अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माने जा रहे मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नजर अब अयोध्या पर है. पार्टी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के जरिए अपने वोटबैंक को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश में जुट गई है.
30 दिसंबर को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम हवाईअड्डा परियोजना और रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने के लिए इस मंदिर शहर पहुंचेंगे तो भाजपा अयोध्या में एक भव्य शक्ति प्रदर्शन करने के लिए तैयार है. इसे 22 जनवरी, 2024 को राम मंदिर के बहुप्रतीक्षित अभिषेक समारोह के काउंटडाउन के रूप में पेश किया जा रहा है.
आगामी 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित होते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या से जुड़ा अनोखा कीर्तिमान बना लेंगे. वे सर्वाधिक पांचवीं बार अयोध्या आने वाले प्रधानमंत्री बन जाएंगे. वर्ष 2019 में गोसाईंगंज में जनसभा, 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन, दीपोत्सव-2022 के बाद वह एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर चौथी बार 30 दिसंबर को अयोध्या में होंगे. मोदी पांच बार अयोध्या आने वाले इकलौते प्रधानमंत्री बन जाएंगे. मोदी रामलला का दर्शन-पूजन करने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री भी हैं.
भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का लाभ उठाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है. राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण में पार्टी की भूमिका पर प्रकाश डालने वाली एक पुस्तिका जारी की जाएगी और नए मतदाताओं से जुड़ने और प्राण प्रतिष्ठा के दौरान 'दीया जलाओ कार्यक्रमों' में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए बूथ स्तर के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.
अपने चुनाव अभियान के दौरान, भाजपा इस बात का प्रचार करने वाली है कि कैसे विपक्षी दलों ने मंदिर के निर्माण में बाधा डालने का प्रयास किया. भाजपा की राम मंदिर से संबंधित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों में भाग लेने और समर्थन देने की भी रणनीति है.
अयोध्या में 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के जरिए भाजपा पार्टी संगठन को भी पूरी तरह एक्टिव करना चाहती है. भगवा दल ने सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी, गोंडा और बस्ती सहित अयोध्या के अलावा आसपास के कम से कम आधा दर्जन जिलों से लाखों पार्टी समर्थकों को अयोध्या लाने की योजना बनाई है. पीएम मोदी के 15 किलोमीटर लंबे रोड शो को देखने के लिए हजारों संगठनात्मक कार्यकर्ताओं के शहर पहुंचने की उम्मीद है, जो एनएच-27, धर्म पथ, लता मंगेशकर चौक, राम पथ, टेढ़ी बाजार, मोहबरा से होते हुए अयोध्या रेलवे स्टेशन तक जाएगा.
प्रधानमंत्री का उस दिन मंदिर शहर में अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने का भी कार्यक्रम है. यूं तो अयोध्या में विकास कार्यों की सीधी निगरानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं लेकिन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का भी अयोध्या में लगातार कैम्प करना भाजपा की एक सधी रणनीति का ही हिस्सा है. मौर्य 25 दिसंबर को तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए अयोध्या पहुंचे थे और वे 30 दिसंबर तक यहीं डेरा डाले रहेंगे.
डिप्टी सीएम मौर्य प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर संगठनात्मक और सरकारी समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, कई परियोजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और रोजाना स्वच्छता अभियान में भाग ले रहे हैं. केशव प्रसाद मौर्य बताते हैं, "प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत का संकल्प लिया था. चूंकि वे (प्रधानमंत्री) अयोध्या आ रहे हैं, हमने एक अभियान शुरू किया है और नारा दिया है 'जहां जन्मे प्रभु श्री राम, स्वच्छ सुंदर रहे अयोध्या धाम'. इसके लिए हमने स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है. हम अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने के एकमात्र उद्देश्य से घाटों, गलियों और मुख्य सड़कों जैसी जगहों पर जा रहे हैं."
एक ओर जहां समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान दे रहे हैं वहीं भाजपा ने केशव प्रसाद मौर्य को अयोध्या में बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर ओबीसी वोटबैंक के बीच चतुराई से हिंदुत्व कार्ड खेला है.
अयोध्या के प्रतिष्ठित सॉकेत कालेज के पूर्व प्राचार्य वी. एन. अरोड़ा बताते हैं, "30 दिसंबर और फिर 22 जनवरी को अयोध्या में मोदी की उपस्थिति तेजी से मुखर हो रहे विपक्ष, मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, जो विपक्षी इंडिया गठबंधन के दो प्रमुख घटक हैं, का मुकाबला करने के लिए भाजपा के चुनावी एजेंडे को निर्धारित करने की रणनीति भी है. अयोध्या से एक जोरदार संदेश भाजपा को विपक्ष के जाति कार्ड का मुकाबला करने में मदद करेगा."
भाजपा के अवध क्षेत्र के अध्यक्ष कमलेश मिश्र के मुताबिक पार्टी ने पहले ही विभिन्न जिलों में मंडल और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जुटाना शुरू कर दिया है. मिश्र ने बताया "सनातन धर्म और भारत माता के प्रति लोगों का झुकाव स्पष्ट है. हम लोगों को बिना किसी समस्या के अयोध्या पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्था कर रहे हैं." मिश्र ने कहा कि अयोध्या और आसपास के जिलों के कई पार्टी सांसदों, विधायकों को भी पार्टी समर्थकों की एक बड़ी भीड़ सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है. जाहिर है कि भारी भीड़ न केवल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को जनता के बीच चर्चा में लाएगी बल्कि भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे के लिए उत्प्रेरक का काम भी करेगी.

