कांग्रेस के मौजूदा संकट और राजस्थान में उठापटक का संकेत यह भी है कि पार्टी बागियों को अनुशासित करने में ढीली है.
पंजाब में पार्टी के दो बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की सरकार की खुलेआम आलोचना की. उन्होंने जहरीली शराब त्रासदी की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया और पार्टी खामोश रही.
उत्तर प्रदेश में पार्टी रायबरेली की असंतुष्ट विधायक अदिति सिंह से निपटने को लेकर अनिश्चितता में है. प्रवासियों के लिए पार्टी की ओर से भेजी बसों की हालत की उन्होंने आलोचना की थी.
फिर उन्हें मई में महिला विंग के महासचिव पद से निलंबित कर दिया गया था. 10 अगस्त को उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र में कुछ तोड़-फोड़ रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सहायता मांगी, जिन्हें वे अपना राजनैतिक गुरु कहती हैं. उनके पास जरूर कोई प्लान बी है.

