पावर लिस्ट 2014: मध्य प्रदेश के रसूखदार
अपडेटेड 18 नवंबर , 2014

1/10
एंटोनी जे.सी. डिसा, 58 वर्ष, मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश.
वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश को नंबर वन राज्य बनाने की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. अक्तूबर में इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर मीट को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. जब वे प्रदेश के खाद्य और आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, तब उन्होंने प्रदेश में किसानों से खरीदे जाने वाले गेहूं के लिए आधुनिक व्यवस्था की. यह नीति लोकप्रिय हुई.
वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश को नंबर वन राज्य बनाने की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. अक्तूबर में इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर मीट को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. जब वे प्रदेश के खाद्य और आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, तब उन्होंने प्रदेश में किसानों से खरीदे जाने वाले गेहूं के लिए आधुनिक व्यवस्था की. यह नीति लोकप्रिय हुई.

2/10
सूर्यकांत मिश्र, 56 वर्ष, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव.
1991 बैच के आइएएस अफसर एस.के. मिश्र की गिनती मृदुभाषी अधिकारी के तौर पर की जाती है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ साये की तरह रहने वाला यह शख्स कितने ही विवादों में फंसने के बाद उनसे सकुशल बाहर निकल आया. खुद सार्वजनिक रूप से मोबाइल फोन न रखने वाले सीएम उनके फोन से काम चला लेते हैं.
1991 बैच के आइएएस अफसर एस.के. मिश्र की गिनती मृदुभाषी अधिकारी के तौर पर की जाती है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ साये की तरह रहने वाला यह शख्स कितने ही विवादों में फंसने के बाद उनसे सकुशल बाहर निकल आया. खुद सार्वजनिक रूप से मोबाइल फोन न रखने वाले सीएम उनके फोन से काम चला लेते हैं.

3/10
इकबाल सिंह बैस, 52 वर्ष, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव.
उन्हें प्रदेश की अनोखी योजना लोक सेवा गारंटी का जनक माना जाता है, जिसने बीजेपी को तीसरी बार लगातार सत्ता में लाने में मुख्य भूमिका निभाई. उन्हें किसी विवाद में रहने की आदत नहीं है. यही कारण है कि वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पसंदीदा अफसरों में से एक माने जाते हैं. मुख्यमंत्री ने उन्हें केंद्र की प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाकर अपना प्रमुख सचिव बनाया.
उन्हें प्रदेश की अनोखी योजना लोक सेवा गारंटी का जनक माना जाता है, जिसने बीजेपी को तीसरी बार लगातार सत्ता में लाने में मुख्य भूमिका निभाई. उन्हें किसी विवाद में रहने की आदत नहीं है. यही कारण है कि वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पसंदीदा अफसरों में से एक माने जाते हैं. मुख्यमंत्री ने उन्हें केंद्र की प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाकर अपना प्रमुख सचिव बनाया.

4/10
राकेश श्रीवास्तव, 57 वर्ष, आबकारी आयुक्त.
प्रदेश के जनसंपर्क आयुक्त रहते हुए कल्याणकारी योजनाओं और विकास की कहानी को गांव-गांव तक पहुंचाने का जिम्मा उन्होंने बखूबी निभाया. वे भले ही आबकारी आयुक्त बनकर ग्वालियर आ गए हों लेकिन भोपाल से उनकी दूरी बिल्कुल नहीं बढ़ी है. वे हर फोन कॉल का जबाव देते हैं, भले ही किसी ने गलती से नंबर डायल कर दिया हो.
प्रदेश के जनसंपर्क आयुक्त रहते हुए कल्याणकारी योजनाओं और विकास की कहानी को गांव-गांव तक पहुंचाने का जिम्मा उन्होंने बखूबी निभाया. वे भले ही आबकारी आयुक्त बनकर ग्वालियर आ गए हों लेकिन भोपाल से उनकी दूरी बिल्कुल नहीं बढ़ी है. वे हर फोन कॉल का जबाव देते हैं, भले ही किसी ने गलती से नंबर डायल कर दिया हो.

5/10
मनोज श्रीवास्तव , 55 वर्ष, प्रमुख सचिव.
उन्हें मध्य प्रदेश सरकार का थिंक टैंक माना जाता. वे लंबे समय से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नीतिगत भाषणों के बुनियादी पाठ को तैयार कर रहे हैं. फाइलों के ढेर में से सही लाइन पकड़ लेने में उन्हें महारत हासिल है. उनके विभाग में विधानसभा के सवाल स्वीकृत कराना विधायकों के लिए हमेशा टेढ़ी खीर होती है.
उन्हें मध्य प्रदेश सरकार का थिंक टैंक माना जाता. वे लंबे समय से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नीतिगत भाषणों के बुनियादी पाठ को तैयार कर रहे हैं. फाइलों के ढेर में से सही लाइन पकड़ लेने में उन्हें महारत हासिल है. उनके विभाग में विधानसभा के सवाल स्वीकृत कराना विधायकों के लिए हमेशा टेढ़ी खीर होती है.

