scorecardresearch

क्या मध्य प्रदेश के डेयरी सेक्टर के लिए बूस्टर डोज साबित होगा मोहन सरकार का तीसरा बजट?

मोहन यादव सरकार के तीसरे बजट में कृषि और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. हालांकि, सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए पर्याप्त बजट व्यवस्था करने की है

बजट पेश होने से पहले CM मोहन यादव के साथ वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (फाइल फोटो)
बजट पेश होने से पहले CM मोहन यादव के साथ वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (फाइल फोटो)
अपडेटेड 20 फ़रवरी , 2026

18 फरवरी को मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अपना तीसरा बजट पेश किया. इस बार बजट में कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए 'यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना' के तहत टेट्रा पैक में दूध देने की व्यवस्था की गई है.

सरकार के इस कदम को डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने और दूध के लिए एक बड़ा बाजार तैयार करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. मोहन यादव सरकार की प्राथमिकताओं में शुरुआत से ही डेयरी सेक्टर रहा है.

कामधेनु योजना, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ समझौता और हाल के बजट में डेयरी सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान इस बात का उदाहरण है. राज्य सरकार के बजट में कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके लिए 11 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 43 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है.

यह मध्य प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट है और साथ ही इसे देश के किसी भी राज्य का पहला रोलिंग बजट बताया जा रहा है. रोलिंग बजट को कंटीन्यूअस बजट भी कहा जाता है. इस बजट में हमेशा आगे की एक निश्चित अवधि जैसे- तिमाही, छमाही या अगले कुछ साल के बजट को कवर किया जाता है.

कृषि क्षेत्र को इस बार ज्यादा बजट मिलना, राज्य सरकार के जरिए 2026-27 को कृषि वर्ष घोषित करने की घोषणा के अनुरूप है. इस घोषणा के तहत 100,000 सौर पंप कनेक्शनों के लिए 3,000 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री किसान सम्मान राशि में वृद्धि शामिल है. राज्य के हर लघु/सीमांत किसान को प्रति वर्ष 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये दिए जाएंगे.

किसानों के बिजली सब्सिडी के लिए 20,485 करोड़ रुपये और शून्य ब्याज ऋण योजना के लिए 720 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके अलावा, कृषि क्षेत्र की योजनाओं के लिए 88,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है.

यशोदा दुहरण योजना के लिए पहले वर्ष में 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त, गायों की नस्लों में सुधार के लिए 600 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि ये योजनाएं मोहन यादव सरकार की दुग्ध क्षेत्र को बढ़ावा देने और पशुपालन समुदाय के वोटों को अप्रत्यक्ष रूप से आकर्षित करने की योजनाओं का हिस्सा है.

लाडली बहना योजना 2023 में BJP को चुनाव जिताने में निर्णायक साबित हुई थी. सरकार ने इसके लिए पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है. इस योजना के लिए अगले वित्तीय वर्ष में 23,882 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, क्योंकि मासिक भुगतान राशि 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई है.

देवड़ा ने कहा कि मध्य प्रदेश पहला राज्य है जहां रोलिंग बजट प्रणाली लागू है, जिसका अर्थ है कि 2027-28 और 2028-29 के बजट अनुमान 2026-27 के अनुमानों के साथ प्रस्तुत किए गए हैं.

शहरी इंफ्रास्ट्र्क्चर परियोजनाओं में पूंजी निवेश की योजना मुख्य रूप से ट्रस्टों और बाजार से धन जुटाकर की गई है. देवड़ा ने बताया कि बजट में GYANII यानी गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग क्षेत्र को विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है. इसके अलावा, बुंदेलखंड को पर्यटन विकास क्षेत्र के रूप में निर्धारित किया गया है.

राज्य सरकार पर कर्ज का बोझ अब तक के उच्चतम स्तर पर है, फिर भी सरकार ने 400 करोड़ रुपये में एक जेट विमान और 180 करोड़ रुपये में एक हेलीकॉप्टर खरीदने का प्रावधान किया है. सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती 2028 में होने वाले उज्जैन कुंभ के लिए बजट जुटाना भी है. बजट में इसके लिए 3,060 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन अनुमानित खर्च 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.

सभी विभागों की योजनाओं को एकीकृत करने का प्रस्ताव है, लेकिन इससे राज्य के अन्य क्षेत्रों में विकास के लिए पैसे की कमी हो सकती है.

Advertisement
Advertisement