जून की 14 और 15 तारीख को गोवा स्थित ‘ताज सिदादे डी गोवा हेरिटेज होटल’ में इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गोवा के टूरिज्म मंत्री रोहन खाउंटे भी पहुंचे थे.
मंत्री रोहन खाउंटे ने गोवा पर्यटन को नए रूप में गढ़ने की योजना बताते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि गोवा की प्रसिद्ध ‘सुसेगाद (Susegad)’ संस्कृति का मतलब आलस्य नहीं, बल्कि संतुष्टि और जीवन का आनंद लेने की भावना है.
उन्होंने बताया कि 2022 में प्रमोद सावंत सरकार के सत्ता में आने के बाद पर्यटन के क्षेत्र में केवल समुद्री तटों तक सीमित गोवा की पहचान को नया रूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम पर्यटन के नए क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं और उन्हें विकसित भी कर रहे हैं. जैसे गांव, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस, खानपान, विरासत और परंपरा."
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री के तौर पर उनका नजरिया काफी सक्रिय और लक्ष्य-केंद्रित दिखा. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत खेल पर्यटन (स्पोर्ट्स टूरिज्म) भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. खाउंटे के मुताबिक, पर्यटकों की सोच और उनकी अपेक्षाएं बदल रही हैं इसलिए पर्यटन रणनीति में बदलाव जरूरी है.
उन्होंने कहा कि जो पर्यटक गोवा आते हैं, वे इसे अपना दूसरा घर मानने लगते हैं या फिर यहां दोबारा आकर नई चीजें देखना चाहते हैं. गोवा की पीले रंग की खूबसूरत पुर्तगाली शैली की हवेलियां दुनिया भर के यात्रियों को आकर्षित करती हैं लेकिन सरकार चाहती है कि गोवा की पहचान इससे भी आगे बढ़े.
इसके लिए होमस्टे नीति को लागू करने की तैयारी है जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा. साथ ही ग्रामीण और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 11 प्रमुख मंदिरों को चिह्नित किया गया है.
खाउंटे ने चुनौतियों का भी खुलकर जिक्र किया. राज्य में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं की कमी लंबे समय से पर्यटकों के बीच चर्चा का विषय रही है. कई बार निजी टैक्सी संचालकों पर मनमाने किराये वसूलने के आरोप भी लगते रहे हैं. उन्होंने माना कि डिजिटल बदलाव जरूरी है लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि स्थानीय व्यवसायियों को नुकसान न पहुंचे.
उन्होंने कहा कि अब गोवा की प्रतिस्पर्धा केवल देश के अन्य पर्यटन स्थलों से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों से भी है. इसलिए वैश्विक स्तर के मानकों को बनाए रखना जरूरी है. उनके शब्दों में गोवा की वैश्विक पहचान तो है लेकिन उसे पर्यटकों की संख्या और उनके खर्च में भी बदलना होगा.
सरकार की योजना के तहत किए जा रहे प्रयासों से जुड़े पांच प्रमुख बातें :
- गोवा सरकार राज्य की पहचान को समुद्र तटों से आगे बढ़ाने पर काम कर रही है, जिसमें चर्चों और मंदिरों को विशेष महत्व दिया जा रहा है.
- पुनर्योजी (Regenerative) पर्यटन सरकार की प्राथमिकता है. इसकी नीति संस्कृति, समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था, इन चार स्तंभों पर आधारित है.
- पर्यटन नीति बनाते समय स्थानीय समुदाय के हितों का ध्यान रखना जरूरी है.
- पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल विकास की दृष्टि और लोगों के भरोसे, दोनों को मजबूत करता है.
- सांस्कृतिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है. गोवा कार्निवल, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया और साओ जोआओ जैसे आयोजनों के जरिए गोवा को सालभर उत्सवों का गंतव्य बनाने की कोशिश की जा रही है.

