गुजरात सरकार ने भले ही बयान जारी कर बताया है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि यह स्थिति गलत सूचनाओं के कारण पैदा हुई है.
हर्ष सांघवी ने नागरिकों से घबराहट से बचने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि तेल का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति सुचारू रूप से हो रही हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) मोना खंडहर ने भी कहा कि तेल कंपनियों के पास पर्याप्त भंडार है और वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहें फैलने, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंताओं और ईंधन आपूर्ति व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर आई बाधाओं के कारण दहशत फैल गई है. भारत के लिहाज से कच्चा तेल के आयात के लिए महत्वपूर्ण खाड़ी देशों में तनाव ने संभावित आपूर्ति संकट को लेकर जनता की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि अभी तक भारत के ईंधन आयात में किसी भी तरह की आधिकारिक बाधा का संकेत नहीं मिला है.
अधिकारियों ने स्वीकार किया कि ईंधन की बिक्री में अचानक भारी उछाल आया, कुछ क्षेत्रों में तो सामान्य दैनिक खपत से दोगुने से भी अधिक खपत दर्ज की गई. इस अचानक वृद्धि से कई पेट्रोल पंपों पर भारी दबाव पड़ा. घबराहट के कारण गुजरात के कुछ हिस्सों में पेट्रोल की बिक्री एक ही दिन में 100 फीसद से अधिक बढ़ गई.
इसके चलते कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की आपूर्ति अस्थाई रूप से ठप हो गई. अहमदाबाद में ऐसी स्थिति देखने को मिली. यहां कुछ पेट्रोल पंप अपना स्टॉक खत्म होने के बाद कई घंटों तक बंद रहे. राजकोट, सूरत और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी ऐसी ही खबरें आईं, जहां सरकारी तेल कंपनियों से जुड़े कुछ पेट्रोल पंपों व कई प्राइवेट पेट्रोल पंप या तो कुछ समय के लिए बंद रहे या उनमें स्टॉक कम होने की सूचना मिली. हालांकि, यह बंदी अल्पकालिक थी और इसका मुख्य कारण आपूर्ति और मांग में अचानक हुई वृद्धि के बीच असंतुलन था.
इस संकट को बढ़ाने वाला एक अन्य कारक तेल विपणन कंपनियों के जरिए भुगतान प्रणाली में किया गया बदलाव था. इसके चलते कई डीलरों को क्रेडिट सुविधा के बजाय अग्रिम भुगतान करना पड़ा. साथ ही, इस बीच बैंक छुट्टियों के कारण कुछ आउटलेट्स में आपूर्ति में देरी हुई, जिससे कमी की धारणा और मजबूत हो गई.
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पेट्रोल की कमी की अफवाहें फैलाने के आरोप में फेडरेशन ऑफ गुजरात पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशंस के उपाध्यक्ष गोपाल चुड़ासमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. राज्य पुलिस ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या कमी के दावे आपूर्ति संबंधी मुद्दों की गलत व्याख्या के आधार पर किए गए थे या खरीद व्यवहार को प्रभावित करने के इरादे से किए गए?
अन्य राज्यों की तरह गुजरात में भी LPG आपूर्ति संबंधी चिंताएं तेजी से बढ़ रही है. कुछ रिपोर्ट के मुताबिक, LPG सिलेंडरों की अवैध हेराफेरी, जमाखोरी और चोरी बढ़ गई है. अहमदाबाद में अधिकारियों ने हाल ही में लगभग 65 LPG सिलेंडर जब्त किए और अवैध रिफिलिंग रैकेट से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जहां घरेलू सिलेंडरों को गैरकानूनी तरीके से व्यावसायिक उपयोग के लिए रिफिल किया जा रहा था.
ऐसी खबरें हैं कि सिलेंडर काला बाजार में 7,000 रुपए प्रति सिलेंडर तक की बढ़ी हुई कीमतों पर बेचे जा रहे हैं, जबकि घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की मूल कीमत 930 रुपए है. वहीं, व्यावसायिक 19 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत 1,800-2,000 रुपए है. सूरत में दक्षिणी गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जैसे उद्योग संगठनों ने LPG की उपलब्धता में कमी के कारण प्रवासी श्रमिकों को हो रही समस्या का भी मुद्दा उठाया है.

