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लोकसभा चुनाव 2024 : सपा के गढ़ पर योगी की नजर

लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) की गढ़ कही जाने वाली सीटों कन्नौज, मैनपुरी और आजमगढ़ में अपने दौरे तेज कर दिए थे

मैनपुरी के जसवंतनगर में रैली के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मैनपुरी के जसवंतनगर में रैली के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
अपडेटेड 27 अप्रैल , 2024

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 25 अप्रैल को जब कन्नौज लोकसभा सीट से नामांकन किया, उसके कुछ ही देर बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के लिए अब तक अजेय रही मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुंकार भर र‍हे थे. 

कन्नौज से सटी मैनपुरी लोकसभा सीट को मुलायम सिंह यादव परिवार का गढ़ माना जाता है. मैनपुरी लोकसभा सीट के तहत आने वाले जसवंतनगर में रैली कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ हमला बोला. 

सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव जसवंतनगर से मौजूदा विधायक हैं, वहीं मौजूदा सांसद डिंपल यादव लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार हैं. 

जसवंतनगर इटावा जिले का हिस्सा है और इटावा तथा मैनपुरी दोनों को सपा के गढ़ के रूप में देखा जाता है. डिंपल का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री योगी ने उनके उस बयान पर पलटवार किया जिसमें वे जानना चाहती थीं कि क्या पीएम ने पुलवामा शहीदों की विधवाओं के मंगलसूत्र के बारे में सोचा?  योगी ने कहा, “हम भी पूछते हैं सपा नेता से कि सपा की सरकार ने अयोध्या में राम भक्तों का लहू बहाने का काम किया था, उन नौजवानों की विधवाओं का क्या हुआ, उनके मंगलसूत्र का क्या हुआ.''  

योगी ने सपा पर हाल ही में मारे गए माफियाओं के लिए 'फातिहा' पढ़ने का आरोप लगाते हुए, गाजीपुर के विधायक कृष्णानंद राय और पांच अन्य लोगों की हत्या का भी जिक्र किया. और कहा, “क्या सपा ने कभी उनकी विधवा या राजू पाल और उमेश पाल की विधवाओं के मंगलसूत्र की परवाह की या आनंद किशोर रूंगटा की विधवा का, जिनका सपा शासनकाल में अपहरण कर हत्या कर दी गई थी.” 

यादव परिवार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल के लिए है. एक समय मुलायम सिंह यादव के दाहिने हाथ माने जाने वाले, उन्हें परिवार द्वारा 'चूरन' मिलना बंद हो गया था. अब उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में बैठने के लिए सोफा तक नहीं मिलता. मंच से योगी ने जानना चाहा कि सपा और कांग्रेस ने अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार क्यों किया, लोगों से पूछा कि क्या वे राम मंदिर के पक्ष में हैं या इसके खिलाफ हैं. 

इस तरह मुख्यमंत्री योगी ने सपा का मजबूत दुर्ग माने जाने वाले जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से हुंकार भरकर सपा की ओर अपनी तरकश के सारे तीर मारे. राम मंदिर का जिक्र करके हिंदुत्व कार्ड खेला तो माफियाओं की मौत का जिक्र करके सपा पर मुस्ल‍िम तुष्टीकरण का आरोप भी लगाया. 

योगी आदित्यनाथ सपा के अलावा किसी अन्य पार्टी के पहले मुख्यमंत्री है जिन्होने जसवंतनगर में अपनी चुनावी सभा की हो. जसवंतनगर सीट सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का निर्वाचन क्षेत्र रहा है. मुलायम सिंह जसवंतनगर से सात बार विधायक रहे. इसके बाद से उनके भाई शि‍वपाल सिंह यादव पांच बार विधायक रह चुके हैं. 

जसवंतनगर क्षेत्र 2009 के परिसीमन में मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में शामिल हो गया और इसके बाद मैनपुरी सपा का और भी मजबूत गढ़ में तब्दील हो गया. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री योगी ने मुलायम सिंह यादव परिवार का गढ़ रहे मैनपुरी, कन्नौज, आजमगढ़ पर खास तोर पर अपनी नजरें गड़ा दी थीं. यूपी भाजपा के एक नेता बताते हैं, “मुख्यमंत्री योगी को इस बात का पहले से ही आभास था कि सपा के अध्यक्ष अखि‍लेश यादव कन्नौज से लड़ेंगे या फिर आजमगढ़ से. इसलिए योगी ने मैनपुरी के अलावा कन्नौज और आजमगढ़ में अपनी सक्रियता बढ़ा दी थी. इसी क्रम में उन्होंने अपने कार्यालय में तैनात रहे विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ल को कन्नौज का जिलाधिकारी बनाया तो लोकभवन में मुख्य सचिव कार्यालय में तैनात रहे विशाल भारद्वाज को आजमगढ़ का जिलाधिकारी बनाया. योगी ने अधिकारियों के जरिए मैनपुरी के अलावा इन दोनों जिलों के विकास पर भी फोकस किया.”

कोविड के दौरान 22 मई 2021 को मुख्यमंत्री योगी पहली बार सैफई पहुंचे. वे मुलायम के पैतृक गांव जाने वाले पहले गैर सपाई मुख्यमंत्री बने. सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने के साथ ही व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया. इसके साथ ही योगी ने गांव वालों से कोविड की रोकथाम के बारे में भी जानकारी हासिल की थी. 

