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महाराष्ट्र: नगर निगम चुनाव से पहले BJP का साथ छोड़ चाचा शरद के साथ क्यों आए अजित पवार?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी NCP और शरद पवार की NCP (SP) आगामी पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव गठबंधन में लड़ेंगी

अजित पवार और शरद पवार  (File Photo: ITG)
अजित पवार और शरद पवार (File Photo: ITG)
अपडेटेड 29 दिसंबर , 2025

28 दिसंबर को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार पिंपरी-चिंचवाड़ में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव में उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी.

इस कार्यक्रम में अजित पवार ने दोनों गुटों के बीच एकता पर जोर दिया और कहा कि "परिवार एकजुट हो गया है." उन्होंने कहा कि एक बार फिर नगर निगम चुनाव के लिए ‘घड़ी’ और ‘तुतारी’ एकसाथ आ गए हैं. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची बनाते समय दोनों गुटों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया.

"महाराष्ट्र के हित में ऐसे फैसले लेने होते हैं"

इस गठबंधन की घोषणा करते हुए अजित पवार ने कहा,"गठबंधन को लेकर आपमें से कई लोगों के मन में सवाल हो सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के विकास के हित के लिए कई बार ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं. दोनों पक्षों के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा हो चुकी है, जिसकी जानकारी बाद में दी जाएगी."

इसके साथ ही अजित पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रचार में पूरी मेहनत करने और रैलियों के दौरान किसी भी तरह के विवादित बयान देने से बचने की अपील की है. उन्होंने कहा कि उनकी NCP विकास के लिए काम करती है और हम उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाएंगे, जिन्होंने नगर निगम को कर्ज में डालने की कोशिश की है.

पिंपरी-चिंचवाड़ में दोनों पवार के साथ आने से महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?

जुलाई 2023 में शरद पवार के भतीजे अजित पवार NCP के कई विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए थे. इसके बाद भारतीय राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार की पार्टी NCP दो हिस्सों में बंट गई. शरद पवार से अलग होकर अजित महाराष्ट्र की BJP-शिंदे सरकार में शामिल हुए और डिप्टी CM बने थे. 

अब महाराष्ट्र के एक नगर निगम पिंपरी-चिंचवाड़ में दोनों दल साथ चुनाव लड़ रहे हैं, पुणे में भी दोनों के बीच गठबंधन होने की बात सामने आ रही है.

ऐसे में इस गठबंधन के असर को फिलहाल पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़ के स्तर पर देखना चाहिए. इससे यहां के चुनाव में कुछ इस तरह से असर पड़ सकते हैं-

1. NCP की मजबूती और पवार परिवार में एकता बढ़ेगी: यह फैसला पिंपरी-चिंचवाड़ और इसके आसपास के इलाके में NCP को एक बार फिर से मजबूत ताकत बना सकती है. 2023 में पार्टी टूटने के बाद अजित पवार ने महायुति (BJP-शिवसेना-NCP) के साथ सरकार बनाई, जबकि शरद पवार की NCP (SP) विपक्ष में रही. अगर यहां दोनों दलों के गठबंधन को सफलता मिलती है, तो भविष्य के चुनावों में इस तरह के प्रयोग के दरवाजे खुलेंगे. इससे एक बार फिर दोनों पार्टी के करीब आने की संभावना बढ़ेगी.  

2. महाविकास अघाड़ी (MVA) पर असर: शरद पवार की NCP (SP) महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है. अगर वे बाकी निगमों के चुनाव में भी साथ आते हैं, तो MVA कमजोर हो जाएगा. खासकर कांग्रेस अलग-थलग पड़ सकती है. पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़  में ऐसा देखने को मिल सकता है.
 
3. स्थानीय और राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव: पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे चुनावों में सफलता से पवार परिवार का दबदबा बढ़ेगा. BMC चुनावों से पहले यह एकीकरण बड़ा फैक्टर बन सकता है.  

BJP को छोड़ चाचा शरद के साथ अजित के जाने की क्या वजह हो सकती है?

स्थानीय चुनावों के लिए रणनीतिक गठबंधन: पिंपरी-चिंचवाड़ चुनाव के लिए अजित पवार ने शरद पवार की NCP (SP) के साथ गठबंधन का ऐलान किया है. दरअसल, यह इलाका कभी NCP का गढ़ था, लेकिन 2017 से BJP के कब्जे में है. अजित पवार का मानना है कि एकजुट होकर वे BJP से सत्ता छीन सकते हैं और स्थानीय मुद्दों (जैसे पानी की कमी, ट्रैफिक, रेड जोन) को हल करके NCP की पैठ दोबारा मजबूत कर सकते हैं.

BJP के खिलाफ असंतोष: स्थानीय स्तर पर NCP कार्यकर्ताओं में BJP की नीतियों से नाराजगी है. पिछले दिनों अजित पवार ने भी BJP कार्यकर्ताओं पर NCP नेताओं को धमकाने का आरोप लगाया था. ऐसे में संभव है कि स्थानीय राजनीति में अपनी पार्टी को मजबूती देने के लिए दोनों पवार ने मिलकर यह फैसला लिया हो.

लंबी रणनीति: 2029 विधानसभा चुनावों से पहले NCP यह एक तरह का प्रयोग कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि यह लंबी रणनीति का हिस्सा है. अगर यह गठबंधन सफल होता है, तो अगले विधानसभा तक दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावनाओं को मजबूती मिल सकती है.

पुणे में भी दोनों दलों के बीच बनी बात 

पुणे में नगर निगम चुनावों से पहले उप मुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और उनके चाचा शरद पवार की अगुवाई वाली NCP (SP) ने सोमवार को गठबंधन कर लिया है.

पुणे में कुल 165 और पिंपरी चिंचवाड़ में 128 निगम पदों पर चुनाव होने हैं. BJP 2017 से 2022 तक इन दोनों नगर निगमों में सत्ता में थी.

शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि गठबंधन तय करने के फैसले में NCP (SP) प्रमुख शरद पवार शामिल नहीं हुए. हालांकि वह मानते हैं कि पार्टी कार्यकर्ता अहम हैं और उनके विचारों का चुनावों में महत्व है.

 नगर निकाय के बाद अब नगर निगम की बारी

महाराष्ट्र नगर निकाय (नगर परिषद और नगर पंचायत) की 288 सीटों पर हुए मतदान के बाद चुनाव आयोग ने 29 नगर निगमों के चुनाव की घोषणा की है. इनमें मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम शामिल हैं. यहां मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना 16 जनवरी को होगी.नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर है.

BJP-शिवसेना मिलकर लड़ेगी नगर निगम चुनाव

21 दिसंबर को महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के आए परिणाम में BJP ने 288 सीटों में से 117 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं, नतीजों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन (NDA) को बंपर जीत हासिल हुई. 288 सीटों (246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों) में महायुति को 207 सीटों पर जीत मिली.

अब BJP नगर निगम में भी रिकॉर्ड जीत दर्ज करने की तैयारी में है. मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम ने बताया कि महायुति में 207 सीटों पर सहमति बन गई है. इनमें BJP 128 और शिवसेना 79 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बाकी 20 सीटों पर फैसला उम्मीदवारों के आधार पर होगा.

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