आधिकारिक टॉप 10 | ऊंचे और असरदार लोग
अपडेटेड 11 अप्रैल , 2012

1/10
1. विनोद राय (63 वर्ष)
भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (3)
आंकड़ों का पहरेदार
क्योंकि हर बार वे सरकारी खर्च में वित्तीय गड़बड़ियों के बड़े-बड़े मामले उजागर करते हैं, चाहे वे राष्ट्रमंडल खेल हों, 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी हो, एयर इंडिया का कुप्रबंधन या फिर कोयला घोटाला. हर बार ऐसे किसी मामले से उनकी विश्वसनीयता बढ़ती और सरकार की घटती जाती है. क्योंकि चार साल के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सीएजी की निष्क्रिय पड़ी संस्था को एक अहम ताकत बना दिया है.
भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (3)
आंकड़ों का पहरेदार
क्योंकि हर बार वे सरकारी खर्च में वित्तीय गड़बड़ियों के बड़े-बड़े मामले उजागर करते हैं, चाहे वे राष्ट्रमंडल खेल हों, 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी हो, एयर इंडिया का कुप्रबंधन या फिर कोयला घोटाला. हर बार ऐसे किसी मामले से उनकी विश्वसनीयता बढ़ती और सरकार की घटती जाती है. क्योंकि चार साल के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सीएजी की निष्क्रिय पड़ी संस्था को एक अहम ताकत बना दिया है.

2/10
2. अमर प्रताप सिंह (59 वर्ष)
सीबीआइ निदेशक (2)
मुख्य अन्वेषक
क्योंकि 2जी, राष्ट्रमंडल खेल, आदर्श आवास घोटाला और हाल के टाट्रा ट्रकों के मामले समेत देश के कुछ सबसे हाइप्रोफाइल मामलों की पड़ताल के दौरान भी वे अपनी एक स्वतंत्र हैसियत बनाए रखने में कामयाब रहे.
क्योंकि उन्होंने पहली बार विदेश में गैरकानूनी ढंग से जमा भारतीयों के काले धन का आधिकारिक अनुमान सामने रखा. और यह अनुमान 500 अरब डॉलर यानी 25 लाख करोड़ रु. का था.
सीबीआइ निदेशक (2)
मुख्य अन्वेषक
क्योंकि 2जी, राष्ट्रमंडल खेल, आदर्श आवास घोटाला और हाल के टाट्रा ट्रकों के मामले समेत देश के कुछ सबसे हाइप्रोफाइल मामलों की पड़ताल के दौरान भी वे अपनी एक स्वतंत्र हैसियत बनाए रखने में कामयाब रहे.
क्योंकि उन्होंने पहली बार विदेश में गैरकानूनी ढंग से जमा भारतीयों के काले धन का आधिकारिक अनुमान सामने रखा. और यह अनुमान 500 अरब डॉलर यानी 25 लाख करोड़ रु. का था.

3/10
3. पुलक चटर्जी (60 वर्ष)
प्रधान सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय (नए)
सीधे हॉटलाइन पर
क्योंकि उन्होंने पीएमओ को एक बार फिर से सरकार के केंद्रबिंदु के रूप में तब्दील करने का काम किया है. कोयला और ऊर्जा संकट के समय जिस तरह से उन्होंने आगे बढ़कर हालात को संभाला उससे यह बात साफ हो जाती है.
क्योंकि सोनिया गांधी के करीबी होने के नाते वे सरकार और हर अहम मसले पर फैसला करने वाली सबसे बड़ी हस्ती के बीच पुल का काम करते हैं.
प्रधान सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय (नए)
सीधे हॉटलाइन पर
क्योंकि उन्होंने पीएमओ को एक बार फिर से सरकार के केंद्रबिंदु के रूप में तब्दील करने का काम किया है. कोयला और ऊर्जा संकट के समय जिस तरह से उन्होंने आगे बढ़कर हालात को संभाला उससे यह बात साफ हो जाती है.
क्योंकि सोनिया गांधी के करीबी होने के नाते वे सरकार और हर अहम मसले पर फैसला करने वाली सबसे बड़ी हस्ती के बीच पुल का काम करते हैं.