6/10
दिलीप सूर्यवंशी, 55 वर्ष, प्रबंध निदेशक, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड.
उनकी कंपनी पिछले सात साल से लगातार 100 फीसदी की वृद्धि दर से आगे बढ़ रही है और इस समय उनके पास देश भर में सड़क निर्माण से जुड़े 6,000 करोड़ रु. के ठेके हैं. मध्य प्रदेश के कारोबार या उद्योग जगत की चर्चा होते ही आजकल सबसे पहले उनका नाम हर एक की जुबान पर आता है. मुख्यमंत्री चौहान के साथ उनके रिश्तों को बहुत पुराना और आत्मीय माना जाता है.
उनकी कंपनी पिछले सात साल से लगातार 100 फीसदी की वृद्धि दर से आगे बढ़ रही है और इस समय उनके पास देश भर में सड़क निर्माण से जुड़े 6,000 करोड़ रु. के ठेके हैं. मध्य प्रदेश के कारोबार या उद्योग जगत की चर्चा होते ही आजकल सबसे पहले उनका नाम हर एक की जुबान पर आता है. मुख्यमंत्री चौहान के साथ उनके रिश्तों को बहुत पुराना और आत्मीय माना जाता है.

7/10
कैलाश विजयवर्गीय, 58 वर्ष, कैबिनेट मंत्री, मध्य प्रदेश.
वे हर चुनौती को स्वीकार करके परिणाम देते हैं. उन्हें हरियाणा चुनाव के दौरान वहां का प्रभार सौंपा गया तो वहां पहली बार बीजेपी पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ गई. वे लगातार छठवीं बार विधानसभा में पहुंचे हैं. उन्होंने महापौर रहते हुए प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर को विकास के क्रम में सबसे आगे कर दिया है. जब भी प्रदेश में शिवराज के विकल्प की चर्चा होती है तो विजयवर्गीय का नाम पहला होता है.
वे हर चुनौती को स्वीकार करके परिणाम देते हैं. उन्हें हरियाणा चुनाव के दौरान वहां का प्रभार सौंपा गया तो वहां पहली बार बीजेपी पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ गई. वे लगातार छठवीं बार विधानसभा में पहुंचे हैं. उन्होंने महापौर रहते हुए प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर को विकास के क्रम में सबसे आगे कर दिया है. जब भी प्रदेश में शिवराज के विकल्प की चर्चा होती है तो विजयवर्गीय का नाम पहला होता है.

8/10
रावतपुरा सरकार, 41 वर्ष, धर्मगुरु.
उन्हें डकैतों और अपराधों के लिए पहचाने जाने वाले चंबल के बीहड़ों में धार्मिक और सामाजिक समरसता की अलख जगाने वाले संत के रूप में जाना जाता है. पिछले साल विधानसभा चुनाव के समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनसे आशीर्वाद लिया था. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव भी उन्हें मानते हैं.
उन्हें डकैतों और अपराधों के लिए पहचाने जाने वाले चंबल के बीहड़ों में धार्मिक और सामाजिक समरसता की अलख जगाने वाले संत के रूप में जाना जाता है. पिछले साल विधानसभा चुनाव के समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनसे आशीर्वाद लिया था. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव भी उन्हें मानते हैं.

9/10
सुधीर अग्रवाल, 45 वर्ष, एमडी, डी.बी. कॉर्प.
उन्होंने 1995 में एक राज्य और पांच एडिशन के साथ निकलने वाले दैनिक भास्कर अखबार को आज 12 राज्यों, तीन भाषाओं और 50 एडिशन में छपने वाले अखबार में बदल दिया है. वे 21 साल से भास्कर ग्रुप में काम कर रहे हैं. आज भास्कर समूह अखबार की दुनिया से आगे बढ़कर रियल एस्टेट, ऊर्जा उत्पादन और कई दूसरे उद्योगों में पांव पसार चुका है.
उन्होंने 1995 में एक राज्य और पांच एडिशन के साथ निकलने वाले दैनिक भास्कर अखबार को आज 12 राज्यों, तीन भाषाओं और 50 एडिशन में छपने वाले अखबार में बदल दिया है. वे 21 साल से भास्कर ग्रुप में काम कर रहे हैं. आज भास्कर समूह अखबार की दुनिया से आगे बढ़कर रियल एस्टेट, ऊर्जा उत्पादन और कई दूसरे उद्योगों में पांव पसार चुका है.

10/10
भय्यू जी महाराज, 42 वर्ष, धर्म गुरु.
हर पार्टी का नेता उनसे आशीर्वाद लेने आता है. नरेंद्र मोदी भी जब इंदौर गए थे तो उनसे मुलाकात करना नहीं भूले. उद्धव ठाकरे उनके पंसदीदा नेता हैं. वे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण, पौध रोपण और आदिवासी उत्थान के काम से जुड़े हैं. वे इकलौते मराठा धार्मिक नेता हैं, जिनका प्रभाव व्यापक है.
हर पार्टी का नेता उनसे आशीर्वाद लेने आता है. नरेंद्र मोदी भी जब इंदौर गए थे तो उनसे मुलाकात करना नहीं भूले. उद्धव ठाकरे उनके पंसदीदा नेता हैं. वे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण, पौध रोपण और आदिवासी उत्थान के काम से जुड़े हैं. वे इकलौते मराठा धार्मिक नेता हैं, जिनका प्रभाव व्यापक है.
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