेकिन प्रभावी मुख्य सचिव माना जाता है.उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में पीपीपी मोड के तहत हाइ क्वालिटी की सड़कें बनवाई थीं.

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तन्मय कुमार, 48 वर्ष, मुख्यमंत्री के सचिव.
मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव तन्मय उनके विश्वासपात्र हैं. उन्होंने पिछले एक साल के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राजे की सोच को नौकरशाही के सबसे निचले स्तर तक असरदार ढंग से पहुंचा कर मुख्यमंत्री कार्यालय का प्रबंधन कारगर तरीके से किया है. उनके सुर्खियों से दूर रहने और बिना किसी छिपे एजेंडा से काम करने के तरीके ने नौकरशाही के एक गुट की ओर से रुकावटों के बाद भी कारगर काम करने में मदद की है.
मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव तन्मय उनके विश्वासपात्र हैं. उन्होंने पिछले एक साल के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राजे की सोच को नौकरशाही के सबसे निचले स्तर तक असरदार ढंग से पहुंचा कर मुख्यमंत्री कार्यालय का प्रबंधन कारगर तरीके से किया है. उनके सुर्खियों से दूर रहने और बिना किसी छिपे एजेंडा से काम करने के तरीके ने नौकरशाही के एक गुट की ओर से रुकावटों के बाद भी कारगर काम करने में मदद की है.

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डी.बी. गुप्ता, 54 वर्ष, प्रमुख, राज्य सड़क निर्माण निगम और पीडब्ल्यूडी. 17 साल के
विशिष्ट अनुभव ने उन्हें ऐसा अफसर बना दिया है जो लागत को कम रखते हुए
परियोजनाएं लागू करने में सक्षम है. वे लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव
और राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड के चेयरमैन
हैं. राजे ने एक लाख करोड़ रु. की लागत वाली सड़क
परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पीपीपी मोड पर उसका मसौदा तैयार करने के
लिए उन्हें ही चुना है.

5/10
अशोक जैन, 56 वर्ष, अपर मुख्य सचिव, शहरी विकास और आवास.
मुख्य चुनाव अधिकारी के तौर पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के उनके कारगर प्रबंधन से रिकॉर्ड मतदान हुआ. वे शहरी विकास और आवास के अपर मुख्य सचिव तथा राजस्थान आवास बोर्ड के अध्यक्ष हैं.शहरी क्षेत्र से संबद्ध चार नए कानूनों के अमल में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
मुख्य चुनाव अधिकारी के तौर पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के उनके कारगर प्रबंधन से रिकॉर्ड मतदान हुआ. वे शहरी विकास और आवास के अपर मुख्य सचिव तथा राजस्थान आवास बोर्ड के अध्यक्ष हैं.शहरी क्षेत्र से संबद्ध चार नए कानूनों के अमल में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

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एम.एल. मेहता, 76 वर्ष, पूर्व मुख्य सचिव.
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस पकती हुई उम्र में भी एम.एल मेहता को कौशल विकास के माध्यम से 15 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने के अपने सर्वाधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त समझ. राजस्थान कौशल विकास निगम और राजस्थान ज्ञान आयोग के चेयरमैन मेहता मुख्य सचिव रह चुके हैं. राज्य की आधी नौकरशाही का मेहता के साथ बहुत अच्छा साथ रिश्ता है.
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस पकती हुई उम्र में भी एम.एल मेहता को कौशल विकास के माध्यम से 15 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने के अपने सर्वाधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त समझ. राजस्थान कौशल विकास निगम और राजस्थान ज्ञान आयोग के चेयरमैन मेहता मुख्य सचिव रह चुके हैं. राज्य की आधी नौकरशाही का मेहता के साथ बहुत अच्छा साथ रिश्ता है.