4/10
4. एस.एच. कपाडिया (64 वर्ष)
भारत के मुख्य न्यायाधीश (1)
न्याय की बुलंद आवाज
क्योंकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा बहाल की है और राष्ट्रीय जीवन पर इसका प्रभावी असर पड़ा है, चाहे वह दूरसंचार लाइसेंसों का मामला हो या फिर आय से अधिक संपत्ति का.
क्योंकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़े मामलों को निबटाने का अपना वायदा पूरा किया है. 2011 सुप्रीम कोर्ट में एक साल में सबसे ज्यादा मुकदमे निबटाए जाने वाला साल रहा.
भारत के मुख्य न्यायाधीश (1)
न्याय की बुलंद आवाज
क्योंकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा बहाल की है और राष्ट्रीय जीवन पर इसका प्रभावी असर पड़ा है, चाहे वह दूरसंचार लाइसेंसों का मामला हो या फिर आय से अधिक संपत्ति का.
क्योंकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़े मामलों को निबटाने का अपना वायदा पूरा किया है. 2011 सुप्रीम कोर्ट में एक साल में सबसे ज्यादा मुकदमे निबटाए जाने वाला साल रहा.

5/10
5. टी.के.ए. नायर (71 वर्ष)
प्रधानमंत्री के सलाहकार (4)
सलाहकार नं.1
क्योंकि वे आर्थिक और बुनियादी ढांचों से जुड़े मामलों पर प्रधानमंत्री के रणनीतिक सलाहकार हैं.
क्योंकि भले ही वे अब प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पद से हट गए हैं, लेकिन अब उनका दर्जा राज्यमंत्री के बराबर का है और वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के समकक्ष हैं.
प्रधानमंत्री के सलाहकार (4)
सलाहकार नं.1
क्योंकि वे आर्थिक और बुनियादी ढांचों से जुड़े मामलों पर प्रधानमंत्री के रणनीतिक सलाहकार हैं.
क्योंकि भले ही वे अब प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पद से हट गए हैं, लेकिन अब उनका दर्जा राज्यमंत्री के बराबर का है और वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के समकक्ष हैं.

6/10
6. दुव्वुरी सुब्बाराव (62 वर्ष)
आरबीआइ गवर्नर (नए)
मौद्रिक नीति के नियंता
क्योंकि देश के रिजर्व बैंक के गवर्नर होने के नाते वे ही तय करेंगे कि कितनी जल्दी और कितनी तेजी से उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों को ऊंची ब्याज दरों से राहत मिलेगी.
क्योंकि उन पर 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की तलवार लटकती रहने के बावजूद सितंबर, 2011 में उन्हें 2 साल का सेवा विस्तार मिल गया.
आरबीआइ गवर्नर (नए)
मौद्रिक नीति के नियंता
क्योंकि देश के रिजर्व बैंक के गवर्नर होने के नाते वे ही तय करेंगे कि कितनी जल्दी और कितनी तेजी से उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों को ऊंची ब्याज दरों से राहत मिलेगी.
क्योंकि उन पर 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की तलवार लटकती रहने के बावजूद सितंबर, 2011 में उन्हें 2 साल का सेवा विस्तार मिल गया.