लोकसभा चुनाव की घोष्णा से पहले 6 मार्च को भी मुख्यमंत्री योगी सैफई में थे. यहां उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय’ में 500 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का लोकार्पण किया. वहीं इसके अलावा उन्होंने इटावा जनपद के लिए 147 करोड़ रुपए की 37 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया. मैनपुरी के भाजपा नेता वीरेंद्र कुमार बताते हैं, “मुख्यमंत्री योगी ने मैनपुरी, कन्नौज में सभी रुकी परियोजनाओं को लोकसभा चुनाव से पहले प्राथमिकता के तौर पर शुरू कराकर विपक्षी दलों से एक चुनावी मुद्दा भी छीन लिया है.” 

अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कन्नौज से अपने लोकसभा चुनाव के अभियान की शुरुआत की थी. 3 फरवरी को मुख्यमंत्री ने कन्नौज में एक बड़ी रैली को संबोधित किया. इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने सपा शासनकाल के दौरान कन्नौज में बने मेडिकल कॉलेज का नाम बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के नाम पर करने की घोषणा भी की. योगी ने कन्नौज में 352 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया. इस दौरान योगी ने सपा शासनकाल में बनाए गए ‘इत्र पार्क’ और ‘विधि विज्ञान प्रयोगशाला’ का भी लोकार्पण किया. करीब पांच साल से बनकर तैयार इन प्रोजेक्ट का लोकसभा चुनाव से पहले लोकार्पण करना योगी आदि‍त्यनाथ की सपा को कोई चुनावी मुद्दा न देने की ही रणनीति है. 

इसी तरह योगी में मंदुरी हवाई पट्टी के निर्माण को तेजी से पूरा कराकर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 10 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसका उद्घाटन करवाया. पवित्र तमसा नदी के किनारे बसे आजमगढ़ जिले से अयोध्या को जाने वाली सड़क पर करीब 15 किलोमीटर दूर मौजूद मंदुरी हवाई पट्टी ने 14 जुलाई, 2018 को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगवानी की थी. उस वक्त मोदी मंदुरी हवाई पट्टी पर आयोजित योगी सरकार के कार्यकाल में तैयार किए जाने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शि‍लान्यास करने के लिए आए थे. 

साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी ने आजमगढ़ से पूरे पूर्वांचल को विकास का सपना दिखाकर साधने की कोशिश की थी. लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्वांचल की 25 में से 20 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन आजमगढ़ में बुरी हार का सामना करना पड़ा था. एक बार फिर लोकसभा चुनाव के ठीक पहले 10 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी मुंदरी इलाके में पहुंचे जहां से पिछली बार उन्होंने पूर्वांचल में चुनावी बिगुल फूंका था. 

इस बार मंदुरी हवाई पट्टी ने एयरपोर्ट की शक्ल ले ली. लोकसभा चुनाव में भगवा खेमे की रणनीति को उड़ान देने के लिए आज़मगढ़ के मंदुरी हवाई अड्डे और राजा सुहेलदेव के नाम पर एक विश्वविद्यालय सहित कई 34,700 करोड़ रुपए की 782 योजनाओं का अनावरण किया. इस दफे मोदी ने पूर्वांचल ही नहीं देश के कई जिलों की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शि‍लान्यास आजमगढ़ से करके कभी आतंक की नर्सरी के रूप में कुख्यात रहे इस जिले की बदलती तस्वीर दुनिया के सामने रखने की कोशिश की.

इटावा पीजी कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर पद्मा त्रिपाठी बताती हैं, “मुलायम सिंह के रहने पर मुख्यमंत्री योगी चुनावों में उनके प्रति कुछ नरम दिखते थे और अखिलेश यादव से नाराजगी के चलते शिवपाल यादव भाजपा के प्रति नरम थे तो योगी ने भी इनके गढ़ जसवंतनगर से दूरी बनाई रखी थी. मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद इस लोकसभा चुनाव में हालात दूसरे हैं. मुख्यमंत्री योगी अब सपा के सबसे मजबूत दुर्ग जसवंतनगर लोकसभा सीट में दरारें लाकर मैनपुरी साइकिल को कमजोर करना चाहते हैं. यही रणनीति कन्नौज और आजमगढ़ के लिए भी है.” 

मुख्यमंत्री योगी केवल मुलायम परिवार के ही यादव नेताओं को लोकसभा चुनाव में टिकट दिए जाने को लेकर तंज भी कस रहे हैं. जसवंत नगर में रामलीला ग्राउंड की रैली में योगी ने सपा को अपराध और परिवारवाद से जोड़ते हुए लोगों से इनसे छुटकारा पाने की अपील की. मुख्यमंत्री ने अपने एक घंटे के भाषण में समाजवादी परिवार में केवल शिवपाल सिंह का ही नाम लिया और उन्हें बेचारा बताया. मैनपुरी के वरिष्ठ सपा नेता असित यादव बताते हैं, “मैनपुरी और कन्नौज की जनता भाजपा की उपेक्षापूर्ण और नकारात्मक रवैये से ऊब चुकी है. इस बार दोनों लोकसभा सीटों पर सपा की रिकॉर्ड विजय होगी.” 

बहरहाल आने वाले दिनों में कन्नौज और मैनपुरी में योगी के चुनावी दौरे और भी तेज होने जा रहे हैं. इनका सबब क्या होगा? ये चुनाव नतीजे ही बताएंगे. 

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