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राजस्थान के बजट में अरावली, नमो वन के साथ और क्या नया है?

जयपुर के लोगों को राजस्थान के बजट से मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के फेस-2 की उम्मीद थी लेकिन यह घोषणा नहीं हुई हालांकि दूसरे क्षेत्रों में कई घोषणाएं हुई हैं

Rajasthan Budget 2026
राजस्थान बजट 2026 :दीया कुमारी ने पेश किया बजट. (photo: ITG)
अपडेटेड 11 फ़रवरी , 2026

राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने 11 फरवरी को राज्य विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश किया. बजट से पहले प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में बंपर नई भर्तियों और जयपुर रेल मेट्रो परियोजना के फेज-2 के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही थी मगर इस संबंध में बजट में निराशा ही हाथ लगी. राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अपने बजट भाषण में सड़क व परिवहन सुविधाओं पर तो खूब फोकस किया मगर जयपुर की लाइफ लाइन मेट्रो रेल परियोजना के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया.

पिछले दिनों भजनलाल सरकार ने 42.80 किलोमीटर लंबी जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 शुरू किए जाने की घोषणा की थी मगर राज्य बजट में इसके लिए किसी तरह का बजट या अन्य प्रावधान नहीं किया गया है. ऐसे में इस साल मेट्रो रेल परियोजना के इस प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद कम है. बजट में प्रदेश में नई भर्तियों का भी कुछ खास जिक्र नहीं हुआ. होमगार्ड, निजी क्षेत्र और कुछ संविदा आधारित कुछ भर्तियों के अलावा नियमित सरकारी भर्तियों की घोषणा नहीं होने से भर्तियों की आस लगाकर बैठे बेरोजगारों को निराशा हाथ लगी है. दिया कुमारी ने बजट भाषण में कहा, ''हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश का युवा नौकरी करने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बने.''

राजस्थान में अब दूसरे राज्यों से वाहन खरीदना सस्ता सौदा होगा क्योंकि सरकार ने अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन टैक्स में अब 50 फीसदी की छूट दी है. बजट में मध्यम वर्ग और निवेशकों के लिए लोन रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी में भारी कटौती कर बड़ी वित्तीय राहत दी गई है. साथ ही 35 लाख से अधिक किसानों के लिए 25,000 करोड़ रुपए के ब्याज मुक्त कर्ज का प्रावधान किया गया है.

बजट में पिछले दिनों अरावली पर्वतमाला को लेकर सरकार की छवि को हुए नुकसान काे सुधारने की कोशिश की गई है. अरावली संरक्षण के लिए 130 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. इसके तहत अरावली क्षेत्र में 4000 हेक्टेयर इलाके में पक्की दीवार बनाई जाएगी. वन व पर्यावरण संरक्षण के लिए 'नमो नर्सरी' और 'नमो वन' जैसी योजनाएं शुरू किए जाने की घोषणा की गई है.

दिया कुमारी ने बजट भाषण में कर्मचारी कल्याण पर खूब जोर दिया. सरकारी क्षेत्र के 7 लाख कर्मचारियों और 3 पेंशनर्स के बड़े वोट बैंक को साधने के लिए इन वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक विशेष 'सैलरी अकाउंट पैकेज' लाए जाने की घोषणा की गई है. इस अकाउंट के जरिए एडवांस डिजिटल बैंकिंग, बेहद सस्ती (रियायती) दरों पर लोन और बीमा कवर जैसी सुविधाएं मिलेंगी. यह सुविधा 70 वर्ष तक की उम्र के पेंशनर्स के लिए भी रहेगी. 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को राजस्थान में लागू करने के लिए एक सरकार ने एक 'उच्च स्तरीय समिति' के गठन की घोषणा की है. यह समिति वेतन विसंगतियों और प्रमोशन के मुद्दों का भी समाधान करेगी. राजस्थान में आवास से वंचित 28 लाख परिवारों को 2029 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि आवंटित कर पक्के घर की सुविधा दी जाएगी.

