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पीएम मोदी का दौरा कैसे केरल में BJP के चुनाव अभियान को एक तगड़ी शुरुआत दे सकता है?

BJP पीएम मोदी की तिरुवनंतपुरम यात्रा से केरल की उन 35 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में आक्रामक अभियान छेड़ेगी जहां उसका अच्छा-खासा वोट है

PM paused his speech and acknowledged the boy.
पीएम मोदी केरल की जनसभा में भाषण देते हुए
अपडेटेड 23 जनवरी , 2026

तिरुवनंतपुरम नगर निगम की सत्ता पर कब्जा करके और इस तरह चार दशक से ज्यादा लंबी वामपंथी हुकूमत का खात्मा करके पहले ही BJP की खुशी का पारावार नहीं था, और अब 23 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस शहर की यात्रा ने उसकी खुशी में जोश और उत्साह की नई चिंगारी फूंक दी है. प्रधानमंत्री यहां विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का चुनाव अभियान शुरू कर रहे हैं.

BJP ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के चुनाव में 101 में से 50 सीटें जीतकर अपनी छाप छोड़ी. पार्टी की राज्य इकाई इसे 2024 के लोकसभा चुनाव में केरल में पहली बार त्रिशूर की सीट से जीत दर्ज करने के बाद जमीन पर अपनी मौजूदगी में धीमी बढ़ोतरी के तौर पर देख रही है.

इस मोड़ पर मोदी की यात्रा से विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में और ज्यादा जोश आने की उम्मीद की जा रही है. प्रधानमंत्री ने पुथारिकंदम मैदान में BJP के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और शहर में करीब दो घंटे बिताए. हवाई अड्डे से रैली के स्थल तक वे विशाल रोडशो करते हुए पहुंचे.

तिरुवनंतपुरम के नए मेयर वी.वी. राजेश ने कहा कि मोदी इस यात्रा में राजधानी शहर के लिए समग्र विकास परियोजनाओं की घोषणा कर सकते हैं. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा, “हम ऐसी पार्टी हैं जो लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधार लाने के लिए काम करने और नतीजे देने में विश्वास करती है. हमने वादा किया था कि अगर हमें वोट देकर (नगर निगम की) सत्ता में लाया जाता है, तो प्रधानमंत्री तिरुवनंतपुरम आएंगे और केरल की राजधानी को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित करने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करेंगे. हमने अपना वादा पूरा किया है.”

मोदी की यात्रा के साथ BJP आक्रामक चुनाव अभियान का श्रीगणेश करेगी, जिसका जोर उन 35 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों पर होगा जहां उसकी अच्छी-खासी वोट हिस्सेदारी है. मंसूबा यह है कि केरल के विकास की कमियों-खामियों को सामने लाया जाए और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) और कांग्रेस की अगुआई वाले विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) को ‘बेनकाब’ किया जाए. हाल के स्थानीय स्वशासन निकायों के चुनावों में BJP ने 14.7 फीसद वोट हासिल किए. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिहाज से इसका मतलब छह विधानसभा क्षेत्रों में बहुमत है. इसका मतलब 12 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी का दूसरे नंबर पर रहना और अन्य 18 निर्वाचन क्षेत्रों में अच्छा-खासा वोट हासिल करना भी है.

इंडिया टुडे के साथ एक बातचीत में BJP के पूर्व राज्य प्रमुख के. सुरेंद्रन ने कहा, “अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने की खातिर 36 निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी वोट हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हम आक्रामक कोशिश कर रहे हैं. केरल के लोग डबल इंजन की सरकार चाहते हैं. LDF और UDF दोनों सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा दे रहे हैं. प्रधानमंत्री के दूरदृष्टि-संपन्न मार्गदर्शन में BJP साफ-सुथरी सरकार का वायदा कर रही है.”

केरल मंदिर बचाओ समिति के उपाध्यक्ष जी.के. सुरेशबाबू के मुताबिक मोदी की यात्रा और राज्य के लिए उनका विकास का एजेंडा BJP के कार्यकर्ताओं के लिए “ट्रिगर पॉइंट ” का काम करेंगे. उन्होंने कहा, “केरल के लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनके लिए बेहतरीन नतीजे दे सके और ऐसी सरकार नहीं जो केंद्र के माथे दोष मढ़े. लोग उसी को वोट देंगे जो विश्वसनीयता के साथ वायदे पूरे करेगा.”

BJP ने 22 जनवरी को किटेक्स ग्रुप समर्थित ट्वेंटी20 राजनैतिक संगठन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल करके सबको चौंका दिया. ट्वेंटी20 के अध्यक्ष साबू जैकब और BJP के राज्य प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए इस फैसले का ऐलान किया. चंद्रशेखर ने कहा कि इस गठबंधन से केरल में BJP की चुनावी संभावनाएं मजबूत होंगी. ट्वेंटी20 के एर्नाकुलम जिले में अच्छे-खासे समर्थक हैं.

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