फरवरी की 14 तारीख को हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का 68वां स्थापना दिवस समारोह था, जिसे वे हर साल 'दारुस्सलाम डे' के रूप में मनाते हैं. दिलचस्प यह है कि इस बार मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार से 'इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी' के संस्थापक विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (आई.पी. गुप्ता) शामिल हुए. वे इस मौके पर भाग लेने के लिए बिहार के पांच विधायकों के साथ हैदराबाद पहुंचे थे.
वहां अपने संबोधन में आई.पी. गुप्ता ने कहा, "जब मेरे पास इस समारोह में भाग लेने का प्रस्ताव आया तो मैंने एक मिनट भी समय नहीं लगाया, क्योंकि मैंने बैरिस्टर साहब को बोलते हुए सुना है. ऑपरेशन सिंदूर के वक्त जिन लोगों ने भारत के पक्ष को सबसे मजबूती से रखा, वे बैरिस्टर साहब थे. मुझे भरोसा नहीं था कि बिहार के चुनाव में आपकी पार्टी एक भी सीट जीतेगी, मगर आपकी पार्टी ने साबित किया है कि बिहार की राजनीति अब ओवैसी साहब के बिना शायद संभव नहीं है. देश में 56 इंच के नैरेटिव को अगर एक इंसान शिद्दत से तोड़ रहा है तो उसका नाम असदुद्दीन ओवैसी है."
इसके जवाब में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “बिहार से तशरीफ़ लाए जनाब आईपी गुप्ता जी का मैं स्वागत करता हूं और वादा करता हूं कि आपके समाज की लड़ाई हमारी लड़ाई होगी. मैं पूरी कोशिश करूंगा कि नौ मार्च से दोबारा शुरू होने वाले पार्लियामेंट के सत्र में आपके समाज के साथ हुई नाइंसाफी का जिक्र मजबूती से कर सकूं. आप हमारे साथ रहें या न रहें, जो कमजोर है, मजलूम है, मजलिस (AIMIM) उसके साथ हमेशा खड़ी रहती है. मुझे यकीन है कि इसमें हमें कामयाबी मिलेगी.”
पान, ततवा और तांती समाज के आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए अपनी पार्टी का गठन करने और महागठबंधन के साथ जुड़कर चुनाव लड़ने वाले सहरसा के विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता को मुख्य अतिथि के तौर पर AIMIM के स्थापना दिवस समारोह में बुलाना और इस समारोह में आई.पी. गुप्ता का ओवैसी की तारीफों के पुल बांधना बिहार की राजनीति में इन दिनों चर्चा का विषय है. इन दोनों की बढ़ती नजदीकियां कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही हैं.
इंडिया टुडे ने इस मसले पर जब खुद आई.पी. गुप्ता से सवाल किया तो उन्होंने कहा, "मैं दो मकसद से वहां गया. पहला यह कि ओवैसी साहब तांती, ततवा और पान समाज के सवाल को सदन में उठाएं. दूसरा यह कि मैं AIMIM को महागठबंधन के करीब लाना चाहता हूं, ताकि आने वाले राज्यसभा चुनाव में इसका लाभ महागठबंधन को मिल सके."
मार्च-अप्रैल में बिहार में खाली होने वाली राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. इनमें चार पर तो एनडीए की जीत पक्की है, मगर पांचवीं सीट के लिए महागठबंधन को कुछ वोटों की कमी पड़ सकती है. आई.पी. गुप्ता का इशारा इसी तरफ है.
हालांकि यह पूछने पर कि क्या इस बात को लेकर आपकी महागठबंधन में सहमति है? वे कहते हैं, "मैं स्वतंत्र आदमी हूं. वहां जाने का फैसला मैंने खुद किया है. इसमें मुझे किसी की सहमति की जरूरत नहीं है." दिक्कत यह है कि बिहार में खुद महागठबंधन और RJD ने ही AIMIM से दूरी बनाकर रखी है. बीते विधानसभा चुनाव में AIMIM ने महागठबंधन में शामिल होने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने राबड़ी देवी के आवास के बाहर ढोल बजाकर प्रदर्शन भी किया था, मगर महागठबंधन ने AIMIM की तमाम कोशिशों को टाल दिया. ऐसे में अब राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन AIMIM की मदद लेगा, यह कहना मुश्किल है.
सवाल यह भी है कि क्या इस बढ़ती नजदीकी की वजह से आई.पी. गुप्ता पाला बदलकर AIMIM के साथ गठजोड़ कर सकते हैं? इस मुद्दे पर जब इंडिया टुडे ने AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल अमीन से बात की तो उन्होंने कहा, "दरअसल आई.पी. गुप्ता को खुद ओवैसी साहब ने मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया. ऐसा इसलिए है कि जिस तरह हिंदुओं में तांती-ततवा समाज है, उसी तरह मुसलमानों में भी जुलाहा जाति है. दोनों में सदियों से करीबी रही है. इसके अलावा आई.पी. गुप्ता साहब अपने समाज और कोसी-सीमांचल के लिए संघर्षशील रहते हैं, इसलिए हमने उन्हें आमंत्रित किया."
यह पूछने पर कि क्या आई.पी. गुप्ता अपनी पार्टी के साथ आ सकते हैं या कोई गठबंधन बन सकता है? वे कहते हैं, "यह बाद की बात है. वे हमारे साथ आएं या न आएं, हम उनका साथ देंगे. हम चाहते हैं कि आई.पी. गुप्ता लोकसभा जाएं और अपने समाज की आवाज मजबूती से उठाएं."
हैदराबाद में 68वें दारुस्सलाम डे के मौके पर आई.पी. गुप्ता के अलावा अमौर विधायक अख़्तरूल ईमान, बहादुरगंज विधायक तौसीफ आलम, कोचाधामन विधायक सरवर आलम, जोकीहाट विधायक मो. मुर्शीद आलम, बाइसी विधायक गुलाम सरवर और AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन आज़ाद भी पहुंचे थे. इन सबको वहां सम्मानित किया गया. इसके अलावा महाराष्ट्र के नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटरों को भी सम्मानित किया गया.