दिया कुमारी के बजट भाषण में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) पर भी जोर रहा. 38 हजार जनजातीय परिवारों को अब राशन के बजाय महिला मुखिया के खाते में 1200 रुपए प्रति माह डीबीटी से जमा किए जाएंगे. राज्य के 10वीं और 12वीं के मेधावी स्टूडेंट्स को 20,000 रुपए का ई-वाउचर दिया जाएगा. इससे वे अपनी पसंद का लैपटॉप और टैबलेट खरीद सकेंगे. कक्षा 9वीं में आने वाली छात्राओं को अब साइकिल की जगह ई-वाउचर दिए जाएंगे जिनसे वे अपनी पसंद की साइकिल खरीद सकेंगी. इसी तरह कक्षा 1-8 तक के 40 लाख विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफार्म खरीदने के लिए भी डीबीटी के तहत वाउचर दिए जाएंगे. 1000 स्कूलों में एआई आधारित लैब विकसित होंगे.

जेईई और नीट यूजी की तैयारी कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी (आरटीई) बनाई जाएगी. इसके जरिए ऑनलाइन टेस्ट व अन्य परीक्षाएं आयोजित होंगी.

राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल की तर्ज पर बच्चों के जेके लॉन अस्पताल में भी 500 बैड का आईपीडी टावर बनाए जाने का ऐलान किया गया है. इस पर 75 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. इसमें बच्चों के लिए न्यूरोलॉजी विभाग की स्थापना की जाएगी और न्यूट्रल आईसीयू सहित 200 बेड वाला पेडियाट्रिक आईपीडी भी विकसित होगा. आयुष्मान योजना के तहत अब ऐसे मरीजों का भी मुफ्त इलाज हो सकेगा जिनके पास आधार कार्ड जैसे दस्तावेज नहीं हैं. अस्पताल परिसरों में मरीजों, स्टाफ और विद्यार्थियों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए 'अटल आरोग्य फूड कोर्ट' स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए 100 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है.

दिया कुमारी ने अपने बजट भाषण में ममता, सवेरा, सुरक्षा जैसे आकर्षक नामों वाली कई योजनाएं शुरू किए जाने की घोषणा की. हार्ट अटैक और सड़क दुर्घटनाओं में घायल रोगियों को तुरंत अस्पताल तक पहुंचाने के लिए राज सुरक्षा, मानसिक रोगियों के उपचार के लिए राज ममता, नशा रोकने के लिए राज सवेरा, सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के पार्थिव शरीर को मुर्दाघर से निशुल्क घर या मोक्षधाम तक पहुंचाने के 'मोक्ष वाहिनी' जैसी सेवाएं शुरू होंगी. 
 
लखपति दीदी श्रेणी की महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए अब 1 लाख रुपए की जगह डेढ़ लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा. प्रदेश में अब तक 16 लाख से ज्यादा महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है. अब इस दायरे को और व्यापक बनाया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षित महिलाओं को उनके घर के पास ही रोजगार देने के लिए जिला स्तर पर 'रूरल वूमेन बीपीओ खोले जाएंगे.

साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने और डिजिटल अरेस्ट व ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी. इस सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन अपराधों की निगरानी, अपराधियों की पहचान और तेज कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने दावा किया कि भजनलाल सरकार आने के बाद राजस्थान में प्रति व्यक्ति आमदनी भी बढ़ी है. कांग्रेस सरकार में प्रति व्यक्ति आमदनी सालाना 1 लाख 68 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 2 हजार हो गई है.  2026-27 तक प्रदेश की जीएसडीपी 21 लाख करोड़ रुपये पार करेगी और प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 2 हजार रुपये तक पहुंचेगी.

इस बजट की एक सबसे बड़ी घोषणाओं में शेखावाटी क्षेत्र के लिए हरियाणा से यमुना जल योजना के तहत पानी लाने की परियोजना है. इसके तहत 32 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

दिया कुमारी का राजस्थान में पर्यटन के विकास पर भी जोर रहा. जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन, कुलधरा को पर्यटन केंद्र, झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम बनाने की घोषणा की गई है.

दिया कुमारी ने इस बार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ का बजट पेश किया जबकि पिछली बार बजट का साइज 5 लाख 58 हजार 596 करोड़ था. इस बार बजट का साइज पिछली बार से 52 हजार 360 करोड़ ज्यादा है. वित्त मंत्री ने 2028-29 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का वादा किया है. प्रदेश में आर्थिक निवेश के लिए विभिन्न देशों में 14 नए राजस्थानी फाउंडेशन चैप्टर खोले जाएंगे.

विपक्ष ने इस बजट को लेकर भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इसे 'संवेदनहीन' बजट बताते हुए युवाओं और कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने इसे 'सर्व सुखाय-सर्व हिताय' बजट बताया.

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