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जब्त पैसे में हेराफेरी को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस पर क्यों उठ रहे सवाल?

सिवनी के बाद अब गुना में मध्य प्रदेश पुलिस को जांच के दौरान एक गाड़ी में 1 करोड़ रुपए मिले, जिसमें से 20 लाख रुपए अपने पास रखकर पुलिस ने गाड़ी को जाने की इजाजत दे दी

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
अपडेटेड 25 मार्च , 2026

अक्टूबर 2025 की घटना है, जब मध्य प्रदेश पुलिस ने सिवनी में वाहन चेकिंग अभियान के दौरान भारी कैश जब्त किया था. हैरानी की बात यह कि जब्त की गई करोड़ों की हवाला राशि का एक बड़ा हिस्सा पुलिस अधिकारियों ने अपने पास रख लिया था.

जब भ्रष्टाचार की यह घटना सामने आई, तो पूरे पुलिस महकमे में हंगामा मच गया. दरअसल, इस मामले में पुलिस ने जब्त की गई राशि को लेकर केस दर्ज नहीं किया और कथित तौर पर 50-50 फीसद के समझौते के बाद राशि का गबन किया.

इस मामले में राज्य सरकार ने 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था. अब इसी तरह का एक और मामला गुना में सामने आया है. इस तरह के आरोपों में गुना में 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 22 मार्च को इस मामले में सही से कार्रवाई नहीं करने के आरोप में गुना एसपी अंकित सोनी के तबादले का भी आदेश दिया.

नकदी की जब्ती और पुलिस के जरिए उस धन की हेराफेरी ने मध्य प्रदेश पुलिस के कामकाज पर बड़ा सवाल खड़ा किया है. सूत्रों के मुताबिक, 19 मार्च को गुना जिले के धरनावाड़ा पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने गुजरात में रजिस्टर्ड स्कॉर्पियो को जांच के लिए रोका. हालांकि, किसी पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन तलाशी में 1 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए, जिसमें से 20 लाख रुपए पुलिसकर्मियों ने वाहन मालिक को जाने देने से पहले अपने पास रख लिए.

सूत्रों के मुताबिक, ग्वालियर रेंज के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को गुजरात के एक IPS अधिकारी का फोन आया, जिन्होंने उन्हें घटना की जानकारी दी. मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारी ने ग्वालियर रेंज के DIG अमित सांघी को जांच के लिए भेजा. साथ ही एसपी अंकित सोनी को धरनावाड़ा स्टेशन हाउस ऑफिसर प्रभात कटारे, सहायक सब-इंस्पेक्टर साजिद हुसैन और कांस्टेबल देवेंद्र सिकरवार और राम सुंदर को निलंबित करने का आदेश दिया गया, जो घटना के समय ड्यूटी पर थे.

ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना ने बताया, “SDPO करेरा आयुष जाखड़ को घटना की जांच करने के लिए कहा गया है. शिकायतकर्ताओं, जो गुजरात के निवासी हैं, उनको भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा.”

गुना की घटना सिवनी जिले में हुई घटना की याद दिलाती है. बताया गया था कि यह पैसा हवाला ऑपरेटर से जुड़ा था, लेकिन पुलिस ने उसमें से एक बड़ी रकम हड़प ली थी. बाद में महाराष्ट्र के एक निवासी ने दावा किया कि यह पैसा उसका था और मध्य प्रदेश पुलिस ने उससे जबरन वसूली की थी. इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए और उन्हें जेल भेज दिया गया.

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