7/10
7. एस.वाइ. कुरैशी (64 वर्ष)
मुख्य चुनाव आयुक्त (नए)
वोटरों का प्रवक्ता
क्योंकि उन्होंने 5 अहम विधानसभा चुनाव ढंग से करवाए और चुनावों में काले धन के प्रभाव को भी काफी हद तक कम कर दिया.
क्योंकि झारखंड से राज्यसभा चुनाव में मतदान को रद्द कर उन्होंने सीटों की बिक्री के खिलाफ एक मिसाल गढ़ दी.
क्योंकि उन्होंने अधिकाधिक मतदाता भागीदारी को प्रेरित किया.
मुख्य चुनाव आयुक्त (नए)
वोटरों का प्रवक्ता
क्योंकि उन्होंने 5 अहम विधानसभा चुनाव ढंग से करवाए और चुनावों में काले धन के प्रभाव को भी काफी हद तक कम कर दिया.
क्योंकि झारखंड से राज्यसभा चुनाव में मतदान को रद्द कर उन्होंने सीटों की बिक्री के खिलाफ एक मिसाल गढ़ दी.
क्योंकि उन्होंने अधिकाधिक मतदाता भागीदारी को प्रेरित किया.

8/10
8. अजीत कुमार सेठ (60 वर्ष)
कैबिनेट सचिव (नए)
समन्वय के पैरोकार
क्योंकि उन्होंने सरकार के तमाम महकमों के बीच तालमेल बढ़ाया है. पहले ये ही महकमे आपस में ही एक-दूसरे से लगातार सिर-फुटव्वल करते रहते थे.
क्योंकि प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी में तमाम जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिहाज से एक व्यवस्था कायम करने में उनका बड़ा हाथ रहा है.
कैबिनेट सचिव (नए)
समन्वय के पैरोकार
क्योंकि उन्होंने सरकार के तमाम महकमों के बीच तालमेल बढ़ाया है. पहले ये ही महकमे आपस में ही एक-दूसरे से लगातार सिर-फुटव्वल करते रहते थे.
क्योंकि प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी में तमाम जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिहाज से एक व्यवस्था कायम करने में उनका बड़ा हाथ रहा है.

9/10
9. जावेद उस्मानी, (56 वर्ष)
मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश (नए)
सत्ता का सेतु
क्योंकि भारत के सबसे बड़े राज्य में सुशासन की जिम्मेदारी उन्हीं को सौंपी गई है. और उसी के नतीजे के आधार पर अगले साल का राजनैतिक परिदृश्य आकार ले सकता है.
क्योंकि उन्होंने समाजवादी पार्टी के किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया है- बारहवीं के छात्रों के लिए निःशुल्क लैपटॉप और दसवीं के छात्रों को टेबलेट देने के सिलसिले में एचसीएल कंपनी के साथ वे बैठक कर चुके हैं.
मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश (नए)
सत्ता का सेतु
क्योंकि भारत के सबसे बड़े राज्य में सुशासन की जिम्मेदारी उन्हीं को सौंपी गई है. और उसी के नतीजे के आधार पर अगले साल का राजनैतिक परिदृश्य आकार ले सकता है.
क्योंकि उन्होंने समाजवादी पार्टी के किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया है- बारहवीं के छात्रों के लिए निःशुल्क लैपटॉप और दसवीं के छात्रों को टेबलेट देने के सिलसिले में एचसीएल कंपनी के साथ वे बैठक कर चुके हैं.

10/10
10. ओ.पी. सैनी (57 वर्ष)
विशेष सीबीआइ जज (नए)
एक लोहार की
क्योंकि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में आरोपी ताकतवर नेताओं, पूर्व नौकरशाहों और कॉर्पोरेट दिग्गजों की किस्मत उन्हीं के हाथ में है.
क्योंकि चाहे वे राम जेठमलानी हों या मुकुल रोहतगी, सारे वकीलों को तय समय में और वह भी साफ-साफ ढंग से बात रखने की उनकी हिदायत का सख्ती से पालन करना पड़ता है.
विशेष सीबीआइ जज (नए)
एक लोहार की
क्योंकि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में आरोपी ताकतवर नेताओं, पूर्व नौकरशाहों और कॉर्पोरेट दिग्गजों की किस्मत उन्हीं के हाथ में है.
क्योंकि चाहे वे राम जेठमलानी हों या मुकुल रोहतगी, सारे वकीलों को तय समय में और वह भी साफ-साफ ढंग से बात रखने की उनकी हिदायत का सख्ती से पालन करना पड़ता है.
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