7/10
अशोक पटनी, 61 वर्ष, उद्योगपति.
राजनैतिक हलकों से लेकर नौकरशाहों तक उनके दोस्त हैं. उनका आर.के. मार्बल्स समूह दुनिया में सबसे ज्यादा 15 लाख टन संगमरमर उत्पादन करता है. विएतनाम में कंपनी की उत्पादन और प्रसंस्करण इकाई गुणवत्ता वाले संगमरमर की 50 देशों को आपूर्ति करती है. अपने वंडर सीमेंट के उत्पादन को दोगुना कर के साढ़े छह मिलियन टन तक पहुंचाया.
राजनैतिक हलकों से लेकर नौकरशाहों तक उनके दोस्त हैं. उनका आर.के. मार्बल्स समूह दुनिया में सबसे ज्यादा 15 लाख टन संगमरमर उत्पादन करता है. विएतनाम में कंपनी की उत्पादन और प्रसंस्करण इकाई गुणवत्ता वाले संगमरमर की 50 देशों को आपूर्ति करती है. अपने वंडर सीमेंट के उत्पादन को दोगुना कर के साढ़े छह मिलियन टन तक पहुंचाया.

8/10
ललित मोदी, 48 वर्ष, आइपीएल के पूर्व चेयरमैन
वे कभी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी हुआ करते थे लेकिन अब राजे ने उनसे दूरी बना ली है. फिर भी उनका जलवा बरकरार है. वसुंधरा राजे को शर्मिंदा करने के इरादे से किए गए उनके ज्यादातर ट्वीट राजे के विरोधियों को खूब रास आते हैं. आज भी मोदी में आज भी इतनी कूवत है कि वे राज्य क्रिकेट में फिर से धमक जमा सकते हैं बर्शत कि उनके लिए भारत आने की राह आसान हो जाए.
वे कभी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी हुआ करते थे लेकिन अब राजे ने उनसे दूरी बना ली है. फिर भी उनका जलवा बरकरार है. वसुंधरा राजे को शर्मिंदा करने के इरादे से किए गए उनके ज्यादातर ट्वीट राजे के विरोधियों को खूब रास आते हैं. आज भी मोदी में आज भी इतनी कूवत है कि वे राज्य क्रिकेट में फिर से धमक जमा सकते हैं बर्शत कि उनके लिए भारत आने की राह आसान हो जाए.

9/10
राजेश माहेश्वरी, 49 वर्ष, व्यवसायी
कोटा में ट्यूशन पढ़ाने वाले इस डिप्लोमाधारी ने 1988 में पेशेवर शिक्षा संस्थानों में प्रवेश की तैयारी करवाने के लिए दो छात्रों के साथ पहला कोचिंग संस्थान खोला था. आज नौ शहरों में फैली उनकी कोचिंग एलेन की शाखाओं में 79,000 छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं.पिछले एक साल में एलेन करियर इंस्टीट्यूट राज्य का सबसे पसंदीदा कोचिंग संस्थान बन गया है.
कोटा में ट्यूशन पढ़ाने वाले इस डिप्लोमाधारी ने 1988 में पेशेवर शिक्षा संस्थानों में प्रवेश की तैयारी करवाने के लिए दो छात्रों के साथ पहला कोचिंग संस्थान खोला था. आज नौ शहरों में फैली उनकी कोचिंग एलेन की शाखाओं में 79,000 छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं.पिछले एक साल में एलेन करियर इंस्टीट्यूट राज्य का सबसे पसंदीदा कोचिंग संस्थान बन गया है.

10/10
डॉ. सुधीर भंडारी, 52 वर्ष, प्रोफेसर और चिकित्सक
वे लगातार कई मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों के निजी और सरकारी चिकित्सक-डायटीशियन रह चुके हैं. वे तमाम अमीर और गरीब परिवारों की पहली पसंद हैं. फौजियों और शिक्षकों से कभी भी पैसे नहीं लेते. अपने गृह जिले जयतारण में हर माह धर्मार्थ चिकित्सा शिविर लगाते हैं. उनकी हाल ही में लोकार्पित पुस्तक लाइफस्टाइल डिजीजेज ऐंड पॉजिटिव हेल्थ को आम लोगों में काफी पसंद किया गया है.
वे लगातार कई मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों के निजी और सरकारी चिकित्सक-डायटीशियन रह चुके हैं. वे तमाम अमीर और गरीब परिवारों की पहली पसंद हैं. फौजियों और शिक्षकों से कभी भी पैसे नहीं लेते. अपने गृह जिले जयतारण में हर माह धर्मार्थ चिकित्सा शिविर लगाते हैं. उनकी हाल ही में लोकार्पित पुस्तक लाइफस्टाइल डिजीजेज ऐंड पॉजिटिव हेल्थ को आम लोगों में काफी पसंद किया गया है.
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